दुर्ग में मानवता के दूत:पिछले एक महीने में 200 से ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन, 1000 से ज्यादा मरीजों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया

भिलाई6 महीने पहले
दुर्ग-भिलाई में प्रवीण भूतड़ा कोरोना मरीजों को मुफ्त में एंबुलेंस और ऑक्सीजन कंसेट्रेटर उपलब्ध करा रहे हैं।

दुर्ग जिले में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। ऐसे में मरीजों को न तो समय पर ऑक्सीजन मिल पा रहा है और न ही एंबुलेंस मिल पा रही है। ऐसे में सिस्टम से हारे मरीजों को संजीवनी देने का काम दुर्ग शहर के रहने वाले प्रवीण भूतड़ा कर रहे हैं। वह न केवल गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया करा रहे हैं, बल्कि फ्री में एंबुलेंस भी उपलब्ध करा रहे हैं। वे पिछले एक महीने में 200 से ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन और 1000 से ज्यादा मरीजों को सही समय पर अस्पताल पहुंचा चुके हैं।

कहां से हुई शुरुआत
दुर्ग के रहने वाले प्रवीण भूतड़ा पहले शादी, पार्टी व अन्य समारोह के लिए टेंट की दुकान चलाते थे। लेकिन कोरोना ने उनके व्यापार को चौपट कर दिया, फिर वो आज कोरोना संक्रमण की चपेट में आए मरीजों के लिए सेवा कर रहे हैं। वे कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं। प्रवीण बताते है कि इसकी शुरूआत पिछले साल कोरोना काल में बड़े भाई के मार्गदर्शन में की थी। उस दौरान 5 ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन खरीदी और उसे मरीजों की सेवा में लगा दिया। इस बार कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार तेज हो गई। मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में हमने 20 नए ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन खरीदा और उसे मरीजों की सेवा में लगा दिया है।

ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन को कोरोना मरीजों को फ्री में उपलब्ध कराई जा रही है।
ऑक्सीजन कंसेट्रेटर मशीन को कोरोना मरीजों को फ्री में उपलब्ध कराई जा रही है।

कोरोना मरीजों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था
कोरोना मरीजों के लिए तीन एंबुलेंस भी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब ऑक्सीजन मशीन संचालित कर रहे थे। उसी दौरान पड़ोसी का फोन आया कि एंबुलेंस की जरूरत है। फिर एंबुलेंस के लिए कॉल किया तो चंदुलाल चंद्राकर कोविड केयर सेंटर ले जाने के लिए 4 हजार रुपए किराया मांगा। इसके बाद मैंने सोचा कि क्यों न मरीजों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की शुरू की जाए। फिर अपने दोस्तों के माध्यम से दो गाड़ियां मंगवाई और एक गाड़ी किराए से ली फिर तीनों गाड़ियों को एंबुलेंस बना दिया।

अपना मिशन सेव दुर्ग
प्रवीण ने बताया कि पिछले साल ही वेडिंग कार्पोरेशन के नाम से नया ऑफिस ओपन किया। लेकिन कोरोना काल की वजह से काम बंद हो गया। ऐसे में हमने अपने ऑफिस का नाम बदल कर मिशन सेव दुर्ग रख दिया है। हमारे यहां 8 से 14 कर्मचारी काम करते हैं। सभी कर्मचारियों को इस काम में लगा दिया। उन्होंने बताया कि जब तक कोरोना रहेगा, तब तक इसी तरह काम करते रहेंगे। क्योंकि भले पैसा नहीं कमा रहे हो, लेकिन लोगों की दुआएं कमा रहे हैं। हमारी तीनों एंबुलेंस दुर्ग-भिलाई के साथ ही रायपुर तक भी मरीजों को ले जाती है। सभी एंबुलेंस में GPS सिस्टम लगा है। इस पूरे सिस्टम को संचालित करने में एक दिन में करीब 20 हजार रुपए का खर्चा आता है। इस खर्चे को कुछ दोस्त मदद कर देते हैं, नहीं तो अपने घर से ही खर्च कर रहे हैं।

दुर्ग-भिलाई में कोरोना मरीजों के लिए फ्री में एंबुलेंस की सेवा मिशन सेव दुर्ग के माध्यम से की जा रही है।
दुर्ग-भिलाई में कोरोना मरीजों के लिए फ्री में एंबुलेंस की सेवा मिशन सेव दुर्ग के माध्यम से की जा रही है।

रोजाना कर रहे सेवा
ऑक्सीजन और एंबुलेंस के लिए रोजाना 200-250 लोगों के फोन आते हैं। इनमें से रोजाना तकरीबन 45 से 50 लोगों की ही मदद कर पाते हैं। क्योंकि इससे ज्यादा लोगों की मदद के लिए संसाधन नहीं है।

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