पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

76 साल की दादी ने कोरोना से जीती जंग:भिलाई की यास्मीन रहमान के हौसले को सलाम; 17 दिनों में ठीक होकर लौटी घर, डाक्टरों को कहा थैंक्यू

भिलाई2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दुर्ग की रहने वाली यास्मीन रहमान 17 दिनों में कोरोना से जंग जीतकर घर लौटीं हैं। - Dainik Bhaskar
दुर्ग की रहने वाली यास्मीन रहमान 17 दिनों में कोरोना से जंग जीतकर घर लौटीं हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना के बीच एक अच्छी खबर आई है। चंदूलाल चंद्राकर कोविड सेंटर में संक्रमित दादी 17 दिनों में कोरोना को मात देकर घर लौटी हैं। जब 76 साल की यास्मीन रहमान को सेंटर में भर्ती कराया गया था तो उनका ऑक्सीजन लेवल 77 पर था।

यास्मीन रहमान की कहानी

यास्मीन रहमान दुर्ग शहर के पद्यनाभपुर में रहती हैं। 2 अप्रैल को उन्हें कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद उनका उपचार शुरू किया गया और लगातार ऑक्सीजन दिया गया। ऑक्सीजन की सुविधा समय से मिल जाने की वजह से जल्दी रिकवर होने में मदद मिली। 17 दिनों के उपचार के बाद यासमीन अपने घर पहुंच गई।

परिजनों ने भी डॉक्टरों का जताया आभार

यास्मीन के बेटे नजमुल रहमान ने बताया कि हमारा पूरा परिवार चंदूलाल चंद्राकर कोविड अस्पताल के कोरोना वॉरियर्स के प्रति आभारी है, जिन्होंने इतने दिनों तक मां का ख्याल रखा। शुरुआत में जब उनका सैचुरेशन घटा तो 6 घंटे घर पर ही रखने का निर्णय लिया। लेकिन यह महसूस हुआ कि घर पर रखने के निर्णय से दिक्कत आ सकती है और मेडिकल सुपरविजन जरूरी है। फिर कोविड केयर सेंटर लाने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि अब मां हमारे साथ हैं। हमें पोस्ट कोविड केयर के बारे में भी डॉक्टरों ने बताया है। हम पोस्ट कोविड ब्रीदिंग एक्सरसाइज पर काम करेंगे। धीरे-धीरे मां की कमजोरी पूरी तरह दूर हो जाएगी।

निगम प्रशासन कर रहा मॉनिटरिंग

भिलाई नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि हॉस्पिटल की सुविधाओं में विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। यहां पर सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ऑक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध होने से मरीजों को काफी राहत मिल रही है। क्योंकि ऑक्सीजन लेवल गिरने से बहुत सारी दिक्कतें मरीज को आती है। ऑक्सीजन उपलब्ध होने से बहुत सारी समस्या हल होती है और इससे ट्रीटमेंट को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

खबरें और भी हैं...