रमन सिंह के नाम पर ठगी:मंत्रालय में नौकरी लगाने के नाम पर ठगे 8 लाख 70 हजार, 2017 में आरोपियों ने किस्तों में लिए रुपए; खुद को बताया था पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी

भिलाई5 महीने पहले
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पूर्व सीएम का करीबी बताकर ठगी करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। - Dainik Bhaskar
पूर्व सीएम का करीबी बताकर ठगी करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

रायपुर के दो लोगों ने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का खास बताकर दुर्ग के मॉडल टाउन, स्मृति नगर निवासी एक महिला से 8 लाख 70 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने पीड़ित महिला की बेटी को मंत्रालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपए ठगे। शिकायत के बाद आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस तरह से दिया झांसा
पुलिस ने बताया कि भिलाई के मॉडल टाउन निवासी गीतिका देवांगन ने अपनी बेटी योगिता देवांगन की नौकरी लगवाने के लिए रायपुर निवासी अनिल तिवारी और मनीष पांडेय को 8 लाख 70 हजार रुपए दिए थे। योगिता उस समय कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान 2017 में गीतिका की दोनों से मुलाकात हो गई। उन्होंने कहा था कि वे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के यहां काम करते हैं। उनकी मंत्रियों, अधिकारियों से अच्छी खासी जान-पहचान है। हम तुम्हारी बेटी की मंत्रालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवा सकते हैं।

दोनों के बातचीत करने के तरीके से गीतिका प्रभाव में आ गई। इसके बाद अनिल और मनीष ने अप्रैल 2017 से जुलाई 2017 के बीच किस्तों में रुपए लेने शुरू किए। करीब 9 लाख रुपए लेने के बाद भी दोनों योगिता को नौकरी नहीं लगवा पाए। रुपए वापस मांगने पर दोनों ने पहले तो गीतिका से बहाने बनाने शुरू किए, लेकिन जब बात बढ़ गई तो जान से मारने की धमकी देना शुरु कर दिया।

नहीं थी कोई पहचान
जब गीतिका को पैसे नहीं मिले और उसकी बेटी को भी नौकरी नहीं लगी तो उसने अनिल और मनीष के बारे में पता करना शुरू किया। मालूम हुआ कि वे लोग ना तो रमन सिंह के यहां काम करते थे और ना ही उनकी कोई मंत्रालय में जान-पहचान है। इसके बाद गीतिका पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी है।

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