पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आपदा को बनाया अवसर:दुर्ग के प्रोफेसर ने कोरोनावायरस पर लिखी 7 किताबें, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

भिलाई11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
प्रोफेसर शिवानंद कामड़े ने कोरोनावायरस पर सात किताब लिखकर अपना नाम गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। - Dainik Bhaskar
प्रोफेसर शिवानंद कामड़े ने कोरोनावायरस पर सात किताब लिखकर अपना नाम गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करा लिया है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पॉलीटेक्निक में प्रोफेसर शिवानंद कामड़े ने कोरोनावायरस पर सात किताबों को लिखकर अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान जब पूरी दुनिया बंद थी। तो उस समय प्रोफेसर कामड़े किताबें लिख रहे थे। इन किताबों को लिखने में करीब 8 महीनों का समय लगा।

कोरोना वायरस की किताबों में आखिर क्या

दुर्ग के रहने वाले प्रोफेसर शिवानंद कामड़े अब तक 88 से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं। कोरोना महामारी पर आधारित कोरोना आपदा प्रबंधन की किताब लिखकर कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। कोरोना वायरस बीमारी क्या हैं। यह एक से दूसरे लोगों तक किस तरह फैलती है। इसके क्या लक्षण क्या हैं। इस बीमारी से बचने के लिए किस तरह का इलाज और परहेज लोगों को करना चाहिए। इसकी संपूर्ण जानकारी इस किताबों में दी गई हैं।

किताबों में और क्या खास

कोरोनावायरस की किताब में बताया गया है कि यह बीमारी जहरीले जीव-जंतुओं को मारकर खाने वाले लोगों में फैली। सबसे पहले चीन में इसका जन्म हुआ। और जिस भी व्यक्ति में कीटाणु पाए गए है। उसके संपर्क में आने वाले लोगों से होते हुए इसका संक्रमण संपूर्ण विश्व में फैलता चला गया। प्रोफेसर शिवानंद का कहना है कि कोरोना पर सात पुस्तकें अब तक लिख चुके हैं। साथ ही पुस्तक में महाशोधम का भी विशेष जिक्र किया है। इससे किस तरह से उपयोग किया जाए। जिससे आसानी से कोरोना पर विजय पाया जा सकता है। इन्होंने कोरोना पर 100 गजल और 100 कार्टून के साथ कैप्शूल और कोरोना फोटो पत्रकारिता पर भी लिखा है।

  • कोरोना एक वैश्विक महामारी
  • कोरोना चिंतन
  • कोरोना फोटो पत्रकारिता
  • कोरोना शब्दावली
  • कोरोना कैप्सूल
  • कोरोना आपदा प्रबंधन
  • कोरोना पर 100 गजल का संग्रह
प्रोफेसर शिवानंद कामड़े द्धारा लिखित कोरोना वायरस की सात किताबें
प्रोफेसर शिवानंद कामड़े द्धारा लिखित कोरोना वायरस की सात किताबें

कोरोना पर गजल संग्रह

प्रोफेसर कामड़े बताते हैं कि गजल का नाम आता हैं, तो प्रेमी-प्रेमिका की याद आती है। लेकिन, कोरोनावायरस को सामने रखकर 100 गजलें लिखी हैं। गजल एक बहुत ही संवेदनशील पक्ष की ओर जाता है। कोरोना की वजह से जो मानवीय संवेदनाएं लोगों के सामने जो मरती हुई नजर आई। इतनी मौतें लोगों ने देखी की उनकी आंख की आंसू तक खत्म हो गए।

प्रोफेसर को अब तक मिले पुरस्कार

प्रोफेसर शिवानंद कामड़े ने बताया कि उनको अब तक चार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने विदेशों में भी गांधी जी पर प्रदर्शनी लगा चुके हैं। और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड से मेल आया कि आपका वर्क यूनिक है। और निश्चित रूप से यह सराहनीय है। किसी ने भी कोरोना पर सात किताबें नहीं लिखी थी। इसलिए इन किताबों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया। इसी संबंध में इंडिया ऑफ रिकॉर्ड भी दर्ज है, जो भारत की संस्था है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ रचनात्मक तथा सामाजिक कार्यों में आपका अधिकतर समय व्यतीत होगा। मीडिया तथा संपर्क सूत्रों संबंधी गतिविधियों में अपना विशेष ध्यान केंद्रित रखें, आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती हैं। अनुभव...

और पढ़ें