चोरी-लूट की 17 वारदात कर चुके 4 गिरफ्तार:दुर्ग-भिलाई में आतंक था इस गिरोह का; हथियारों से लैस युवक हाईवे पर लूटते थे मोबाइल और कैश, कुछ फरार सदस्यों की तलाश जारी

भिलाई9 महीने पहले
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पुलिस ने गुरूवार को गिरफ्तार युवकों और लूट की बरामद रकम, मोबाइल को मीडिया के सामने पेश किया। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने गुरूवार को गिरफ्तार युवकों और लूट की बरामद रकम, मोबाइल को मीडिया के सामने पेश किया।

दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से ट्विनसिटी में वाहन चोरी और छोटी लूट को अंजाम दे रहे थे। अभी तक इन युवकों ने 5 थाना क्षेत्र के 17 जगहों पर चोरी, लूट और मारपीट जैसी वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस को लूटे गए 12 महंगे मोबाइल और 3 बाइक जब्त की है। इसमें से एक बाइक चोरी की है।
रात 9 से 3 बजे के बीच करते थे वारदात
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य रॉड, चाकू और कटर लेकर निकलते थे। इसके बाद इन्हें जैसा शिकार मिल जाए उसे लूट लेते थे या सूना देख किसी मकान, दुकान में चोरी कर लिया करते थे। इन लोगों ने ज्यादातर वारदात रात 9 से तड़के 3 बजे के बीच ही की है।

चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। बाकी की तलाश जारी है।
चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। बाकी की तलाश जारी है।

CCTV कैमरे से ट्रेस हुए आरोपी
दुर्ग-भिलाई में हुई चोरियों के बाद पुलिस ने एक अलग टीम का गठन किया था। टीम ने घटना स्थल के आस-पास लगे CCTV कैमरे के फुटेज खंगाले। इसमें कुछ संदिग्ध दिख रहे युवकों की पहचान की गई। इसी समय पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक लड़का बैकुण्ठधाम के पास कुछ मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहा है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर लड़के को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील साहू बताया। उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथी बॉबी नायकर, दीपक नायकर, सूरज वर्मा, सूरज उर्फ गोल्डी के साथ मिलकर कई मोबाइल लूट चुका है। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों में मोबाइल सिक्योरिटी क्रैकर भी शामिल
आरोपियों ने बताया कि वे रात को एक जगह इकट्ठा होकर प्लानिंग करते थे, कि आज किस जगह वारदात करनी है। बाइक कौन चलायेगा और मोबाइल कौन लूटेग।, इसके बाद रात करीब 9 बजे प्लानिंग के तहत क्षेत्र में निकलकर अकेले पैदल चलते व्यक्ति, सुनसान इलाके में खड़े ट्रक के अंदर सो रहे चालक से मोबाइल व रुपए छीनकर भाग जाते थे। अगर कोई विरोध करता था, तो उसके साथ मारपीट भी करते थे। इतना ही नहीं इनके साथ एक ऐसा मास्टर माइंड साथी है, जो लूटे गए मोबाइल फोन के सिक्योरिटी क्रैक कर कोड खोलने में एक्सपर्ट है।
पकड़े गए आरोपी
एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि गिरोह में 6 लोग शामिल है, जिसमें से चार गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनके नाम सुनील साहू (23), सूरज वर्मा(19), बॉबी नायकर(22) और प्रभात कुमार (26) है, फरार आरोपियों में सूरज उर्फ गोल्डी(23) और दीपक नायकर(22) शामिल है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।

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