निकाय चुनाव के पहले खुलेगा विकास का पिटारा:मुख्यमंत्री भूपेश 18 नवंबर को करेंगे 177 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

भिलाई2 महीने पहले

दुर्ग जिले के तीन निकाय में भले ही चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ हो, मगर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने विकास का पिटारा खोलने की पूरी तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहां 18 नवंबर को 177 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इन विकास कार्यों को निकाय चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री भिलाई में महंगाई को लेकर पैदल मार्च कर चुके हैं।

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर को भिलाई, भिलाई-चरौदा, रिसाली एवं जामुल नगरीय निकायों में कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे। इस दौरान वे भिलाई नगरीय निकाय में 104 करोड़ रुपए के लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसी तरह सीएम भिलाई-चरौदा निगम में 40 करोड़ और रिसाली निगम में 27 करोड़ रुपए की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।

जामुल में 5 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 1.91 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन होगा। आने वाले दिनों में भिलाई, चरौदा औैर रिसाली नगर निगम में चुनाव होने हैं। सीएम के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में लगा हुआ है। मंगलवार को कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में तैयारियों की समीक्षा की है।

चेक वितरण भी होगा
इस मौके पर भिलाई निगम के अधिकारियों द्वारा 25 स्वसहायता समूहों को 30 लाख रुपए की राशि का चेक दिया जाएगा। श्रम विभाग 143 श्रमिकों के परिजनों को चेक वितरित करेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग भी अपने हितग्राहियों को सामग्री वितरित करेगा। मछली पालन विभाग मछली बीज एवं जाल आदि का वितरण करेगा।

कैनाल रोड निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का लोकार्पण
18 नवंबर को मुख्यमंत्री 28 करोड़ रुपए की लागत से बन रही कैनाल रोड का लोकार्पण भी करेंगे। कैनाल रोड की खूबसूरती और बढ़ जाए, इसके लिए सड़क के डिवाइडर में चंपा के खूबसूरत फूल लगाए गए हैं। इसके अलावा अधोसंरचना संबंधी अनेक मद एवं चौदहवें वित्त की राशि से महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। इसका भी लोकार्पण भिलाई में होगा।

सुरडुंग जलाशय की रिमाडलिंग का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री सुरडुंग जलाशय के शीर्ष एवं नहर की रिमाडलिंग एवं लाइनिंग के कार्य का भूमिपूजन भी करेंगे। वर्तमान में यह क्षतिग्रस्त हो जाने की वजह से जलाशय की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था। इसका कार्य पूरा हो जाने के बाद 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इस तरह लगभग 62 हेक्टेयर के अतिरिक्त रकबे में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो पाएगा।