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कांग्रेस की शहर सरकार बन चुकी है:कांग्रेस की जीत; परदे के पीछे नजर आया संगठन का मजबूत हाथ, राजनीतिक हल्कों में खासी चर्चा है

भिलाई21 दिन पहले
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पिछले दिनों हुए वार्ड चुनाव के बाद अब तीन निगमों भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा में कांग्रेस की शहर सरकार बन चुकी है। तीनों ही जगहों पर मेयर और सभापति कांग्रेस के ही चुनकर आए हैं। प्रदेश के बैकुंठपुर में कांग्रेस में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद इन तीनों निगमों में जीत के मायके कुछ अलग हैं। इसे लेकर राजनीतिक हल्कों में खासी चर्चा है। इसमें भिलाई-चरोदा में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, रिसाली में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के पुत्र जितेंद्र साहू और भिलाई में अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर किंगमेकर बनकर उभरे।

भिलाई में मुकेश चंद्राकर पार्षदों के बीच दिखे... दाऊ वासुदेव की दिलाई याद
पहली बार कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला। इसके पीछे नजर आए मुकेश चंद्राकर व विधायक देवेंद्र यादव। सरल और सौम्य छवि के मुकेश ने पार्टी को बिखरने नहीं दिया। दाऊ वासुदेव चंद्राकर के परिवार के ही एक सदस्य ने उस कार्यशैली की याद दिलाई.. जिसकी तूती पूरे प्रदेश में बोलती थी। यह मेयर और सभापति के लिए हुए अप्रत्यक्ष चुनाव के दिन भी दिखा। जिस कांग्रेस के पास 37 सीटें थी, उनके कैंडीडेट को 44 वोट मिले। जिस भाजपा को अपने संगठन पर पूरा भरोसा था.. उनके दो पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की।

रिसाली में जितेंद्र साहू ने संभाला मोर्चा, हर पार्षद को पूरे समय समझाते रहे
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के पुत्र व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जितेंद्र साहू पूरे समय जीतकर आने वाले पार्षदों के संपर्क में रहे। 40 वार्डों वाले रिसाली में कांग्रेस के 21 पार्षद जीतकर आए। 6 निर्दलीय ने समर्थन दिया। संख्या बल में 27 पार्षद थे। वहीं भाजपा के 12 पार्षद चुनाव जीतकर आएं। सिर्फ एक निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर अलग थीं। वे भाजपा की बागी रहीं। इसके बाद जितेंद्र ने अपने सभी पार्षदों को अमरकंटक में एक होटल में ले जाकर रखा। जहां पार्टी की रीति-नीति से अवगत कराते रहे। इसके चलते ही रिसाली में कांग्रेस की शहर सरकार बनी।

भिलाई-चरोदा से चैतन्य बघेल ने की लॉबिंग, निर्दलीयों को भी साधते रहे
भिलाई-चरोदा में कांग्रेस शहर सरकार बनाने में चैतन्य बघेल ने अहम सीढ़ी का काम किया। 40 वार्डों के निगम में कांग्रेस के 19 पार्षद जीतकर आए। इसके बाद चैतन्य ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर चुनाव मैदान में उतरे अपने साथियों को साधना शुरू किया। उन्होंने जीतकर आने वाले 5 पार्षदों को साथ लिया। जैसे ही चुनाव परिणाम सामने आए, सभी को रायपुर, फिर बिलासपुर, कवर्धा, बिलासपुर होते हुए भुवनेश्वर होते हुए पुरी ले जाना सुनिश्चित कराया। ताकि किसी भी पार्षद को दिक्कत न हो। लगातार सभी पार्षदों से संपर्क साधा।

प्रदेश पर्यवेक्षक को कार्रवाई की अनुशंसा
गुरुवार को भिलाई निगम के मेयर और सभापति चुनाव को लेकर कांग्रेस में हुए घटनाक्रम को लेकर जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने प्रदेश पर्यवेक्षक द्वारिकाधीश यादव से शिकायत की है। उन्होंने वार्ड-64 सुभद्रा सिंह को लेकर शिकायत की। सुभद्रा सिंह ने पार्टी के फैसले के विरुद्ध नामांकन दाखिल करने का प्रयास किया।

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