शोध पर काम जारी:दिल्ली आईआईटी से शंकराचार्य कॉलेज को शोध में मिलेगी मदद

भिलाई10 दिन पहले
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शंकराचार्य कॉलेज के रायपुर कैंपस में हुई बैठक में मिला प्रस्ताव। - Dainik Bhaskar
शंकराचार्य कॉलेज के रायपुर कैंपस में हुई बैठक में मिला प्रस्ताव।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने मेक इन इंडिया को सफल बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा देश की राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर अनेकों तरह के शोध पर काम जारी है। इसके तहत डॉ. आकाश सोंधी जो की आईआईटी दिल्ली द्वारा संचालित टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब( Cobotics ) के लीड रिसर्च प्रोग्राम्स के पद पर हैं।

उनका रायपुर स्थित शंकराचार्य कॉलेज आना हुआ। उन्होंने संस्थान के प्राध्यापकों को आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब द्वारा संचालित आई हब फाउंडेशन फॉर कोबॉटिक्स के बारे में बताया कि कैसे वहां रिसर्च लैब्स में शोध एवम भविष्य की टेक्नोलॉजीस के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे कोलोब्रेटिव रोबोटिक्स रिसर्च भारत जैसे देश के लिए इम्पोर्टेन्ट फील्ड है। सोंधी ने कहा कि हमारे पास एक बड़ा मैनपावर है। हम उसे मशीन के द्वारा नहीं हटा सकते, लेकिन कोबॉटिक्स की मदद से हम उनकी सक्षमता एवं प्रोडक्टिविटी को बढ़ा सकते। अभी कोबॉटिक्स का मुख्य रिसर्च रक्षा, एग्रीकल्चर, स्वास्थ एवं इंडस्ट्री के क्षेत्र में है। उन्होंने कहा की शंकराचार्य रायपुर भी रिसर्च और इनोवेशन में अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिसर्च को आगे बढ़ाने देश विदेश तक पहुंचाने में आईआईटी दिल्ली एवं कोबॉटिक्स उनकी मदद करेगा। छात्रों और उनके प्राध्यापकों के रिसर्च और इनोवेशन लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। संस्था के प्रिंसिपल डॉ आलोक कुमार जैन ने उन्हें बताया जब एआईसीटीई ने आइडिया लैब के लिए पूरे देश से 49 संस्थानों का चुना था। उसमे शंकराचार्य कॉलेज रायपुर भी शामिल था। एआईसीटीई एक्रिडिटेशन इस कॉलेज को मिला है।

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