डेंगू को हराने प्लान / सेक्टर-9 समेत 5 अस्पतालों में होगा डेंगू के मरीजों का उपचार, कैंप क्षेत्र के 5 हजार घरों में होगा डोर-टू-डोर सर्वे

भिलाई के कैंप क्षेत्र के घर में निगम का स्वास्थ्य कर्मी सैनिटाइज करता हुआ। भिलाई के कैंप क्षेत्र के घर में निगम का स्वास्थ्य कर्मी सैनिटाइज करता हुआ।
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भिलाई के कैंप क्षेत्र के घर में निगम का स्वास्थ्य कर्मी सैनिटाइज करता हुआ।भिलाई के कैंप क्षेत्र के घर में निगम का स्वास्थ्य कर्मी सैनिटाइज करता हुआ।

  • कलेक्टर ने आपात बैठक लेकर तय किए डेंगू के लिए अस्पताल

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:35 AM IST

भिलाई. कैंप-2 के संतोषी पारा में डेंगू का छह कन्फर्म मरीज मिलने के बाद जिला प्रशासन ने उसके इलाज के लिए जिले में पांच अस्पताल चयनित किया है। शनिवार को कलेक्टोरेट में हुई आपात बैठक के दौरान कलेक्टर अंकित आनंद ने इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने चयनित अस्पतालों के अलावा अन्य किसी अस्पताल में डेंगू के इलाज पर पाबंदी लगा दी है। सरकारी अस्पताल में इसके लिए सिर्फ जिला अस्पताल को ही चुना है। इस बैठक में कलेक्टर ने डेंगू के रोकथाम के लिए स्थानीय निकायों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है। बताया कि डेंगू के सभी मरीजों को ढूंढ़कर उनका क्विक इलाज और वायरस को बांटने वाले मच्छरों को खत्म कर ही बीमारी रोक सकते हैं। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और निगम को एक संयुक्त टीम बनाने को कहा हैं। एडल्ट मच्छरों को खत्म करने  जरूरी स्प्रे और फागिंग, सुबह और शाम (5 से 7 बजे के बीच) में करने को कहा है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र कैंप के 5000 घरों में डोर-टू-डोर सर्वे होगा।
जिला अस्पताल के हॉल को बनाया वार्ड
जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में अब निजी अस्पतालों जैसी सुविधा होगी। पूर्व में बने वार्ड को अस्पताल प्रशासन सभागार में शिफ्ट करेगा। फूली एयर कंडिशन इस वार्ड में 20 बेड लगाए जाएंगे। हर बेड में मच्छरदानी लगी होगी। कई जरूरी उपकरण लगा रहे हैं।
शनिवार को एक और संभावित मरीज मिला
शनिवार को भी डेंगू का एक संभावित मरीज मिला है। रैपिड किट से हुई जांच में एनएस-1 पॉजिटिव आने के बाद भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कन्फर्मेंट्री जांच के लिए सैंपल भेजा है। दवा लेने से बुखार नहीं उतरा तो परिजनों ने डेंगू की जांच कराई है। 
संतोषापारा में किशोरी को डेंगू होने की पुष्टि
दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती संतोषीपारा निवासी किशोरी को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। देर शाम उसकी कंफरमेंर्टी रिपोर्ट आने के बाद इसकी जानकारी मिली है। इलाज में सहूलियत के लिए इस बच्ची को भी चाइल्ड वार्ड से डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
इधर, निगम ने डेंगू के एडल्ट मच्छरों को मारने मंगाया कारगर कैमिकल
डेंगू बांटने वाले एडल्ट मच्छरों को खत्म करने देर से ही सही निगम अपग्रेड हो गया है। विशेषज्ञों की राय अनुसार उसने इसके लिए कारगर कैमिकल (पैराथ्रियाम) मंगा लिया है। पहली खेंप में टेंडर लेने वाली कंपनी 200 लीटर कैमिकल भेज रही है। शीघ्र ही उसी कैमिकल से फागिंग शुरू कर दी जाएगी। फागिंग के लिए अभी निगम डीजल के साथ  इनडोर रेसिडूवल कैमिकल(मेलाथियान) का मिश्रण इस्तेमाल कर रहा था। मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने उसके पास  सबसे प्रभावी कैमिकल (टेमीफास) है। घर-घर बांटने से पब्लिक उसका यूज कर रही है। लेकिन जो मच्छर एडल्ट हो गए हैं, उनपर कोई असर नहीं होता है। एडल्ट मच्छरों के लिए पिछले 8 सालों से मैलाथियान का इस्तेमाल होने से उनमें रजिस्टेंट डेवलप हो सकता है। लेकिन पैराथ्रियम यहां के लिए नया कैमिकल हैं, इसलिए उसका असर दूसरे कैमिकल की तुलना में ज्यादा होना तय है।
कैमिकल के संपर्क में आते ही गिरते हैं मच्छर
डीएमओ डॉ. एस के मंडल के अनुसार पायरेथ्रियम से फागिंग होने पर संपर्क में आने वाले मच्छर जमीन पर गिर जाते हैं। सबको न्यूरो पैरालिसी हो जाता है। आगे चलकर किसी को कांट नहीं पाने के कारण वह खत्म हो जाते हैं। इस कैमिकल की 1 लीटर मात्रा को 19 लीटर केरोसीन के साथ मिलाकर फागिंग करना, डीजल से ज्यादा प्रभावी होती है। मेलाथियान को यूज घरों की दीवारों और कोनों में स्प्रे करने के लिए किया जाता है।
मच्छरों को खत्म करने के लिए सभी कैमिकल

  • टेमीफॉस- लार्वा नष्ट करने के लिए (साफ पानी में डालने) 
  • मेलाथियान- एडल्ट मच्छरों के लिए (घरों में स्प्रे करने यूज)
  • पैराथ्रियम- एडल्ट मच्छरों के लिए (फागिंग में इस्तेमाल)

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