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कोरोना वायरस:दुर्ग जिले में रिकवरी में हुई बढौतरी, संक्रमण की दर 25 से 30 के बीच,पिछले 7 दिनों में 9616 लोग संक्रमित 141 की मौत

भिलाई5 महीने पहले
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दुर्ग जिले में रिकवरी रेट में बढौतरी देखी जा रही है। वहीं संक्रमण की दर 25 से 30 के बीच में बनी हुई है। - Dainik Bhaskar
दुर्ग जिले में रिकवरी रेट में बढौतरी देखी जा रही है। वहीं संक्रमण की दर 25 से 30 के बीच में बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोरोना को लेकर हालात चिंताजनक बने हुए है। जिले में पिछले सात दिन में कोरोना की औसत रिकवरी और संक्रमण दर घट व बढ़ रही है। 24 अप्रैल से लेकर इस महीने के आखरी दिन 30 अप्रैल तक कोरोना मरीजों का औसत रिकवरी दर करीब 169 प्रतिशत और संक्रमण दर 28 प्रतिशत रही है। वहीं हर रोज औसतन 18 लोगों की मौत भी हुई। 30 अप्रैल को जिले में 5502 सैंपल लिए गए, इसमें 1312 संक्रमित मिले हैं। वहीं 1794 मरीज ठीक होकर घर गए हैं। इसके अलावा भर्ती मरीजों में 20 की मौत हो गई।
कोरोनावायरस के मरीजों में रिकवरी में हुआ सुधार
दुर्ग जिले में रिकवरी रेट में सुधार देखने को मिल रहा हैं। लेकिन संक्रमण की दर लगातार घट व बढ़ रही है। 24 अप्रैल को संक्रमण की दर करीब 31 फीसदी रही। 25 अप्रैल को यह बढ़कर 35 फीसदी तक पहुंच गई। 26 अप्रैल को यह घटकर करीब 24 फीसदी आ गई। 27 अप्रैल को फिर से बढ़ा और 26 फीसदी आ पहुंची। 28 अप्रैल को यह बढ़कर 31 फीसदी आ गई। 29 अप्रैल को संक्रमण दर फिर कमी आयी करीब 27 फीसदी पर आ गई। और 30 अप्रैल को यह बढ़कर 24 फीसदी तक पहुंच गई।
रिकवरी रेट में तेजी से बढ़ौतरी, जांच बढाई गई
जिले में रिकवरी दर में तेजी से सुधार आ रहा है। लेकिन संक्रमितों की संख्या अब भी हर दिन एक हजार से ज्यादा है। इसके चलते प्रशासन ने लगातार जांच बढ़ाई है। हर दिन औसत 4000 से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे है। संक्रमितों के आसपास अन्य मरीजों की ट्रेसिंग भी की जा रही है। लेकिन संक्रमण की दर अब भी तय मानक 5 प्रतिशत से बहुत ज्यादा है। इस प्रकार जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है।

दुर्ग जिले में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
दुर्ग जिले में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

जिले में औसतन हर रोज 20 लोगों की मौत
अगर पिछले सात दिनों में देखें तो, हर दिन औसतन 20 लोगों की मौत हो रही है। 24 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक 141 लोगों की मौत हो चुकी है। मौत में भी कमी नहीं आ रही है। अप्रैल माह की 29 अप्रैल को सबसे कम 12 मौतें हुई थी।

तारीखमौत
24 अप्रैल23
25 अप्रैल21
26 अप्रैल20
27 अप्रैल24
28 अप्रैल21
29 अप्रैल12
30 अप्रैल20

खतरा अभी नहीं टला
लॉकडाउन के चलते कोरोना का संक्रमण जरूर कम हुआ है। लेकिन खतरा अब भी टला नहीं है। पूरे अप्रैल महीने में 1 हजार से ज्यादा मामले रोज सामने आ रहे हैं। संक्रमण की दर 25 से 30 के बीच बनी हुई है। जबकि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक 5 प्रतिशत में ही कोरोना को महामारी माना गया है। इस प्रकार अब भी पांच गुना से ज्यादा संक्रमण जिले में है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लॉकडाउन लगा दिया है। लोगों की जरुरतों को देखते हुए कुछ ढील हैं।
कोरोना वायरस से मौत के कारण
जिले में कोरोनावायरस के संक्रमण से लोगो की मौत हो रही हैं। मौतो के पीछे जानकार बताते है कि खुद लोग इसके लिए जिम्मेदार है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा0 बाल किशोर ने बताया कि अब कोरोनावायरस का पीक नीचे जा रहा है। इस लिए थोड़े से हालात सुधर रहे है। उन्होने बताया कि कोरोना मरीजों की मौत के पीछे 3 से 4 वजह हो सकती हैं। पहली वजह लोगो की लापरवाही है। दूसरी बड़ी वजह यह है कि लोग मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं। तीसरी वजह अपनी सफाई पर ध्यान नहीं देते है। और जब तक कोई जरुरी काम न हो तो घर से बाहर न निकलें।

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