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देश की जरूरत में 5% का योगदान:ऑक्सीजन उत्पादन में दुर्ग प्रदेश में अव्वल, रोज 295 मीट्रिक टन हो रहा उत्पादन

भिलाई20 दिन पहले
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उपलब्धि : जिले में बीएसपी के दो समेत कुल 4 प्लांट से हो रहा उत्पादन - Dainik Bhaskar
उपलब्धि : जिले में बीएसपी के दो समेत कुल 4 प्लांट से हो रहा उत्पादन
  • कोरोना की दूसरी लहर में अधिकतम 6600 मीट्रिक टन की जरूरत पड़ी थी
  • सिर्फ दुर्ग जिले ने 301 मीट्रिक टन उत्पादन कर सप्लाई की

कोरोना की दूसरी लहर में दुर्ग जिले ने 4 ऑक्सीजन प्लांट्स के साथ नया कीर्तिमान रचा है। प्रदेश में कोरोना के पीक के दौरान 110 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन हम उससे दोगुना 295 मीट्रिक टन उत्पादन रोज कर रहे।

इस तरह दुर्ग जिला ऑक्सीजन उत्पादन में प्रदेश में अव्वल बन गया है। प्रदेश के 29 ऑक्सीजन प्लांट में कुल 456 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन हो रहा, जिसमें 66% अकेले दुर्ग कर रहा। यहां बीएसपी का प्लांट ही प्रदेश की अधिकतम जरूरत के दोगुने ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है।

जरूरत के अनुसार प्रोडक्शन को जानिए

  • 110 मिट्रिक टन प्रदेश की जरूरत
  • 386 मिट्रिक टन- प्रदेश का प्रोडक्शन।
  • 6600 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की देशमें जरूरत
  • 7700 मिट्रिक टन- देश का प्रोडक्शन

नोट:-दूसरी लहर की अधिकतम जरूरत को दर्शाया गया है।

दुर्ग के सरकारी अस्पतालों में लगे 4 प्लांट 5 मिट्रिक टन उत्पादन करेंगे

प्रदेश के 28 जिलों में दुर्ग ऐसा है, जहां के 3 सरकारी अस्पतालों में दूसरी लहर के बाद हवा से मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट लगाए गए हैं। जिला अस्पताल में पहले से ऑक्सीजन प्लांट लगा है। कुल 4 प्लांट के द्वारा रोज 5 मिट्रिक टन ऑक्सीजन बनाई जा सकती है। प्रदेश के किसी भी जिले में ऑक्सीजन उत्पादन को लेकर सरकारी अस्पतालों में इस तरह के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस मामले में दुर्ग जिला सबसे आगे है।

जिला अस्पताल में 6500 व से. 9 में 20 हजार लीटर का प्लांट भी शामिल

हवा से मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट के अलावा दुर्ग जिले में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। सेक्टर 9 अस्पताल में 20000 लीटर और जिला अस्पताल में 6500 लीटर क्षमता वाला स्टोरेज टैंक लगा है। सेक्टर 9 के इस प्लान से पहले 500 बेड के लिए ऑक्सीजन दी जाती थी, अब इसे 850 बेड के लिए अपग्रेड कर दिया गया है। जिला अस्पताल सहित हर अस्पताल में अब ऑक्सीजन सप्लाई के 4 मोड हो गए हैं।

दुर्ग में 136 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जो 5 लीटर/मिनट ऑक्सीजन बनाएंगे

ऑक्सीजन के प्लांट के अलावा दुर्ग जिले में ऑक्सीजन देने का 3 मोड भी बन चुका है। यहां के सरकारी अस्पतालों में कुल 136 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। इस छोटी मशीन को पीएचसी लेवल के अस्पतालों में दिया गया है। प्रत्येक मशीन 5 लीटर ऑक्सीजन हर मिनट बनाती है। राज्य से इसकी सबसे ज्यादा आपूर्ति दुर्ग में की गई है। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑक्सीजन के मामले में तत्काल राहत दी जा सके।

दो अन्य प्लांट से भी उत्पादन

बीएसपी के अलावा ऑक्सीजन बनाने के दो और प्लांट दुर्ग में चल रहे हैं, जहां रोज 14 मिट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन किया जा रहा। दुर्ग जिला दूसरी कोरोना की दूसरी लहर में देश की अधिकतम जरूरत 6600 मीट्रिक टन में 5% ऑक्सीजन बनाने का योगदान दे चुका है। 99 मिट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन के कारण रायपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ गया है।

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