ज्योति कलश से लगी आग से लाखों का नुकसान:लक्ष्मी पूजा के लिए जलाई गई थी ज्योत, अचानक लगी आग से 2 लाख नकद और जेवर जल गए

दुर्ग22 दिन पहले
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आधे जले नोटों की जांच करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
आधे जले नोटों की जांच करती पुलिस।

दुर्ग में लक्ष्मी पूजा के बाद रखे गए ज्योति कलश से लगी आग में देवांगन परिवार के लाखों रुपए नगद व जेवर जल गए। घटना के बाद मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। मामला मोहन नगर थाना के शक्ति नगर इलाके का है।

मोहन नगर टीआई जितेंद्र वर्मा ने बताया कि घटना वार्ड 18 शक्ति नगर दुर्ग की है। यहां रहने वाले मिलिंद कुमार देवांगन (34) ने शिकायत की लक्ष्मी ज्योति कलश से लगी आग से उनके लाखों रुपए नगद व जेवर जल गए हैं। जांच करने पर पता चला कि मिलिंद ने 4 नवंबर की रात अपनी मां रुकमणी देवांगन के बगल से बने कमरे में लक्ष्मी पूजा की थी। विधिविधान से पूजा अर्चना करने के बाद उन लोगों ने एक ज्योति कलश जलाकर रखा था। रात में पटाखा फोड़ने के बाद सभी लोग सो गए। अगले दिन शुक्रवार सुबह उठकर देखा तो ज्योति कलश जल रहा था। इसके बाद सभी लोग अपने अपने काम पर लग गए।

आग से जले जेवर, प्लास्टिक के डिब्बे से चिपके हुए।
आग से जले जेवर, प्लास्टिक के डिब्बे से चिपके हुए।

दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब ज्योति कलश से आग बगल से रखे लकड़ी के रेक में लग गई। जब तक घऱ वाले कुछ समझ पाते रेक पूरी तरह जल गया। रेक के अंदर प्लास्टिक के डिब्बों में सोने व चांदी के जेवर और एक अलग प्लास्टिक के डिब्बे में 2 लाख 17 हजार रुपए नगद रखे थे। डिब्बों में आग लगने से जेवर प्लास्टिक में चिपक गए और पिघल गए। वहीं नगदी में 1 लाख 51 हजार पूरी तरह से जल गए और 66 हजार रुपए अधजले मिले। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कोरोना से पिता की मौत पर इंश्योरेंस से मिले रुपए भी जले

जांच अधिकारी एएसआई किरेंद्र सिहं ने बताया मिलिंद दुर्ग में ही सरकारी राशन की दुकान चलाता है। उसने बताया कि उसके पिता मनोहर लाल देवांगन की मौत कोविड से हो गई थी। इससे उनके इंश्योरेंस 70 हजार रुपए मिले थे जिसे उसने रुपए के डिब्बे में रखा था। शेष रकम किराए से चल रही दो गाड़ियों और उसकी कमाई की जमा पूंजी थी। आग लगने से पूरे के पूरे रुपए जलकर राख हो गए।