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लोकार्पण:पशुओं की पांच जेनेटिक बीमारियों की होगी जांच

भिलाई23 दिन पहले
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कृषि मंत्री ने किया कामधेनु विवि के वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन। - Dainik Bhaskar
कृषि मंत्री ने किया कामधेनु विवि के वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन।
  • कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने किया विवि में बने नवनिर्मित जैनेटिक स्क्रीनिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन

कामधेनु विश्वविद्यालय में राज्य का पहला जेनेटिक प्रयोगशाला बनाया गया है। यहां गोवंशीय पशुओं की पांच अनुवांशिक बीमारियों की जांच की जाएगी। साथ ही सीमैन का संरक्षण भी किया जाएगा और राज्य में विभिन्न स्थानों पर कृत्रिम गर्भाधान के लिए उसकी सप्लाई भी की जाएगी।

इससे पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाएगी। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कामधेनु विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा करने के दौरान नवनिर्मित जैनेटिक स्क्रीनिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उसका भ्रमण किया।

अब सेंपल लेकर करनाल हरियाणा नहीं भेजना पड़ेगा

अभी उन्नत किस्म के सांडों का सीमैन लेकर जांच के लिए हरियाणा के करनाल स्थित नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा जाता था। इसमें काफी समय लगता था। परिवहन और जांच में खर्च भी अधिक होते थे। अब अंजोरा में ही जेनेटिक स्क्रीनिंग लैब के बन जाने से पशुओं की बीमारियों की जांच यहीं हो सकेगी। इसमें समय, श्रम और पैसे तीनों की बचत होगी। साथ ही समय रहते पशुओं में पाई जाने वाली अनुवांशिक बीमारियों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने से रोका भी जा सकेगा।

लैब में इन पांच बीमारियों की की जाएगी स्क्रीनिंग

कामधेनु विवि के लैब में ब्लैड, डम्प्स, बीसी, फिक्सीड और सीवीएम इन पांच अनुवांशिक बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन सांडों में यह बीमारियां मिलेंगी, उन्हें प्रजनन कार्य से अलग रखा जाएगा सीमैन का कलेक्शन भी नहीं किया जाएगा।

इससे अनुवांशिक बीमारियों को फैलने से रोका जा सकेगा। उत्तम नस्ल के पशु प्राप्त करने का काम किया जा सकेगा। इसका निर्माण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से मिली राशि से अन्वेषक डॉ. असित जैन के मार्गदर्शन में बनाया गया है।

विवि के वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया

कृषि मंत्री ने कामधेनु विवि के सालभर की गतिविधियों पर केंद्रित वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन किया। इसमें विवि की समस्त गतिविधियों का समावेश किया गया है। इस अवसर पर कुलपति डॉ. एनपी दक्षिणकर, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम गीता, अधिष्ठाता डॉ. एसके तिवारी, प्रभारी कुलसचिव शशिकांत काले, निदेशक अनुसंधान एवं सेवाएं डॉ. ओपी मिश्रा, निदेशक शिक्षण डॉ. एसपी इंगोले, पशु अनुवांशिकी एवं प्रजनन विभाग के अध्यक्ष डॉ. के मुखर्जी आदि उपस्थित रहे।

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