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नया इंजन:फुली एसी युक्त इंजन दौड़ेगी पटरी पर, डिस्प्ले बोर्ड में दिखेंगे फॉल्ट, 120 की होगी रफ्तार

भिलाई10 दिन पहले
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  • बीएमवाई चरोदा पहुंचा डब्ल्यूएजी-12 श्रेणी का 9 अत्याधुनिक संसाधनों से लैस नया इंजन

बीएमवाई चरोदा से निकलने वाली गुड्स ट्रेनों में अब फुली एसी युक्त व अन्य संसाधनों से लैस इंजन लगाए जााएंगे। यह इंजन 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पर पटरी पर दौड़ेंगी। 12 हजार हॉर्स पावर वाले क्षमता इन इंजनों को चलाने के लिए ड्राइवरों को ट्रेनिंग दिया जा रहा। इस इंजन में लोको पायलट को गर्मी, अधिक धूल या अधिक नमी वाले स्थान पर भी ट्रेन को लेकर जाने में किसी तरह की दिक्कतें नहीं होगी। यह अधिक से अधिक ऊंचाई वाले स्थान पर भी 6 हजार टन आसानी से खींच सकेगा। अधिकतम 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से इसे चलाया जा सकेगा। इसे डब्ल्यू एजी -12 नाम दिया गया है। अभी मंडल में 9 इंजन आए हैं। इसे चलाने की ट्रेनिंग लोको पायलटों को दी गई है। ट्रेनिंग प्रक्रिया लगातार जारी है। ऑनलाइन ट्रेनिंग में इसकी थ्योरी बताई जा रही है। वीडियो जारी किया जाएगा। इसका प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा।

मिले जानकारी इसलिए इंजन में लगाए गए कैमरे
इंजन में एसी लगा है। इसमें नीचे की ओर एक कैमरा भी लगा है। इससे व्हील में किसी भी तरह की फाल्ट आने पर फौरन जानकारी मिल जाएगी। इससे फॉल्ट को दूर करके ट्रेन को चलाई जा सकेगी। यह पूरी तरह मेड इन इंडिया है। इसे भारत के बिहार के मधेपुरा में बनाया गया है। इसमें रिजनरेटिव ब्रेकिंग की सुविधा है।

ऊर्जा और समय दोनों की होगी इस इंजन से बचत
अफसरों के मुताबिक डब्ल्यू एजी -12 इलेक्ट्रिकल लोकोमोटिव यूनिट की गति इन दिनों चल रहे इंजन की तुलना में दो गुना है। इन दिनों चल रहा इंजन डब्ल्यूएजी- 9 लोकोमोटिव है। नए इंजन की क्षमता पुराने इंजन से दो गुनी है। इसकी गति भी अधिक है। ट्रेन में फॉल्ट आने पर दूसरी यूनिट से पूरी क्षमता से काम लिया जाएगा।

लांग हॉल की स्थिति में भी 1 हजार यूनिट प्रेशर बनाए
यह इंजन लांग हॉल की स्थिति में भी एक हजार यूनिट का प्रेशर बनाए रखेगा। इससे अधिक वजन को आसानी से खींचा जा सकेगा। इसके लिए इसमें एक हजार लीटर वाले रिजरवायर लगाए गए हैं। इससे यह एक अनुपात 150 की तीव्रता वाली ऊंचाइयों में भी आसानी से 6000 टन वजन खींच लेगा। भविष्य में 800 ऐसे लोकोमोटिव चलाए जाने की संभावना है। भविष्य में और अधिक रनिंग स्टॉफ मेंबर्स को इस लोको का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे काम के निष्पादन में और अधिक निश्चितता आने की उम्मीद है। इस इंजन का उपयोग अगले 15 दिनों में शुरू किए जाने की तैयारी की गई है। इसके तहत ही ट्रेनिंग दी जा रही।

जानिए लाए गए इन नए इंजन की विशेषताएं

  • 12000 हार्स पावर की क्षमता है नए इंजन की।
  • 9 इलेक्ट्रिकल लोकोमोटिव मंडल में मंगाए गए।
  • 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ेगा।
  • 6000 टन वजन भी आसानी से खींच लेगा।
  • 800 ऐसे इंजन चलाने का लक्ष्य भविष्य में है।

बीएमवाई चरोदा में दिया जा रहा है प्रशिक्षण
नए इंजन को मधेपुरा से लाने के बाद बीएमवाई में रखा गया है। यहां पर गुड्स ट्रेनों के लोको पायलटों को इसकी विस्तार से जानकारियां दी जा रही हैं। इसे ऑपरेट करने समेत इसके डिसप्ले बोर्ड समेत कैमरे, एसी कैब का सिचुवेशन आदि के बारे में बताया जा रहा है। कोविड -19 के कम्युनिटी स्प्रेड को देखते हुए पहले इसकी ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।

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