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तीसरी लहर से पहले डॉक्टर्स अलर्ट:6 माह तक के बच्चों को कराएं ब्रेस्ट फीडिंग इससे अधिक उम्र वालों को दें घर का भोजन

भिलाई6 दिन पहले
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  • बच्चों को पैक्ड फूड कम मात्रा में खिलाए, इससे कम होती इम्युनिटी

कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। लेकिन इससे डरने की बात नहीं है। क्योंकि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने वाली है। विशेषज्ञ संभावित तीसरी लहर में भी इम्युनिटी को ही कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर हथियार बता रहे हैं।

इसके लिए उन्होंने 6 माह तक के बच्चाें काे ब्रेस्ट फीडिंग कराने और उससे बड़ों को घर का बना ताजा भोजन देने की सलाह दी है। दैनिक भास्कर ने इसे लेकर अलग-अलग डॉक्टर्स से बात की है। इसके बाद उन्होंने यह सलाह जारी की है। उनके मुताबिक बाहर के बने पैक्ड फूड (जंक व फास्ट फूड दोनों) काेराेना काल में बच्चाें के लिए सबसे अधिक खतरनाक हैं। इनसे बच्चे बीमार पड़ सकते हैं, जिससे उनकी इम्युनिटी और कम हो जाती है। इन डाॅक्टरों ने काेरोना काल के दौरान बच्चों को छूट गए टीके लगाने की सलाह दी है।

दोनों लहरों में कुल 1714 बच्चे संक्रमित
पहली लहर में 279 और दूसरी में 1435कोरोना के दोनों लहरों में जिले के कुल 1714 बच्चे संक्रमित हुए हैं। इसमें 25 मार्च 2020 से शुरू हुई पहली लहर में जिले के 279 बच्चे संक्रमित हुए थे और मार्च 2021 से शुरू हुई दूसरी लहर बच्चों के लिए पहली से ज्यादा संक्रामक साबित हुई। क्योंकि इस लहर के 60 दिनों में ही 1435 बच्चे संक्रमित हो गए हैं।

तीसरी लहर से बच्चों को बचाने हमें क्या करना होगा जानिए सवाल हमारे, जवाब बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपेश अग्रवाल के

तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। बच्चे कैसे सेफ होंगे‌?
कोई भी बीमारी उन्हीं के लिए खतरनाक होती है, जिनकी इम्युनिटी कम हाेती है। बीमारी से बचने बच्चाें के केस में इम्युनिटी बढ़ाना और भी जरूरी है।

6 माह तक के बच्चे कुछ खा-पी नहीं सकते हैं। उनके लिए क्या करना हाेगा?
6 माह तक के बच्चाें के लिए मां का दूध ही अमृत है। इससे छोटे बच्चाें काे संक्रमण से बचाया जा सकता है।

जाे बच्चे खाना खा रहे हैं, उनके लिए क्या करें, बजार में बहुत वस्तुएं मिल रही हैं?
किसी भी उम्र के बच्चे के लिए पैक्ड फूड (जंक व फास्ट फूड दोनों) हानिकारक हैं। इम्युनिटी के लिए ऐसे बच्चों को घर का बना ताजा खाना ही देना चाहिए।

केवल खान-पान सही करके ही क्या हम तीसरी लहर से बच्चों को सेफ कर लेंगे ?
नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है। अब तक की दो लहरों में संक्रमण पहले से ज्यादा बढ़ा है। बच्चों का नियमित टीकाकरण जरूरी है।

एक साल से कोरोना है, काफी बच्चों का टीका छूट गया है, वे कैसे लगवाएंगे ?
कोरोनाकाल में जिन बच्चों का टीका छूट गया है। वह किसी पिडियाट्रिक से संपर्क कर टीका लगवा सकते हैं।

कोरोना व सामान्य फ्लू के लक्षण समान हैं, बच्चे कुछ बताते नहीं। मुश्किल होगी?
जी यह बिल्कुल सही है। इसलिए हम हर बच्चों को फ्लू (इंफ्लूएेंजा) का टीका लगवा लेने की सलाह दे रहे हैं। ताकि बुखार आए तो कोरोना फोकस होना पड़े।

सरकारी अस्पतालों में निमोकोकल वैक्सीन लगने जा रही है। यह कितना लाभदायक है?
निमोकोकल वैक्सीन निमोनिया के लिए होती है। इससे निमोनिया का खतरा कम होगा।

कैसे हम जाने की हमारे बच्चे को कोरोना हो गया है, तीसरी लहर में लक्षण कैसे होंगे ?
दो लहरों में बुखार, खांसी कामन लक्षण रहा है। उल्टी-दस्त भी हुई है। बच्चा सुस्त है, दूध पीना या खाना छोड़ दिया हो तो तत्काल डॉक्टर से मिलें। घर पर रहकर खुद बच्चे का इलाज न करें।

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