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उत्तराखंड में फंसे भिलाई के 55 टूरिस्ट:भूस्खलन और भारी बारिश के बीच नैनीताल के पास फंसे लोगों को स्कूल में किया गया शिफ्ट

दुर्ग3 महीने पहले
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते वहां की स्थिति बिगड़ गई है।

भिलाई से उत्तराखंड घूमने गए 55 टूरिस्ट तेज बारिश और भूस्खलन में फंस गए हैं। इस बात की जानकारी होने के बाद से राज्य सरकार लगातार उत्तराखंड प्रबंधन से संपर्क में है। दुर्ग कलेक्टर डॉ. एसएन भूरे ने बताया कि सभी 55 टूरिस्ट सुरक्षित हैं। नैनीताल कलेक्टर से बात करके सभी को वहीं एक स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। इधर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यात्रियों को निकालने के लिए मुख्य सचिव और दुर्ग कलेक्टर को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि वे उनकी सुरक्षित वापसी के लिए उत्तराखंड प्रशासन के सम्पर्क में रहे।

भिलाई से 14 अक्टूबर को 55 लोग उत्तराखंड घूमने के लिए गए थे। ये सभी नैनीताल व आसपास के क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन में फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी टूरिस्ट कसौली से नैनीताल के बीच कैंची धाम के पास फंसे हुए हैं। दुर्ग जिला प्रशासन ने नैनीताल और कसौली के अधिकारियों से चर्चा कर उनकी पूरी जानकारी ली है। दुर्ग कलेक्टर के मुताबिक भिलाई से गए सभी टूरिस्ट सुरक्षित हैं। किसी को कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। सभी टूरिस्ट के सुरक्षित एक स्कूल में ठहरा दिया गया है। जैसे ही बारिश रुकती है और रास्ता साफ होता है वह लोग सुरक्षित अपने घर पहुंच जाएंगे।

एरोबिक्स क्लास में बना था प्लान

सिंधिया नगर भिलाई के रहने वाले प्रसनजीत दास सिंपलेक्स कास्टिंग कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सुमन (49 वर्ष) बेटी रितिका (24 साल) और दीशिका (14 साल) सभी सेक्टर 8 में रूही मिश्रा से एरोबिक्स सीखते थे। वहां और भी लोग आते हैं। सभी ने ग्रुप बनाकर नैनीताल का टूर बनाया था। 14 अक्टूबर को 4 बच्चे, 44 महिलाएं व 7 पुरूष सहित 55 लोग घूमने निकले। सभी 14 को दुर्ग स्टेशन से राजधानी एक्सप्रेस में बैठकर दिल्ली पहुंचे फिर वहां से बस कर 15 अक्टूबर को नैनीताल घूमने निकले। नैनीताल घूमने के बाद अगले दिन कसौली गए और कसौली से वापस नैनीताल आ रहे थे। इसी समय रास्ते में कैंची धाम के पास तेज बारिश में यह लोग फंस गए। इनके पास ना अभी खाने के लिए कुछ और ना ही संपर्क का कोई जरिया। इन्हें एक छोटे से स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों को हल्की-फुल्की चोटें भी आई हैं।

सांसद से मदद मांगने पहुंचे परिजन

वहां फंसे लोगों ने दुर्ग में रहने वाले अपने परिजनों को मैसेज कर मदद की मांग की। इस मैसेज के बाद परिजन लोकसभा के सदस्य विजय बघेल के पास मदद के लिए पहुंचे। बघेल ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया है। सबसे पहले प्रसन्नजीत दास जो रसमड़ा स्थित सिंपलेक्स कंपनी में काम करते हैं उन्हें मोबाइल से मैसेज किया गया कि उन्हें तत्काल मदद की जरुरत है। प्रसन्नजीत ने सांसद को बताया कि पिछले 20 घंटे से उनके घर वाले और बच्चे वहां फंसे हुए हैं। भूस्खलन के कारण और मोबाइल चार्ज नहीं होने से उनसे बात नहीं हो पा रही है।भिलाई इस्पात संयंत्र के बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने भी सांसद से मिलकर केंद्र सरकार की मदद से सभी को वहां से भिलाई पहुंचाने कहा है।

तीन दिनों से हो रही है मूसलाधार बारिश
उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। राज्य के मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि बुधवार से लगभग सभी जगह मौसम साफ हो जाएगा। मूसलाधार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन भी हुआ है। इससे कई शहरों में काफी नुकसान भी हुआ है। उत्तराखंड से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 48 घंटे बारिश के चलते 23 लोगों की मौत हुई है। अकेले कुमाऊं में ही 17 लोगों की मौत की खबर है। इसके अलावा नैनीताल में 13, अल्मोड़ा में 4, उधमसिंह नगर और अल्मोड़ा में 1-1 लोग लापता हैं। पौड़ी में भी 3, चंपावत में 2 और पिथौरागढ़ में 1 व्यक्ति की मौत होने की जानकारी मिल रही है।