प्रक्रिया शुरू:लीव इनकैशमेंट योजना को नहीं मिल रहा रिस्पॉन्स

भिलाई20 दिन पहले
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  • वेतन समझौते के इंतजार में बीएसपी कर्मचारी, निर्णय के बाद ही योजना पर करेंगे विचार

7 साल बाद सेल प्रबंधन ने एक बार फिर अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन कर्मी फिलहाल इससे रिस्पांस नहीं कर रहे हैं। वे वेतन समझौते का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही इस स्कीम में अपनी छुट्टियों को बेचने के लिए आवेदन करेंगे ताकि अधिक लाभ मिल सके।

सात साल बाद शुरू हुई अवकाश नगदीकरण योजना (ईएल इनकैशमेंट) के लिए अधिकारी-कर्मचारी 13 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। आवेदन ऑनलाइन दिया जा रहा है। जिसके लिए ई सहयोग में ईएल इनकैशमेंट एप्लीकेशन दी गई है। स्कीम 4 सितंबर से प्रभावशील की गई है। वर्ष 2015 में सेल की माली हालत खराब होने पर प्रबंधन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कई सुविधा पर रोक लगा दी थी। उसमें ईएल एनकैशमेंट सुविधा भी शामिल थी। इस सुविधा के बंद होने से कार्मिकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा था। 4 अक्टूबर की बैठक ने वेज रिवीजन को लेकर कोई नतीजा नहीं निकलने पर सदस्य यूनियनों ने प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए 8 अक्टूबर को संयंत्रों के गेट के सामने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। बाद में प्रबंधन ने बैठक की तारीख की घोषणा कर दी।

21 अक्टूबर को होगी एनजेसीएस की बैठक
4 अक्टूबर को वेज रिवीजन को लेकर कोर ग्रुप की सेल प्रबंधन के साथ सहमति नहीं बन पाने के कारण बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी। अब सेल प्रबंधन ने 21 अक्टूबर को एक बार फिर बैठक बुलाई है। दिल्ली में आयोजित पहली बैठक सुबह 11 बजे कोर ग्रुप के साथ होगी। दोपहर 2.30 बजे से फुल एनजेसीएस की बैठक रखी गई है। सोशल मीडिया में तो 27.5 प्रतिशत पर्क्स में दोनों पक्षों में सहमति बनने की संभावना को लेकर चर्चा जोरों पर है।

कर्मचारी 50% छुट्टी का कर सकते हैं नकदीकरण
ईएल स्कीम के तहत कार्मिक कुल ईएल का 50 प्रतिशत या 30 दिनों में से जो भी कम हो, उसका नगदीकरण करा सकते हैं। इस बार स्कीम को लेकर खास बात यह है कि पूर्व में 270 से अधिक ईएल जमा होने पर ही भुगतान की सुविधा दी गई थी, इस बार उस शर्त को भी हटाकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ईएल एनकैशमेंट की पात्रता दी गई है। लेकिन इस ओर कर्मचारी रूचि नहीं दिखा रहे हैं। फिलहाल प्रबंधन योजना की खासियत बताते हुए उन्हें लाभ दिलाने प्रयास कर रहा।

इधर आवेदन करने को लेकर कर्मी भी पशोपेश में
अवकाश नकदीकरण को लेकर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुए महीना बीत चुका हैं लेकिन अभी तक महज 10 फीसदी कर्मियों ने ही अवकाश नकदीकरण के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में भी ज्यादातर ऐसे हैं जिन्हें लग रहा है कि प्रबंधन कभी भी योजना बंद कर सकता है। वही बाकी कर्मियों को लग रहा है कि वेज रिवीजन के पहले छुट्टियां बेचने से उन्हें घाटा हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए कर्मचारी योजना का लाभ उठाने से हिचकिचा रहे हैं।

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