मतदाताओं ने बदली किस्मत:खाना बनाने का काम करने वाली ममता बनी पार्षद जामुल में मां-बेटी दोनों जीते, चरोदा निगम में पत्नी जीतीं-पति हारा

भिलाई5 महीने पहले
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ममता यादव पार्षद पद पर चुनाव जीत गई हैं, 24 साल से दूसरों के घर में खाना बना रहीं, कहा-आगे भी बनाऊंगी। - Dainik Bhaskar
ममता यादव पार्षद पद पर चुनाव जीत गई हैं, 24 साल से दूसरों के घर में खाना बना रहीं, कहा-आगे भी बनाऊंगी।

जिले के चार निकायों भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल में गुरुवार को पार्षदों का निर्वाचन हुआ। चुनाव के दौरान रिसाली निगम के वार्ड 4 रुआबांधा पूर्व से ममता यादव पार्षद पद पर चुनाव जीत गई हैं। उन्हें कांग्रेस ने टिकट देकर मैदान में उतारा था। ममता यादव राजनीति में प्रवेश करने के पूर्व घरों में खाना बनाने काम करती हैं। जामुल में मां-बेटी चुनाव जीत गई हैं, वहीं चरोदा में पति-पत्नी में पत्नी ही चुनाव जीत पाईं।

24 साल से दूसरों के घर में खाना बना रहीं, कहा-आगे भी बनाऊंगी
भास्कर से बात करते हुए ममता यादव के पति ललित यादव ने बताया कि 24 साल पहले शादी के बाद रुआबांधा आई। 9वीं तक पढ़ाई की है। स्वभाव से स्वाभिमानी होने की वजह से खाली बैठना उसे गवारा नहीं था। लिहाजा गांव से ही परिचित और भिलाई सेक्टर 10 में रहने वाले शर्मा परिवार के यहां खाना बनाने का काम करने लगी। पिछले 24 साल से वे इस घर में खाना बनाने व अन्य छोटे-मोटे काम कर रही हैं। चार साल पहले मितानिन के काम के लिए भी उसका चयन हो गया। उसके बाद भी वह खाना बनाने का काम नहीं छोड़ा। हालांकि इसकी वजह से शर्मा परिवार के साथ घरेलू संबंध होना भी रहा।

जामुल में मां व बेटी ने जीता, मां ने कांग्रेस व बेटी ने निर्दलीय होकर बाजी मारी
जामुल नगर पालिका परिषद में मां और बेटी पार्षद बन गई है। वार्ड क्रमांक 12 से सुनीता चेन्नेवार ने जीत दर्ज की है जो वार्ड क्रमांक 8 की निर्दलीय प्रत्याशी निशा चेन्नेवार की मां है। सुनीता चेन्नेवार कांग्रेस प्रत्याशी हैं। निशा चेन्नेवार ने वार्ड क्रमांक 8 से कांग्रेस पार्टी से टिकट मांगी थी। पार्टी ने एक ही परिवार के दो लोगों को टिकट देने में असमर्थता जाहिर की। उसके बाद निशा ने निर्दलीय ही चुनाव मैदान में लड़ने का फैसला किया। निशा चुनाव जीतकर निकली तो वह बोली कि मैं कांग्रेस पार्षद की बेटी हूं। इसलिए कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ी हुईं है। मां सुनीता राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

पूर्व पार्षद पति हारा लेकिन उसकी पत्नी जीतीं
भिलाई-चरोदा में पति और पत्नी दोनों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। दोनों में से पति लावेश मदनकर हार गए। वहीं उनकी पत्नी शारदा मदनकर जीत गईं। लावेश बजरंग पारा वार्ड से निर्दलीय चुनाव लड़े रहे थे। शारदा मदनकर ने गांधीनगर वार्ड से चुनाव लड़ा और अपने प्रतिदंिद्धयों को हराने में सफल हुईं। दोनाें के वार्ड एक दूसरे से लगे हुए हैं। खास बात यह है कि दोनों को एक दूसरे का चुनाव लड़ने में ऐतराज था और इसे लेकर विवाद भी हुआ। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और चुनाव लड़े।

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