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  • More Than 102 Positive Prisoners In Khairagarh Subdivision Of Central Jail Durg And Rajnandgaon, So Far Three Prisoners Have Died Due To Infection, More Than 2000 Prisoners In Both Jails, Chhattisgarh

कोरोना का जेलब्रेक:दुर्ग और खैरागढ़ जेल में 102 से ज्यादा कैदी पॉजिटिव, अभी तक तीन कैदी संक्रमण से दम तोड़ चुके हैं; दोनों जेलों में 2000 से अधिक बंदी

दुर्गएक महीने पहले
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग केन्द्रीय जेल में कोरोना का संक्रमण पहुंच गया है। जेल के डॉक्टर एचएन चौबे समेत 27 कैदी संक्रमित मिले हैं। अभी जेल में 1900 कैदी हैं। इसके अलावा कई कैदियों को सर्दी खांसी और बुखार भी है। वहीं राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ उपजेल में भी 75 कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस उपजेल में 180 विचाराधीन कैदी बंद है।

केन्द्रीय जेल व राजनांदगांव की उपजेल में कोरोना

दुर्ग संभाग की केन्द्रीय जेल दुर्ग व राजनांदगांव जिले की उपजेल खैरागढ़ में कैदी कोरोना संक्रमित होने शुरू हो गए है। अब तक दोनो जेलों में 102 से अधिक कैदी कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं, और जेल में बंद एक महिला और एक बुजुर्ग कैदी की कोरोना से मौत भी हो चुकी है। वहीं केन्द्रीय जेल दुर्ग के डॉ एचएन चौबे समेत 27 बंदी संक्रमित मिले हैं। जेल प्रशासन ने करीब 400 कैदियों की कोरोना जांच कराई है। बहुत से कैदियों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। आंकड़ा और बढ़ सकता है। अभी भी कई कैदी बुखार व सर्दी खांसी से पीड़ित हैं।

केन्द्रीय जेल दुर्ग के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्रीय ने बताया कि जिला अस्पताल से एक डॉक्टर इन कैदियों के इलाज के लिए आ रहे हैं। वहीं, राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ उपजेल में 75 बंदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उप जेल में सप्ताह भर से कैदियों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार रात को एक विचाराधीन कैदी की कोरोना से मौत हो गई। उप जेल खैरागढ़ में फिलहाल 180 विचाराधीन कैदी हैं। जेल प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए लक्षण वाले मरीजों को अलग-अलग बैरक में रखने का दावा किया है।

केन्द्रीय जेल दुर्ग में कोरोना

यह बताया जा रहा है कि केन्द्रीय जेल में संक्रमितों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो सकती है। मार्च 2021 से अब तक करीब 400 कैदियों का कोरोना टेस्ट कराया गया। करीब 150 संदेहियों को आइसोलेट किया गया है। केन्द्रीय जेल में सजायाफ्ता व विचाराधीन करीब दो हजार कैदी हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वहां कैदियो के उपचार में परेशानी हो रही है। जेल में दो डॉक्टर पदस्थ हैं। इनमें से डॉक्टर निशांत ठाकुर पीजी कर रहे हैं। इसलिए नहीं आ रहे हैं। डॉक्टर एचएन चौबे स्वयं कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इस वजह से अवकाश पर हैं। लेकिन, जेल अधीक्षक बताते हैं कि सभी कैदियों के लिए जेल में ही व्यवस्था की गई है, जहां पर उनका उपचार किया जा रहा है। लेकिन जो ज्यादा गंभीर होते हैं, उनका उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।

कैदी फोन पर बता रहे हैं अव्यवस्था

जेल प्रशासन ने कैदियों के लिए उनके परिवार से बातचीत करने टेलिफोनिक सुविधा दी है। जिससे कैदी अपने परिजनों से बातचीत कर सकते हैं। क्योंकि इस समय सीधे कैदियों से मुलाकात पर रोक लगी है। पता चला है कि फोन पर कुछ कैदियों ने अपने परिजनों को बताया है कि जेल के अस्पताल में भारी अव्यवस्था है। उनका सही तरीके से उपचार नहीं हो पा रहा है।

जिम्मेदार कहते हैं

केंद्रीय जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्रीय बताते हैं कि जेल के अंदर 27 एक्टिव कोरोना मरीज हैं। पिछले महीने कोरोना संक्रमण से एक महिला और बुजुर्ग की मौत हो गई। जेल के चिकित्सक संक्रमित हो गए हैं। जेल में ही कोविड सेंटर बनाकर वहां कोरोना पीड़ित कैदियों को रखा जाता है, अगर ज्यादा परेशानी होती है, तो उन्हें अन्य अस्पताल में भेजा जाता है। अभी स्थिति सामान्य है, जो भी कैदी आते हैं, उनका पहले टेस्ट किया जाता है। फिलहाल अभी उपचार के लिए जिला अस्पताल से डॉक्टर आ रहे है।

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बाल किशोर ने बताया कि जेल में दो डॉक्टरों की पोस्टिंग है। लेकिन, वहां पर एक ही डॉक्टर ड्यूटी कर रहा है। केन्द्रीय जेल से सोमवार को एक कैदी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसका इलाज किया जा रहा है।

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