आंकड़े कहते हैं:कोरोनाकाल में ऑनलाइन ठगी की 1500 से ज्यादा शिकायतें; एफआईआर सिर्फ 36 मामलों में, इसमें भी महज 10 प्रकरणों में ही आरोपी पकडे़ जा सके

भिलाई6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • चूक कहां.. इसे गंभीरता से समझने की जरूरत : लोगों में जागरूकता नहीं, पुलिस टीम के पास एक्सपर्ट्स और एप्रोच नहीं
  • सायबर क्रिमिनल रोज लोगों को ठगने नए पैटर्न ईजाद कर रहे, इधर ऐसे मामलों में लोगों को राहत नहीं के बराबर

इंटरनेट का उपयोग करके ठगी के मामले पिछले एक साल में तेजी से बढ़े हैं। अप्रैल 2020 से लेकर अब तक 1500 से ज्यादा मामले पुलिस तक पहुंचे। अभी औसतन 2 मामले रोज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में यह संख्या करीब 15 है। इन मामलों में पुलिस ने केवल 36 मामलों में ही अपराध दर्ज किया है।

इसमें भी पुलिस आरोपियों तक केवल 10 मामले में पहुंच पाई है। इस प्रकार शिकायतों में केवल 2.4% मामलों में एफआईआर किया गया। वहीं दर्ज अपराधों में 28 प्रतिशत मामलों में ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। इस मुख्य वजह पुलिस महकमे की लापरवाही को माना जा रहा है। शासन ने हर पुलिस रेंज में एक सायबर सेल थाना की स्वीकृति दी, लेकिन अब तक यह खुल नहीं पाया है।

सेंट्रल इंडिया में सबसे बेहतर पुलिसिंग इंदौर की, उसकी तुलना में हम बहुत पीछे

इंदौर : 30 का स्टॉफ, टीआई लेवल के अधिकारी करते हैं जांच

  • सायबर सेल में 6 टीआई, 5 एसआई, 4 एएसआई, 5 टेक्निकल स्टाफ, 4 प्रधान आरक्षक और 6 अन्य समेत कुल 30 का स्टाफ है।
  • ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सीधे टीआई को सौंपे जाते हैं।
  • टीआई के पास एजेंसी ( फेसबुक, व्हाट्सएप, पेटीएम या अन्य) से ईमेल एड्रेस उपलब्ध होते हैं, जिससे वे जानकारी मंगाते हैं।
  • केस की मॉनीटरिंग एसपी करते हैं, इससे इन्वेस्टीगेशन तेज होती है।

दुर्ग : एक टीआई सहित केवल 10 का स्टॉफ, केवल केस ट्रांसफर करते हैं

  • दुर्ग सायबर सेल में सिर्फ 1 टीआई, 1 एएसआई, 2 प्रधान आरक्षक, 1 महिला आरक्षक व 5 आरक्षक हैं।
  • ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले की जांच आरक्षकों को सौंपी जाती है। पूरी विवेचना प्रधान आरक्षक और आरक्षक करते हैं।
  • ट्विनसिटी के सायबर सेल में अधिकारयों के ईमेल एड्रेस से मेल करके स्टाफ जानकारी मंगवाता है।
  • दुर्ग में सायबर ठगी के मामलों को मॉनीटरिंग डीएसपी और टीआई करते हैं। वे ही थाने को खबर देते हैं।

सीधी बात - मनीष शर्मा, एआईजी टेक्नीकल सर्विसेस रायपुर

ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों को आप इन केस से समझिए...

  • पद्भनाभपुर में रिटायर्ड एएसपी से बीमा का पैसा लौटाने के नाम पर 15 लाख ठगी हुई। मामले में आरोपी पकड़े गए।
  • ऑनलाइन लोन के नाम जामुल निवासी महिला आईएएस ठगी का शिकायत हुईं। केस दर्ज है। आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।
  • ओल्ड भिलाई निवासी पाठक परिवार से 29 हजार से ऑनलाइन ठगी हुई। ठग ने उज्जैन के एक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए।

मामले बढ़ रहे हैं, पर आरोपी पकड़े भी जा रहे

  • सायबर फ्रॉड की 10 शिकायतें रोज आती है। एफआईआर क्यों नहीं होता ?
  • ये बात बिल्कुल सही है। अभी सबसे ज्यादा शिकायत सायबर फ्रॉड को लेकर आ रहे हैं।
  • जिन मामलों में केस दर्ज हुए हैं। उनमें भी कुछ मामलों में आरोपी पकड़ाए?
  • सायबर संबंधी मामलों में एएसपी को नोडल बनाया गया है। सभी मामलों में जांच हो रही है।
  • पुलिस केस दर्ज करने से बचती है, शिकायतों की जांच नहीं होती।
  • ऐसा नहीं है, शिकायतों की भी नियमत: जांच होती है।
खबरें और भी हैं...