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मास्टरमाइंड की तलाश जारी:नशीली दवाओं के कारोबार में एमआर भी सक्रिय, 3 गिरफ्तार

भिलाई13 दिन पहले
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आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। - Dainik Bhaskar
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
  • 4.61 लाख से ज्यादा नशीली दवाओं की जब्ती

दुर्ग कोतवाली पुलिस ने सोमवार को तीन साल से ट्विनसिटी में प्रतिबंधित दवा बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया। जब्त दवा की कीमत 20.37 लाख रुपए आंकी गई है। गिरोह से 4.61 लाख प्रतिबंधित टेबलेट और 1185 नग सीरप जब्त की गई है। गिरोह का मास्टरमाइंड मेडिकल कंपनी में काम करने वाला मेडिकल रिप्रजेंटेटिव नरेंद्र सेन बताया गया है।

वह अपने सेलून संचालक पिता श्याम और दुर्ग के दो एजेंट सुरेन्द्र सिंह उर्फ अप्पू और सागर पांडे के माध्यम से इन नशीली दवाओं को बाजार में खपाता था। दुर्ग के दोनों एजेंट गंजपारा और शंकर नगर के रहने वाले हैं। जबकि नरेंद्र और उसके पिता धमतरी के रहने वाले हैं। पूरे मामले का मास्टरमाइंड नरेंद्र फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने बताया कि इस पूरे में कुछ दवा दुकानों व थोक दवा विक्रेताओं के भी नाम सामने आए हैं, जिनके बारे में पतासाजी की जा रही है। जल्द नामों का खुलासा किया जाएगा।

ट्विनसिटी में रैकेट सक्रिय नशीली दवाओं की पॉश इलाकों में हो रही पार्टियां
पुलिस ने बताया कि शहर में अलग-अलग एजेंट के माध्यम से प्रतिबंधित दवा खपाई जा रही है। बाइक, कार और बस के माध्यम से धमतरी से दवाओं की खेप दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद और रायपुर तक सप्लाई की जा रही थी। इसके बाद एजेंट बाइक में फेरी लगाकर ग्राहकों तक दो गुना दाम में टेबलेट और सीरप की बोतल उपलब्ध करा रहे थे। इतना ही नहीं युवाओं को नशे की लत लगाने के साथ पार्टियां आयोजित की जा रही थी, दवाओं का ही सेवन कराया जाता है।

दवा डीलर का पता लगाने मेडिकल कंपनी को लिखा पत्र, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस के मुताबिक गिरोह के मास्टरमाइंड रायपुर में जब्त 3 सौ पेटी सीरप के मामले में पहले से ही फरार है। उसके पकड़े जाने के बाद दवा कहां से खरीदी जाती थी, इसका खुलासा हो पाएगा। इधर दवा के डीलर और स्टॉकिस्ट का पता लगाने के लिए मेडिकल कंपनी को पत्र लिखा गया है। जिससे दवा से जुड़ी पूरी जानकारी मिल सके। तीनों आरोपियों के मोबाइल की जांच में पता चला है कि बातचीत करने के लिए इंटरनेट कॉल का उपयोग करते थे।

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