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ये गलत है... चुनाव को कोरोना का डर नहीं:लापरवाही ऐसी भी; नेता, प्रत्याशी, पब्लिक सब बिना मास्क के, स्क्रीनिंग तक नहीं हो रही, प्रशासन भी इसके लिए गंभीर नहीं

भिलाईएक महीने पहले
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बीजेपी द्वारा अलग-अलग स्थलों पर सभाएं आयोजित की जा रही। खुर्सीपार क्षेत्र की सभा में किसी ने मास्क नहीं लगाया था। कांग्रेस में भी रैलियां और सभाएं आयोजित की जा रही, लेकिन मास्क का उपयोग नहीं हो रहा। वार्ड-31 में यह रैली निकली। - Dainik Bhaskar
बीजेपी द्वारा अलग-अलग स्थलों पर सभाएं आयोजित की जा रही। खुर्सीपार क्षेत्र की सभा में किसी ने मास्क नहीं लगाया था। कांग्रेस में भी रैलियां और सभाएं आयोजित की जा रही, लेकिन मास्क का उपयोग नहीं हो रहा। वार्ड-31 में यह रैली निकली।

26 नवंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से अब तक 18 दिन में दुर्ग जिले में 75 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहीं हर तीसरे-चौथे दिन विदेशों से यात्री ट्विनसिटी पहुंच रहे हैं। फिर भी जिले के चारों निकायों में हो रहे निकाय चुनाव में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है।

न ही स्थानीय प्रशासन व राजनीतिक पार्टियों ने इसे गंभीरता से लिया है। रैलियों में अधिकांश व्यक्ति न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही दो गज की सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के कार्यालयों में सैनिटाइजर भी नहीं रखे गए हैं। दैनिक भास्कर ने जब इस गंभीर विषय को लेकर जिला प्रशासन के जिम्मेदारों से बात की, तो उन्हें व आयोग को शिकायत का इंतजार है। 6 दिसंबर को नामवापसी के बाद से 560 रैलियां हो चुकी हैं। इनमें चरोदा में 125, जामुल में 80, भिलाई में 235 व रिसाली में 120 रैलियां हो चुकी हैं।

कार्यालयों में सैनिटाइजर तक नहीं रखे जा रहे
कोई भी राजनीतिक दल या फिर तीसरे मोर्चे की भूमिका निभाने वाली पार्टियां, किस के भी चुनाव दफ्तर में न तो सैनिटाइजर रखा जा रहा है और न ही यहां आने वाले आगंतुक मास्क का उपयोग कर रहे हैं और न ही गमछे से अपना मुंह ढंक रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग नियम का भी पालन नहीं हो रहा।

थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम भी अब तक कहीं नहीं
चुनाव प्रचार के लिए निकाली जा रही रैलियों में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही कहीं पर भी थर्मल स्क्रिनिंग मशीन भी नहीं रखी गई है। न ही किसी की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसकी कहीं पर कोई भी मॉनिटरिंग भी नहीं की जा रही है। इसके चलते खतरा बढ़ गया है।

सीधी बात; खेमलाल वर्मा, अधिकारी
हर जगह आदमी खड़ा नहीं कर सकते

चुनाव कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा?
रैलियों में प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

यदि पालन नहीं कर रहा है तो क्या हो सकता है?
उनकी रैलियां और आम सभाएं निरस्त होंगी।

अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई की गई है?
किसी ने शिकायत नहीं की।

क्या चुनाव आयोग शिकायत का इंतजार कर रहा है?
हर स्थान पर आदमी नहीं खड़ा कर सकते।

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