लापरवाही मिलने पर नोटिस:नर्सिंग होम एक्ट के तहत जांच नहीं होने पर 82 हॉस्पिटलों को नोटिस

भिलाईएक महीने पहले
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22 नवंबर को गठित की गई टीम, अब तक 65 अस्पतालों की जांच का दावा। - Dainik Bhaskar
22 नवंबर को गठित की गई टीम, अब तक 65 अस्पतालों की जांच का दावा।

22 नवंबर को सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ने जिले की 82 स्वास्थ्य संस्थाओं की जांच के लिए आदेश किया। नर्सिंग होम एक्ट के तहत यह जांच अस्पतालों की जांच होनी थी। इसे लेकर 9 टीम बनाई गई थी। 7 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी थी, लेकिन संबंधित कमेटी के जिम्मेदारों ने रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की।

इसे लेकर कमेटी को नोटिस जारी किया गया है। कमेटी ने अब तक 82 में से 65 अस्पतालों की जांच की है। जांच के लिए आदेश जारी हुए 20 दिन हो चुके हैं। इस प्रकार हेल्थ विभाग ने इसे लापरवाही मानते हुए रिमाइंडर नोटिस भेजा है। इससे पहले भी दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है। नर्सिंग होम एक्ट के 13 मानकों पर जांच के लिए यह टीम गठित की गई थी।

इन चिकित्सकों को दी गई जिम्मेदारी, अब तक जांच अधूरी
सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ने जांच के लिए डॉ. सतीश मेश्राम, डॉ. सुगम सावंत, डॉ. आरके खंडेलवाल, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. सीबीएस बंजारे, डॉ. अर्चना चौहान, बीएमओ पाटन डॉ. आशीष शर्मा, बीएमओ धमधा डीपी ठाकुर, बीएमओ निकुम देवेंद्र बेलचंदन शामिल हैं।

जांच के लिए सबको वाहन और सहयोगी भी दिए

नर्सिंग होम एक्ट के मानकों पर स्वास्थ्य संस्थानों की जांच के लिए सीएमएचओ ने हर टीम को वाहन और सहयोग के लिए स्टॉफ देने का भी आदेश जारी हुआ था। संस्थाओं तक जाने और वहां से आने का पूरा इंतजाम किया।

पब्लिक सुविधाओं को देखते हुए जांच के दिए गए निर्देश

22 नवंबर के आदेश अनुसार जिले में संचालित सभी पैथालॉजी सेंटर, अस्पताल, क्लीनिक, डाइग्नोस्टिक सेंटर, डेंटल क्लीनिक आदि की जांच की जानी है। नर्सिंग होम एक्ट में सबके लिए अलग-अलग मानक निर्धारित किया गया है ।

नर्सिंग होम एक्ट के लिपिक ने किया निवेदन
नर्सिंग होम एक्ट का कार्य देख रहे लिपिक ने सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट लिखकर सभी जांच अधिकारियों से निवेदन किया है। उसमें उसने कहा है कि जिले में जारी जांच आज (सोमवार) 11 बजे तक हो जाए। सभी निजी अस्पतालों और सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों का जांच प्रतिवेदन तत्काल देवें। जानकारी संचालनालय को आज ही भेजना है।

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