120 झुग्गियां जलने के बाद का दर्द:पति के इलाज के लिए कर्ज लिए थे राख हो गया;गर्मी में तपती राख में बैठे हैं लोग

भिलाईएक वर्ष पहले
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भिलाई के कैंप 2 सूर्यानगर बस्ती में शनिवार दोपहर लगी आग में 120 झुग्गिया जल गईं। लोग अपनी-अपनी जान बचाकर भागे। उनके पास इतना भी समय नहीं था कि वो अपनी जमापूंजी और जरूरी कागजात ले पाएं। जान तो बच गई, लेकिन उनके जीवन भर की कमाई खत्म हो गई। बचा है तो सिर्फ 10 बाई 10 का प्लाट और उसके ऊपर राख का ढेर। इस पर भी कोई कब्जा न कर ले इसके चलते लोग 40 डिग्री के तापमान में कड़ी धूप के नीचे लोग बैठे हुए हैं। उन्हें अपने जान तक की परवाह नहीं है।

अंजू बाई गायकवाड़ का जल गया आशियाना
अंजू बाई गायकवाड़ का जल गया आशियाना

दैनिक भास्कर ने जब यहां की ग्राउंड रिपोर्ट की तो कई दर्द भरी सच्चाई सामने आई। 40 वर्षीय अंजू बाई गायकवाड़ पति के गुजर जाने के बाद अपने दो बेटों के साथ इस झुग्गी में रहती थीं। झुग्गी का पूरा सामान जल गया। पिछले 12 सालों से यहां रह रही अंजू फल मंडी में हमाली का काम करके पेट पालती हैं। उनका कहना है कि उनके पास पहने हुए कपड़े और परिवार की जान के अलावा कुछ नहीं बचा है।

पीड़ित पनिहारिन बाई और केरा बाई
पीड़ित पनिहारिन बाई और केरा बाई

60 साल की पनिहारिन बाई और केरा बाई राख के ढेर के ऊपर और अपनी जली हुई झुग्गी के नीचे बैठे थे। ये लोग 25-30 सालों से रहते आ रहे हैं। उनका कहना है कि आग इतनी तेज थी किसी तरह गैस सिलेंडर लेकर भागे। पंखा, 60 हजार रुपए, व अन्य सामान सब जल गया। उनका कहना है कि मजदूरी करके वह पेट तो पाल सकती है, लेकिन अब रहने के लिए छत कहां से लाएंगे। उन्हें जो वृद्धा पेंशन मिलती थी उसका कार्ड, राशन कार्ड तक जल गया है। उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि उन्हें फिर से पहले की तरह यहां बसाया जाए, जिससे वह अपना जीवन जी सकें।

पीड़ितों से मिलने पहुंचे विधायक देवेंद्र यादव
पीड़ितों से मिलने पहुंचे विधायक देवेंद्र यादव

आगजनी की इस घटना के बीच पिछले 24 घंटे से नेता, अधिकारी और समाजसेवी लगे हुए हैं। लोगों के खाने पीने और सोने की पूरी व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग के लोग एक एक आदमी से मिलकर हुए नुकसान का पंचनामा तैयार कर रहे हैं। आग लगने का कारण पूछा जा रहा है। विधायक देवेंद्र यादव, विधायत विद्यारतन भसीन, महापौर नीरज पाल, सांसद विजय बघेल से लेकर कलेक्टर, एसएसपी व कमिश्नर तक सभी लोगों की मदद के लिए लगे हैं।

पीड़ित मूलचंद्र और हेमंत कुमार
पीड़ित मूलचंद्र और हेमंत कुमार

खाना खाकर बैठा कि सिलेंडर फटने की आई आवाज

झुग्गी बस्ती में रहने वाले मूलचंद्र (54 साल) का कहना है कि वह 30 सालों से यहां रह रहा है। उसके परिवार में 7 लोग हैं। मूलचंद्र टेंट की दुकान में काम करता है। शनिवार दोपहर दो बजे के करीब वह घर पहुंचा। खाना आया और बैठा ही था कि अचानक काफी तेज आवाज आई। बाहर देखा तो दो - तीन झोपड़ी आग से घिरी थीं। जब तक वह कुछ समझ पाते एक-एक कर कई गैस सिलेंडर फटे और पूरी झुग्गी आग की गिरफ्त में आ गई। सभी लोग अपनी झुग्गी से गैस सिलेंडर लेकर भागे और कुछ भी सामान नहीं ले पाए।

समय पर दमकल आती तो नहीं होता नुकसान

हेमंत कुमार (39 साल) का कहना है कि वह अपनी पत्नी, मां और दो बेटियों के साथ रहता है। सभी लोग केलाबाड़ी में केला लोड करने का काम करते हैं। आग ने उनका सब कुछ छीन लिया है। उनके पास सोने के लिए छत तक नहीं बची। जिस समय आग लगी कई लोगों ने पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को फोन किया। गाड़ी काफी देर बाद पहुंची। यदि समय पर दमकल आती तो आग पर काबू पाया जा सकता था और इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।

पीड़ित टिकेश्वरी बाई
पीड़ित टिकेश्वरी बाई

पति की दवा और इलाज के कागज सब खत्म

झुग्गी क्षेत्र में रहने वाली टिकेश्वरी बाई का कहना है कि उसने पति के इलाज के लिए 10 हजार रुपए कर्ज लिया था और 5000 रुपए खुद के रखे थे। पति के पैर का ऑपरेशन होना था। आग में रुपए के साथ साथ पति के इलाज के कागज भी जल गए। दवाएं थी वो भी जल गईं। पति का इलाज कैसे कराएं, कौन से दवा दें कुछ समझ नहीं आ रहा है।

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गुरुद्वारा कमेटी ने लगाया लंगर
गुरुद्वारा कमेटी ने लगाया लंगर

गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा कमेटी ने उठाई भोजन की जिम्मेदारी

कैंप 1 स्थित गुरु तेग बहादुर गुरुद्वार कमेटी के सदस्यों ने बेसहारा हुए लोगों के भोजन की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दाल, रोटी, सब्जी और चावल का लंगर शासकीय स्कूल में लगवाया। सभी लोगों को भोजन कराया। इस नेक कार्य में कमेटी की तरफ गुरमीत सिंह, विक्रमजीत सिंह, जशपाल सिंह, अवतार सिंह, रवेल सिंह, समशेर सिंह, हरजिंदर सिंह और हंसा सिंह पूरी तरह से लगे हुए हैं।

निगम शुरू कर रहा नेकी की दीवार

निगम पीआरओ प्रवीन सार्वा का कहना है कि निगम नेकी की दीवार शुरू कर रहा है। निगम प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है इस संकट की घड़ी सभी लोग मदद के लिए आगे आएं। जिससे जो मदद हो सके नेकी की दीवार के माध्यम से इन लोगों की मदद करे। महापौर नीरज पाल ने निगम के सभी पार्षदों से मदद के लिए आगे आने को कहा है।

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