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चेतावनी:वेतन समझौता जल्द नहीं हुआ तो बिगड़ सकता है संयंत्र का माहौल, सभी इकाइयों में प्रदर्शन

भिलाई5 दिन पहले
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मंगलवार को प्रदर्शन के बाद प्रबंधन के अफसरों को ज्ञापन सौंपने पहुंचे यूनियन के प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को प्रदर्शन के बाद प्रबंधन के अफसरों को ज्ञापन सौंपने पहुंचे यूनियन के प्रतिनिधि।
  • सीटू ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, कहा- फैसले में देरी से कर्मचारियों का रोष बढ़ रहा

30 जून की हड़ताल के बाद वेतन समझौता के लिए वार्ता में आए ठहराव से कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समझौते को लेकर प्रबंधन द्वारा बरती जा रही उदासीनता के खिलाफ स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को सेल की सभी इकाइयों में कर्मियों द्वारा प्रदर्शन कर प्रबंधन को चेतावनी दी है।

फेडरेशन ने कहा है कि वेतन समझौता में और अधिक देरी होती है, तो सेल की सभी इकाइयों के औद्योगिक संबंध की स्थिति अनियंत्रित हो सकती है। फेडरेशन के आह्वान पर भिलाई में भी हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) की ओर से महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें तत्काल वेतन समझौता संपन्न करने और निलंबित किए गए 14 कर्मचारियो का निलंबन आदेश वापस लेने की मांग की गई है। मांग पूरी नहीं होने पर और भी कड़ा कदम उठाने की बात कही।

भौतिक बैठक संभव न हो तो आभासी बैठक जारी रखकर लें निर्णय
सीटू की ओर से प्रबंधन को बताया गया कि 30 जून के पश्चात वेतन समझौता शीघ्र कराने के लिए वेतन वार्ता को जारी रखने हेतु प्रबंधन की ओर से कोई गंभीर प्रयास होता नहीं दिख रहा है। प्रबंधन से यह मांग भी की गई कि यदि भौतिक बैठक करना संभव न हो तो आभासी बैठक को जारी रखा जाए ताकि वार्ता किसी निष्कर्ष तक पहुंच पाए। किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के पश्चात समझौता पर हस्ताक्षर करने के लिए सेल कारपोरेट कार्यालय में भी बैठक बुलाई जा सकती है। लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही।

हड़ताल के दिन उपस्थित रहने वाले कर्मचारियों का सिक्का देकर सम्मान अनुचित
सीटू के मुताबिक यह सूचना प्राप्त हुई है कि टीएंडडी में हड़ताल के दिन ड्यूटी करने वाले कर्मियों को चांदी का सिक्का एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। यूनियन इसकी छानबीन कर रही है और यदि इसकी पुष्टि होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। क्योंकि 30 जून की हड़ताल को किसी भी न्यायालय द्वारा अवैध घोषित नहीं किया गया था। हड़ताल के दिन ड्यूटी करने वालों का सम्मान करना अनुचित श्रम व्यवहार के दायरे में आता है।

हड़ताल करने वाले कर्मचारियों में अधिकांश कर्मचारी ऐसे हैं जो अन्य कार्य दिवस में अपने कार्य को पूरी निष्ठा एवं लगन से करते हैं और हड़ताल के दिन ड्यूटी करने वाले कई कर्मचारी ऐसे हैं जो वर्ष भर कोई कार्य नहीं करते। ऐसे में उनका हौसला बढ़ाना गलत है।

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