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आर्थिक राहत:लॉकडाउन में पुलिस बैंक ने दी राहत, एसएसपी से लेकर 420 पुलिसकर्मियों ने लिया 8.80 करोड़ रुपए का लोन

भिलाईएक महीने पहले
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  • जिला पुलिस बल सहकारी समिति के माध्यम से किया जा रहा अब तक बैंक का संचालन
  • शादी, पढ़ाई व हेल्थ जरूरतें पूरी की

लॉकडाउन के दौरान जवान और अधिकारियों के लिए पुलिस बैंक सबसे बड़ा सहारा बना। आपातकाल स्थिति में महज 3 घंटे से 20 दिनों के अंदर बैंक से 3 लाख तक की अधिकतम राशि जवानों को बैंक से मिली। कोरोनाकाल के पिछले डेढ़ वर्षों में बैंक से 420 पुलिसकर्मियों ने 8.80 करोड़ का लोन लिया।

इसमें एसपी प्रखर पांडेय से लेकर 3 एएसपी, 7 टीआई लेवल के अधिकारियों सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल हैं। 30 महीनों के लिए 10 प्रतिशत ब्याज पर बैंक ने पुलिसकर्मियों को यह लोन उपलब्ध कराया। जबकि वर्ष 2019 में सिर्फ 199 पुलिस जवानों ने साढ़े 4 करोड़ रुपए का लोन लिया। पुलिसकर्मियों ने यह राशि पर्सनल लोन की श्रेणी में लिया है। पुलिस अधिकारियों को कहना है लोन स्वास्थ सुविधा, शादी, बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों के सामान लेने के लिए दिए जाते हैं। लॉकडाउन के बाद से लगातार लोन के लिए आवेदन दिए जा रहे हैं, जिनकी स्वीकृति दी जा रही।

17 साल पहले बना पुलिस बैंक, मिलता है हर को लोन
पुलिस विभाग के 2 हजार कर्मचारी के लिए वर्ष 2004 में पुलिस लाइन में बैंक बनाया गया। इस बैंक के जरिए ज़रुरतमंद जवान और अधिकारियों को लोन मिलता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दो प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को लोन दिया जाता है। एक्सीडेंट या गंभीर बिमारी के ऑपरेशन की स्थिति में एक आवेदन लेने के तीन घंटे बाद लोन की राशि खाते में जमा करवा दी जाती है।

लॉकडाउन के दौरान ही सबसे ज्यादा आवेदन आए
पुलिस अधिकारी के मुताबिक मार्च 2020 में लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने लोन के लिए अप्लाई किया। वर्ष 2020 में मार्च से दिसंबर के बीच 271 जवानों ने लोन के लिए अप्लाई किया था। इन लोगों को 5.30 करोड़ रुपए की राशि लोन के तौर पर दिया गया। वर्ष 2021 के पांच महीने में 149 पुलिस कर्मचारियों ने 3.50 करोड़ रुपए का लोन ले लिया है।

पुलिस जवानों के लिए यह सबसे बड़ी राहत है इस बार आवेदन बढ़े
पुलिस लाइन में बना बैंक बाकी जिलों के बैंक की तुलना में बेहतर है। बैंक की सरल प्रक्रिया के कारण कर्मचारियों को लोन मिल जाता है। आवेदन मिलने के बाद जल्दी से जल्दी कर्मचारी को लोन की राशि दिलाने का प्रयास करते हैं। वर्ष 2019 की तुलना में लॉकडाउन के डेढ़ साल में ज्यादा कर्मचारियों ने लोन लिया है। सत्यापन के आधार पर लोन जारी होता है।
-अनंत साहू, ग्रामीण एएसपी दुर्ग

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