तीसरी लहर से जंग की ऐसी तैयारी!:दुर्ग जिले में 15 करोड़ से ज्यादा के उपकरण खरीदे, ऑपरेट करने एक भी एक्सपर्ट नहीं

भिलाई2 महीने पहले
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कोविड हॉस्पिटल कचांदुर में 500 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाकर डंप कर दिए गए। - Dainik Bhaskar
कोविड हॉस्पिटल कचांदुर में 500 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाकर डंप कर दिए गए।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने एक बार देश-दुनिया को डराना शुरू कर दिया है। पिछले 15 दिनों में कम होता संक्रमण फिर बढ़ने लगा है। तीसरी लहर की आशंका बढ़ रही है। दूसरी लहर के वक्त 15 करोड़ से ज्यादा के वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप, मॉनीटर व अन्य खरीदे गए। ये 12 सरकारी अस्पताल में डंप हैं।

85 वेंटिलेटर अस्पतालों में डंप
ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए जिले में 85 वेंटिलेटर खरीदे गए। एक की कीमत डेढ़ तय थी। ये सभी 12 सरकारी अस्पतालों में धूल खाते पड़े हैं। एक्सपर्ट नहीं होने की वजह से इसे चलाया नहीं जा रहा।

एचएफएनसी का उपयोग नहीं
एचएफएनसी (हाई फ्रिक्वेंसी नेजल कैनुला) बच्चों को श्वांस देने की मशीन है। यह 40 से ज्यादा खरीदे गए हैं। सभी अस्पतालों में बांटे गए। किसी का भी उपयोग नहीं हो रहा।

दवा नापने की मशीन धूल में
बच्चों को दी जाने वाली दवा के लिए उपयोग में लाए जाने वाले 75 इंफ्यूजन पंप खरीदे गए। इनमें से भी किसी का उपयोग अब तक नहीं किया गया है। न ही इसे ऑपरेट करने की जानकारी दी गई है।

एक्स-रे मशीन भी बंद कर रखी
कोरोना मरीजों के फेफड़ों पर वायरस का असर जानने के लिए 3 नई एक्स-रे मशीन खरीदी गई है। इसे ऑपरेट करने के लिए अब तक स्टॉफ की व्यवस्था नहीं की गई है। मशीनें धूल खा रही है।

जरूरत पड़ने पर सारे इंतजाम कर लेंगे
जिले में कोरोना को लेकर अभी गंभीर स्थिति नहीं है। लेकिन देश में ओमिक्रॉन की दस्तक से खतरा बढ़ गया है। दूसरी लहर में हमनें विशेषज्ञ डॉक्टरों के इंतजाम किए थे। अन-ट्रेंड कर्मियों को ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया था। इस बार भी वैसी स्थिति बनी तो करेंगे। जरूरी मशीनों का इंतजाम हो गया है। जरूरत के हिसाब से सभी इंतजाम किए जाएंगे। हमारीजानकारी में इस प्रकार की सारी चीजें हैं।
-डॉ. गंभीर सिंह, सीएमएचओ

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