• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bhilai
  • Revealed From The Information Received In The Right To Information, Food Worth 1.32 Crores To 8415 Patients Admitted In The First Wave, Only 29 Lakhs To 8038 In The Second!

कोविडकाल में गड़बड़ी ऐसी भी:सूचना के अधिकार में मिली जानकारी से खुलासा, पहली लहर में भर्ती 8415 मरीजों को 1.32 करोड़ का खाना, दूसरी में 8038 को सिर्फ 29 लाख का!

भिलाई11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बनाए गए कोविड सेंटरों में मरीजों को सुबह और शाम दिया गया भोजन। - Dainik Bhaskar
बनाए गए कोविड सेंटरों में मरीजों को सुबह और शाम दिया गया भोजन।

कोरोना की पहली और दूसरी लहर में मरीजों और हेल्थ विभाग के स्टॉफ को दिए गए खाने पर स्वास्थ्य विभाग ने 1.61 करोड़ रुपए खर्च किए। पहली लहर में हेल्थ विभाग ने 8415 कोविड मरीजों व हेल्थ विभाग के स्टॉफ को खाना खिलाया। इस पर करीब 1.32 करोड़ रुपए खर्च हुए।

वहीं दूसरी लहर में 8038 लोगों के भोजन में सिर्फ 29.60 लाख रुपए खर्च हुए। इस प्रकार करीब 1.02 करोड़ का अंतर दोनों समय में भोजन के खर्च में रहा। कोविड की पहली लहर में 1 मार्च 2020 से 31 जनवरी 2021 के बीच का यह खर्च हैं। वहीं दूसरी लहर में 1 फरवरी से 17 सितंबर 2021 के बीच कुल 8038 मरीज भर्ती मरीज व हेल्थ विभाग के स्टॉफ का यह खर्च है। सूचना के अधिकार में हेल्थ विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में इसका खुलासा हुआ है। इतना भारी भरकम खर्चा क्यों और कैसे हुआ। इसके बारे में अब जिम्मेदार कुछ भी कहने से बच रहे हैं। खास बात यह है कि इस पूरे खर्च का भुगतान भी हो गया है। सीएमएचओ को जब इसकी जानकारी दी गई तो उन्होंने इस पूरे मामले में 1.31 करोड़ के खर्च की जांच की बात कही है।

एनएचएम से 50 लाख से ज्यादा का खर्च

  • 43.28 लाख मानदेय में
  • 5.28 लाख आवाजाही में
  • 0.96 लाख प्रचार-प्रसार में
  • 0.34 लाख अन्य कार्यों में

भोजन सप्लाई के लिए एजेंसी भी तय की गई थी
कोरोना के रोकथाम और इलाज पर हुए खर्च के बारे में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के एवज में स्वास्थ्य विभाग ने जो जवाब दिया है, उससे खुलासा हुआ है। अपने जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि उसने 1 मार्च 2020 से 31 जनवरी 2021 तक खाने पर 1.32 करोड़ और उसके बाद से 17 सितंबर तक मात्र 29.60 लाख रु. का भुगतान किया गया है।

अब तक जिले में मिले कोरोना मरीजों को जानिए
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 31 जनवरी 2021 तक 26562 पॉजिटिव मरीज मिले, जिनमें 7798 को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया और 617 की मौत हो गई। इसी क्रम में 17 सितंबर 21 को बताया कि जिले में तब तक कुल 96738 मरीज मिले। 14654 को डिस्चार्ज किया और 1796 की मौत हो गई। 1 फरवरी से अब तक 70176 मरीज मिले हैं। इस प्रकार संक्रमित मिलने का क्रम जारी है।

दी गई जानकारी में पहली लहर के वो 3 खर्च जिनको दूसरी लहर में हेल्थ विभाग ने नहीं होना बताया

3.74 लाख बिजली बिल : आरटीआई के जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि 1 मार्च 2020 से 31 जनवरी 21 के बीच उसने 374200 रुपए बिजली के मद में खर्च किए हैं। जबकि 1 फरवरी 21 से 17 सितंबर 21 के बीच इस मद में एक रुपए का खर्च नहीं हुआ।

2.73 लाख लाउंड्री वाले को दिया : पहली लहर में 27,37,028 रुपए लाउंड्री वाले को दी गई। दूसरी लहर में इस मद में एक रुपए भी खर्च नहीं हुआ। दूसरी लहर में भी सरकारी कोविड अस्पतालों में अस्पताल में उतने ही मरीज भर्ती हुए हैं।

बॉयोमेडिकल के लिए 47600 दिया : पहली लहर में अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के उठान के लिए एसएमएस नाम की संस्था को 47600 रुपए दिए गए। जबकि दूसरी लहर में उसको एक रुपए का भुगतान नहीं किया गया। जबकि दूसरी लहर में भी समान मरीज भर्ती हुए।

सीधी बात; डॉ. गंभीर सिंह, सीएमएचओ दुर्ग
अभी ऑडिट नहीं हुआ है, मैं चेक करवाता हूं, जांच होगी

पहली और दूसरी लहर में भोजन में खर्च का अंतर 1.02 करोड़ रुपए है, क्या वजह है?
नहीं, दूसरी लहर में हमें ज्यादा स्टॉफ लगाना पड़ा। उसमें खर्च ज्यादा हुआ।

लेकिन आरटीआई में तो पहली लहर में खाने का खर्च बहुत ज्यादा है?
हां, पहली लहर में हमें ज्यादा स्टॉफ लगाना पड़ा था। आइसोलेशन सेंटर में भी भोजन की व्यवस्था की।

हुए खर्च की क्या कोई आडिट कराई गई है या ऐसे ही भुगतान हो गया?
नहीं मैं इसे दिखवाता हूं। रूटीन में ऑडिट होती है। अभी आडिट नहीं हुई है।

आपको नहीं लगता पहली लहर में कुछ ज्यादा ही बिल बन गया है?
फिलहाल मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन जांच जरूरी कराई जाएगी।

अच्छा आप यह तो बता सकते हैं कि खाने की सप्लाई किससे कराई गई?
अभी मुझे एकदम से याद नहीं है, कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर भी सप्लाई की गई थी।

8 हजार लोगों को 1 करोड़ से ज्यादा का खाना खिलाया गया, यह सही है?
नहीं इस पूरे में जानकारी लेता हूं, क्या हुआ। आइसोलेशन में भी भोजन भेजा गया था।

खबरें और भी हैं...