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भिलाई-रिसाली निगम विवाद:रिसाली निगम को बंटवारे में टूटा-फूटा सामान थमा दिया, अधिकारी-कर्मचारी पदनाम के लिए तरस रहे

भिलाई8 दिन पहले
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रिसाली निगम को गठन में मिले थे इस प्रकार की सामग्रियां जो कबाड़ में पड़े हैं। - Dainik Bhaskar
रिसाली निगम को गठन में मिले थे इस प्रकार की सामग्रियां जो कबाड़ में पड़े हैं।
  • गठन के समय संचित निधि से 2.30 करोड़ देने का एग्रीमेंट, जारी हुए सिर्फ 5.64 लाख
  • राज्य शासन ने निगम तो बना दिया पर आधे-अधूरे संसाधनों से संचालित हो रहा 40 वार्डों का काम

26 दिसंबर 2016 को भिलाई निगम से अलग होकर अस्तित्व में आया 40 वार्ड वाला रिसाली निगम बंटवारे के सामान व राशि के लिए पिछले डेढ़ साल से बाटजोह रहा है। शासन-प्रशासन ने अब तक इसे गंभीरता से नहीं लिया है। रिसाली निगम अपने अधिकारों को लेकर ठगा सा महसूस कर रहा है।

निगम के गठन के दौरान संचित निधि में करीब 2.30 करोड़ देने थे, लेकिन 5.64 लाख रुपए ही जारी किए गए। इसी तरह दफ्तर में कर्मचारियों की बैठक के लिए टेबल-कुर्सी समेत अन्य फर्नीचर और निगम क्षेत्र के वार्डों की सफाई समेत दूसरे कार्यों के वाहन की डिमांड की गई। बंटवारे में टूटे-फूटे टेबल-कुर्सी और कंडम हालत में पहुंच चुके वाहन उपलब्ध कराए दिए, जो कभी उपयोग में नहीं आए। इसकी वजह उस दौरान दो ट्रक में भरकर आए सामान को तो तुरंत वापस भी कर दिया गया। जबकि कचरा उठाने वाले ऑटो, पानी सप्लाई के टैंकर और आयुक्त की कार अभी निगम परिसर में खड़े होकर शोभा बढ़ा रहे हैं।

रिसाली निगम में पदस्थ किए गए अधिकारी और कर्मचारी पदस्थापना के बाद से ही पदनाम के लिए तरस रहे हैं। इसे लेकर को अभी भी गफलत बनी हुई है। शासन से आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता सहित कुल 100 अधिकारियों व कर्मचारियों का सेटअप तैयार किया गया। इसके तहत अब तक 92 कर्मचारी व अधिकारियों को भिलाई से रिसाली निगम के लिए भार मुक्त किया गया। इसमें 10 कर्मियों का तो सोमवार को ट्रांसफर किया गया।

लेकिन इसमें भी सबसे बड़ा पेंच रिसाली निगम में पोस्ट को लेकर है। यानी राजस्व निरीक्षक जैसे पद खाली हैं। बाबू स्तर के कर्मियों को पदस्थ किया गया है। 1.08 लाख की आबादी वाले रिसाली निगम में संसाधनों की भारी कमी है। बंटवारे के बाद संसाधन उपलब्ध नहीं हुए हैं। न ही राज्य शासन व स्थानीय प्रशासन ने इसे लेकर गंभीरता दिखाई है। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है।

दफ्तर बना कबाड़ का गढ़ : जहां-तहां बिखरे पड़े हैं सामानकुल सेटअप

  • कुल सेटअप 100
  • उपलब्धता 92
  • बिना पद नाम के अधिकारी-कर्मचारी 40
  • राशि होनी थी आवंटित 2.30 करोड़
  • उपलब्ध कराई राशि 5.64 लाख

सफाई और पेयजल बड़ी समस्या
निगम के अधिकारियों के मुताबिक रिसाली निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशन व आवास योजना के लिए 2 हजार से अधिक आवेदन लंबित है। स्टॉफ की कमी के चलते इनका निराकरण तक नहीं हो पाया है। जनहित से जुड़े सारे कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। इसके चलते विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके चलते सड़क संधारण के लिए बजट होने पर भी मेंटेनेंस जैसे काम भी निगम के गठन के बाद भी प्रभावित हो रहे है। व्यवस्थित बाजार तक नहीं खुल पाया है। निदान-1100 सहित अन्य जगहों से मिली शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टॉफ की कमी के चलते उनके निराकरण में दिक्कत हो रही है। निगम क्षेत्र में नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं, जहां पेयजल आपूर्ति के लिए अब तक पाइपलाइन तक नहीं बिछ पाई है।

पांच साल तक भिलाई निगम से मेंटेनेंस की मांग, नहीं मिल रहा
निगम के गठन की प्रक्रिया के दौरान पांच साल तक रिसाली निगम क्षेत्र भवन, सड़क, पानी की टंकियां, नाली और उद्यानों का मरम्मत का खर्च भिलाई निगम से कराया जाए। जिले के समस्या सीएसआर और खनिज निधि का 10 फीसद राजस्व रिसाली निगम को विकास कार्य के फंड में देने की मांग की गई।

बसाहट के लिए जमीन की मांग भी अधूरी, राजस्व में दिक्कत
एनएसपीसीएल, जेके लक्ष्मी, तालपुरी, सहित अन्य कॉलोनियों को रिसाली निगम में शामिल किया जाए। चार थाना क्षेत्रों में बंटे रिसाली के लिए एक अलग से सिटी कोतवाली की स्थापना की जाए। रिसाली में व्यवस्थित सब्जी मंडी नहीं है। इसके चलते राजस्व अर्जित करने में समस्या उत्पन्न हो गई है।

व्यवस्था बनाना रिसाली निगम का काम
हमारे यहां का सेटअप काटकर रिसाली निगम के लिए कर्मचारी अधिकारियों को दिया गया है। बाकी अपनी व्यवस्थाओं के अनुसार सेटअप तैयार करना रिसाली का काम है। शासन के निर्देश पर ऐसा किया गया, जो सामान उपलब्ध थे वही दिए गए। संचित निधि का मामला शासन स्तर का है।
-अशोक द्विवेदी, अपर आयुक्त, नगर निगम भिलाई

पोस्ट खाली है, कुछ में पदस्थापना की गई
शासन से सृजित कर्मचारियों और अधिकारियों के सेटअप के अनुसार पोस्ट खाली है। इसे लेकर आज ही पत्र प्राप्त हुआ है। परीक्षण के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिक्त पदों पर पदस्थापना जारी है। उपलब्ध संसाधनों के निगम संचालित किया जा रहा है।
-प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त नगर निगम रिसाली

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