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2 आरोपी अब भी फरार:हॉस्पिटल सेक्टर के एक टेंट हाउस की दुकान में लगे कैमरे से हुई लुटेरों की पहचान, शामिल बैंककर्मी सहित 3 गिरफ्तार

भिलाईएक महीने पहले
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  • पुलिस ने ली 2 दिन की रिमांड, बीएसपी का ठेका श्रमिक राजीव रंजन मास्टर माइंड, गोपालगंज बिहार से किया गया गिरफ्तार

मोहन नगर थाना अंतर्गत पोलसाय पारा के करीब से 13 अक्टूबर की सुबह 10.13 बजे इंडियन बैंक के कैशियर गायत्री मंदिर वार्ड निवासी राहुल चौहान से हुई 15 लाख की लूट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने घटना के मास्टर माइंड राजीव रंजन, बैंककर्मी सुनील पांडेय और उसके भतीजे आतिश को गिरफ्तार कर लिया है।

राजीव को गोपालगंज बिहार से गिरफ्तार किया गया। सुनील व आतिश दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किए गए। दो अन्य आरोपी राजीव की पत्नी अनिता और दोस्त नितिन अब भी फरार हैं। पांचों ने मिलकर लूट की यह घटना प्लान की थी। हॉस्पिटल सेक्टर भिलाई के एक टेंट हाउस में सीसी टीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान हुई। उनकी तलाश की जा रही थी। दो दिन पहले पुलिस को आरोपियों की पक्की खबर मिली। इसके बाद घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की दो दिन की पुलिस रिमांड ली है। इस पूरे मामले में बैंककर्मी सुनील पांडेय की संलिप्तता सामने आई है। बैंक से भी पुलिस ने पूछताछ की है।

सुनील पांडेय,राजीव रंजन,आतिश
सुनील पांडेय,राजीव रंजन,आतिश

कैशियर से की थी 15 लाख की लूट
घटना से एक दिन पहले ही सुनील ने बैंक कैशियर राहुल के बारे में दी थी जानकारी

सीन:1- सुबह साढ़े 9 बजे घटना स्थल पर पहुंचकर किया इंतजार
सुबह 9.30 बजे दुर्ग स्टेशन रोड स्थित इंडियन बैंक के सामने नकाब बांधकर बाइक पर तीनों आरोपी खड़े थे। बदमाशों को एक दिन पहले पता चल गया था कि कैशियर बैंक में पैसा लेने आएगा। 9.48 मिनट पर कैशियर बैंक पहुंचा। 10.03 मिनट पर कैशियर मोपेड गाड़ी के डिग्गी में रखकर रवाना हुआ।

सीन:2- सिर पर कट्‌टा टिकाकर 15 लाख रुपए लूट लिए
सुबह 10.13 बजे कैशियर पोलसाय पारा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से करीब 20 मीटर दूरी पर पहुंचा। तीनों बदमाश कैशियर का पीछा करते हुए कैशियर के पास पहुंचे। बाइक में पीछे बैठे एक आरोपी ने कैशियर के सीने पर कट्‌टा अड़ा दिया। डर की वजह से कैशियर गाड़ी छोड़कर दूर खड़ा हो गया।

सीन:3- घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बंटवारा किया
सुबह 10.16 बजे आरोपी 15 लाख रुपए लूटरकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने एक जगह पर बैठकर नोटों की गिनती की। आपस में बंटवारा तय किया। इसके बाद वहां से निकलकर मास्टरमाइंड ने रुपए अनिता को दिए। इसके बाद सभी अलग-अलग रास्तों से शहर से बाहर निकल गए।

सीन:4- हॉस्पिटल सेक्टर स्थित घर जाने के दौरान हुई पहचान
पत्नी को पैसा देने के बाद वह कैशियर की मोपेड लेकर जेल तिराहे पर पहुंच। यहां गाड़ी खड़ा करके आरोपी बाइक सवार तीनों बदमाश सेक्टर-9 स्थित अपने घर पहुंचकर पैसे को आपस में बांटा और कैशियर की गाड़ी को देर रात जेल तिराहे पर छोड़ा। हॉस्पिटल सेक्टर जाने के दौरान कैमरे में तस्वीर कैद हो गई।

ठेका श्रमिक और कपड़ा व्यापारी ने बनाया लूट का गिरोह
पुलिस पूछताछ में राजीव रंजन ने बताया कि करीब 6 महीने पहले कसारीडीह के इंडियन बैंक के कर्मचारी सुनील पांडेय से उसकी पहचान हुई। सुनील शंकर नगर का रहने वाला है। इसके बाद उसने सुनील, अपनी पत्नी अनिता, दोस्त नितिन और भतीजे आतिश से साथ मिलकर लूट का पूरा गिरोह बनाया। फूड डिलीवरी के दौरान सुनील से पहचान हुई। बैंककर्मी से दोस्ती बढ़ाई। जान पहचान बढ़ने के बाद राजीव ने सुनील को लूट की घटना के लिए तैयार किया। सुनील की सूचना पर ही 9 जुलाई को 75 वर्षीय बुजुर्ग तेजराम साहू से लूट कारित किया।

घटना के बाद आरोपी शहर से बाहर भाग खड़े हुए
पुलिस के मुताबिक सेक्टर 7 पहुंचने के बाद ठेका श्रमिक का दोस्त नितिन और पीएसपी परीक्षा की तैयार कर रहा भतीजा आतिश शहर छोड़कर फरार हो गए। आतिश कोचिंग क्लास अटेंड करने के लिए बिलासपुर चला गया। वहीं नितिन 2 लाख रुपए लेकर बिहार के गोपालगंज चला गया। 14 अक्टूबर को आरोपी राजीव अपने तीनों बच्चों को लेकर गोपालगंज चला गया। 22 अक्टूबर को उसकी पत्नी अनिता भी शहर छोड़कर गोपालगंज चली गई। उसकी तलाश अब भी जारी है।

कैश ट्रांसफर को लेकर पहले से तय हैं नियम
बैंक अधिकारी के मुताबिक बैंककर्मी 50 हजार से 1 लाख रुपए तक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैसा लेकर आना-जाना किसी भी माध्यम से कर सकते हैं। रकम उससे ज्यादा हाेने पर चार पहिया वाहन और बंदूकधारी गार्ड होना चाहिए। बैंक अधिकारी के मुताबिक पैसों को लाने ले जाने के लिए सभी बैंकों के पास गाड़ी और गार्ड मौजूद रहते है। इन्हीं के जरिए पैसा एक बैंक से दूसरे और एटीएम में डिपाजिट किया जाता है। डिपाजिट और एटीएम मेंटेनेंस की जिम्मेदारी के लिए एजेंसी तय है।

पहले भी कर चुके बुजुर्ग से 80 हजार की लूट
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी एक बुजुर्ग से 80 हजार रुपए लूट चुके हैं। बुजुर्ग तेजराम राजनांदगांव से पैसे निकालने दुर्ग आया हुआ था। 9 जुलाई को वह बस स्टैंड के पास खड़ा था। तभी रुपए से भरा बैग आरोपियों ने लूट लिया था। इसके बाद आरोपियों ने बैंक के कैशियर से लूट की योजना बनाई। पुलिस ने गिरोह से 10 लाख रुपए कैश, दो बाइक, देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस जब्त किया है। पत्नी अनिता और नितिन अब भी फरार हैं। बैंक को भी नोटिस जारी किया है।

बैंक को भी नोटिस भेजा गया है, हमारी जांच अब भी जारी है
कैशियर से लूट के मामले में टीम ने मास्टरमाइंड, बैंककर्मी समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में एक टीम लगी हुई है। बैंक की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना हुई है। बैंककर्मियों ने सूचना देने में भी देरी की। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल एविडेंस से आरोपियों को पकड़ा जा सका। आगे की जांच जारी है।
-बद्रीनारायण मीणा, एसएसपी दुर्ग

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