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BSP में सांसों के सिपाही:प्लांट में ऑक्सीजन की उत्पादन क्षमता 300, हर दिन बना रहे 350 मीट्रिक टन; कर्मचारी अपना खाना, दिन-रात तक भूले, जिससे बचा रहे जीवन

भिलाई3 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ का भिलाई स्टील प्लांट (BSP) लोगों को सांसों की संजीवनी देने का काम रहा है। यहां काम करने वाले कर्मचारी दिन-रात काम करने में लगे हुए हैं, जिससे ऑक्सीजन आपूर्ति में कमी नहीं आए। यहां से कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) हर दिन छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रही है। BSP में खुद के द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले ऑक्सीजन प्लांट और प्रैक्सएयर कंपनी द्वारा ऑपरेटेड ऑक्सीजन प्लांट में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की कुल उत्पादन क्षमता 300 मीट्रिक टन थी। जिसे अब मांग के हिसाब से 350 मीट्रिक टन कर दिया गया है।

राष्ट्र सेवा बनी मिसाल
BSP में ऑक्सीजन प्लांट में काम करने वाले कर्मी दिन-रात काम करने का ऐसा जुनून, सिर्फ सेना में ही देखने को मिलता है। लेकिन जहां BSP ऑक्सीजन आपूर्ति में लगे कर्मी भी सैनिकों जैसे जोश व जज्बे से भरे हुए हैं। मुश्किल की इस घड़ी में, सांसों के ये सिपाही, घड़ी देखना भूल गए हैं।

ऑक्सीजन प्लांट में काम करे रहे कर्मियों को घंड़ी देखने तक की फुर्सत नहीं है।
ऑक्सीजन प्लांट में काम करे रहे कर्मियों को घंड़ी देखने तक की फुर्सत नहीं है।

BSP की टीम कोरोना मरीजों के जीवन बचाने में संजीवनी का काम कर रही है। मेडिकल ऑक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति से जहां छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में कोविड के गंभीर मरीजों का जीवन बचाया जा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के साथ-साथ निर्देशित देश के विभिन्न राज्यों को विशेषकर महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के लिए भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। आज देश की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक इकाई देश में जीवन बचाने की मुहिम में अहम भूमिका निभा रही है। हमने BSP के ऑक्सीजन प्लांट में दिन रात काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की। उनके अनुभवों को जानने की कोशिश की है।

BSP की टीम कोरोना मरीजों के जीवन बचाने में संजीवनी का काम कर रही है।
BSP की टीम कोरोना मरीजों के जीवन बचाने में संजीवनी का काम कर रही है।

जान बचाने का सुकून है हमें
ऑक्सीजन प्लांट में कार्यरत प्रकाश कुमार कहते है कि हमें दिन रात काम करने में थकान नहीं होती। हमें यह गर्व है कि हमारे काम से आज देश में लोगों की जान बचाई जा रही है। हमारी टीम के सदस्य योगेश्वर, मोनु कुमार, लखन, पापाराव, अनिल और अन्य कर्मा पूरे समर्पण से अपना काम कर रहे है।

ऑक्सीजन प्लांट में काम करने वाले कर्मी बिना थके निरंतर काम कर रहे है।
ऑक्सीजन प्लांट में काम करने वाले कर्मी बिना थके निरंतर काम कर रहे है।

ऑक्सीजन आपूर्ति देश सेवा है
BSP में काम करने वाले हिरेन्द्र चौहान कहते है कि हम बिना वीकली आफ लिए निरंतर काम कर रहे हैं। संकट के समय आज मेडिकल ऑक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित करना,यह एक राष्ट्रसेवा है।

BSP कर्मी ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए दिन-रात काम कर रहे रहै।
BSP कर्मी ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए दिन-रात काम कर रहे रहै।

जीवन रक्षा पुण्य कार्य है
इसी टीम के एक और समर्पित सदस्य ट्रॉली ड्राइवर रोहित वर्मा बताते हैa कि आज हम लोग सब निरन्तर मेहनत कर रहे हैa। अगर हमारे मेहनत से किसी की जान बच जाये तो इससे बड़ा पुण्य कार्य कुछ नहीं है।

ट्रॉली ड्राइवर रोहित वर्मा बताते है कि आज हम लोग सब निरन्तर मेहनत कर रहे हैं।
ट्रॉली ड्राइवर रोहित वर्मा बताते है कि आज हम लोग सब निरन्तर मेहनत कर रहे हैं।

खाने-पीने की चिंता खत्म समय पर फोकस
मोहन राव कहते है कि इस वक्त जहां हम अपने खाने-पीने की चिंता छोड़कर सिर्फ मेडिकल ऑक्सीजन के सप्लाई को बनाए रखने में पूरा ध्यान लगा रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट के वरिष्ठ कर्मी एसबी सिंह कहते है कि आज हम अपने देश के काम आ रहे हैं। जिस प्रकार सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर होता है, वैसी ही भावना आज हमारे टीम में है।
जज्बा और जुनून को सलाम- महाप्रबंधक
ऑक्सीजन प्लांट के महाप्रबंधक मोहम्मद नदीम खान ने बताया कि हम अपने संयंत्र को 24 घंटे पूरी क्षमता से चला रहे है। हमारी टीम ने घड़ी देखना बंद कर दिया है। उनमें देश के लिए कुछ करने का जज्बा और जुनून दिखाई देता है। आज मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांगों को इनके जज्बे से ही पूर्ण कर रहे हैं। अप्रैल में हमने जहां बीएसपी के पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय (JLN) को 5845 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर की है। जिला प्रशासन को शासकीय अस्पतालों हेतु इसी माह 1550 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर की निःशुल्क आपूर्ति की है।

ऑक्सीजन प्लांट से निरंतर छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों को भी भेजा जा रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट से निरंतर छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों को भी भेजा जा रहा है।

प्रैक्सएयर ने भी बढ़ाई उत्पादन क्षमता
BSP और उसके साझेदारी वाले उपक्रम प्रैक्सेयर कंपनी ने भी LMO की उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है। कोरोना के पूर्व 240 मीट्रिक टन LMO का उत्पादन किया जा रहा था, वहीं वर्तमान में उसे बढ़ाकर 370 मीट्रिक टन तक उत्पादन लिया जा रहा है। दोनों प्लांट के उत्पादन को मिलाकर 470 मीट्रिक टन LMO की सप्लाई प्रतिदिन की जा रही है।

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