रिसाली में कहीं खुशी कहीं गम:महापौर नहीं बन पाईं कांग्रेसी पार्षद तो फूट-फूटकर रोने लगीं, गृह मंत्री ने संभाला; मेयर ने जमकर किया डांस

भिलाई5 महीने पहले

दुर्ग जिले की रिसाली नगर निगम की पहली मेयर कांग्रेस की शशि सिन्हा बन गई हैं। जैसे ही शशि का नाम पार्टी से फाइनल हुआ उसके बाद से ही कांग्रेस पार्षदों में कहीं खुशी तो कहीं गम वाली स्थिति देखने को मिल रही थी। यह स्थिति तब और साफ हो गई जब जीत के बाद मेयर, सभापति सहित सभी कांग्रेसी पार्षदों को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बस में बिठाकर घासीदास बाबा के यहां सतनाम भवन ले गए।

गृहमंत्री ने शुरुआत से मेयर की दावेदार डॉ. सीमा साहू को अपने बगल से बिठाया। इस दौरान सीमा पूरे रास्ते गृहमंत्री के कंधे में सिर रखकर रोती रहीं और गृहमंत्री उन्हें दिलासा देते रहे। वहीं मेयर शशि सिन्हा खुशी से डांस करते दिखाई दीं। दोनों का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।

खुशी से नाचती हुईं नवनिर्वाचित मेयर शशि सिन्हा।
खुशी से नाचती हुईं नवनिर्वाचित मेयर शशि सिन्हा।

रिसाली नगर निगम के मेयर पद की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित थी। इसे देखते हुए पहले यह माना जा रहा था गृहमंत्री अपनी बहू को पार्षद चुनाव लड़वाकर मेयर कैंडिडेट घोषित करेंगे। जब उनकी बहू चुनाव में खड़ी नहीं हुई तो मेयर की दावेदार डॉ. सीमा साहू को ही माना जा रहा था।

उनका नाम लगभग तय हो गया था। मतदान के बाद जब कांग्रेस रिसाली में 21 पार्षदों के साथ बहुमत में आई तो उसमें कई ओबीसी महिला दावेदारी करने लगीं। कुछ ने यहां तक कहा कि गृहमंत्री साहू ट्रंप खेल रहे हैं। ऐसे में गृहमंत्री ने साफ कहा कि वह जातिवाद और परिवार को दूर रखकर मेयर प्रत्याशी का चुनाव करेंगे और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का होगा।

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अंतिम समय में हुई नाम की घोषणा
रिसाली में मेयर चुनाव के अंतिम समय तक मेयर का नाम पूरी तरह से फाइनल नहीं था। रायपुर से आए विधायक विकास उपाध्याय और वरिष्ठ नेता गिरीश देवांगन के साथ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और पार्षद दल की बैठक हुई। वहीं पर शशि सिन्हा का नाम फाइनल किया गया। उसके बाद से मेयर पद की प्रबल दावेदार सीमा साहू के आंसू ही नहीं रुके। मंच पर तो उन्होंने अपने आंसू किसी तरह छिपा लिए, लेकिन बस में गृहमंत्री के बगल से बैठकर वह अपने आंसुओं को नहीं रोक पाईं।