नया नियम:सीएसवीटीयू में बैक लगने वाले स्टूडेंट्स को 8 साल में पूरा करना होगा कोर्स

भिलाई4 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में अभी भी एक हजार से अधिक ऐसे परीक्षार्थी हैं, जिनकी आयु 35 साल या इससे अधिक है। यह विद्यार्थी पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अंतर्गत जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई होती थी, तब से सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल समेत अन्य ब्रांच की पढ़ाई कर रहे हैं।

2005 से अभी तक इनका लगातार बैक आते रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि इनका डिजिटल रिकार्ड नहीं मिल रहा है। इनके पुराने रिकार्ड दस्तावेजी रूप में रखे हैं। इनके प्रकरणों को ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से हल करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही नियम में बदलाव हुए हैं, अब 8 साल में बैक लगने वाले स्टूडेंट्स को परीक्षा पास करना आवश्यक है। यानी यदि को विद्यार्थी 2015 में बीई के कोर्स में प्रवेश लिया होगा तो, उसे हर हाल में वर्ष 2022 तक अपनी डिग्री की पढ़ाई पूरी करनी होगी।

सीएसवीटीयू की ऑनलाइन परीक्षा चल रही है। इसमें बहुत पुराने परीक्षार्थियों को भी ऑनलाइन परीक्षा में शामिल किया जा रहा है। उनके किसी न किसी ब्रांच में एक या एक से अधिक पेपर में बैक लगे हुए हैं। कुछ परीक्षार्थी सभी विषयों में अलग-अलग अंकों लिहाज से पास हैं, लेकिन उनका एग्रीगेट अंक डिग्री के लिए वांछित अंक के बराबर नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से उन्हें श्रेणी सुधार में बैठाया जा रहा है। इस तरह अब सारे पुराने प्रकरणों को हल करके नए सिरे से पाठ्यक्रम को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ताकि पुराने छात्रों को पास होने का मौका मिल सके। वर्ष 2005 से पहले के कुछ छात्र लगातार एग्जाम में बैठ रहे हैं, लेकिन वे पास नहीं हो पा रहा हैं, या किन्हीं कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे, इसके चलते अब तक उन्होंने डिग्री कोर्स को पूरा नहीं किया। उन सभी को पुन: मौका दिए जाने के उदेश्य से यह तैयारी शुरू की है।

8 साल में अब विद्यार्थियों करनी होगी डिग्री पूरी
लगातार बैक लग रहे विद्यार्थियों के लिए सीएसवीटीयू ने नियमों में संशोधन किया है। अब उन्हें हर हाल में 8 साल के भीतर अपनी बीई की पढ़ाई पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा। यानी यदि को विद्यार्थी 2015 में बीई के कोर्स में प्रवेश लिया होगा तो, उसे हर हाल में वर्ष 2022 तक अपनी डिग्री की पढ़ाई पूरी करनी होगी। इसी तरह यदि कोई विद्यार्थी 2017 से पढ़ रहा होगा तो 2025 तक उनकी डिग्री पूरी होनी चाहिए।

नियमों में संशोधन की भी विभाग कर रहा तैयारी
कुलसचिव डॉ. केके वर्मा ने बताया कि पुराने प्रकरणों को देखते हुए नियमों आंशिक संशोधन किया गया है। इसके लिए संबंधित विभागों से अनुमति भी ली गई है। इसी के अनुसार परीक्षा विभाग को तैयारी करने को कहा गया है। इन दिनों चल रही ऑनलाइन परीक्षा में ऐसे पुराने सभी प्रकरणों को हल करने का फैसला किया गया है, ताकि आने वाले दिनों में बैक आए बहुत पुराने विद्यार्थियों को किसी तरह की दिक्कतें न हो। इसे लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी जारी है।

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