फाइल फिर खुली:निगम के नए भवन का प्रस्ताव 6 साल में 8 बार शासन को भेजा, अब फिर से तैयारी

भिलाईएक महीने पहले
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भिलाई निगम की जर्जर होती बिल्डिंग, जिसका मेंटेनेंस तक नहीं हो रहा। - Dainik Bhaskar
भिलाई निगम की जर्जर होती बिल्डिंग, जिसका मेंटेनेंस तक नहीं हो रहा।
  • नई बिल्डिंग के लिए लागत घटाने के बाद भी शासन से अब तक नहीं मिल पाई अनुमति

सामान्य सभा से तीन-तीन बार स्वीकृति मिलने के बावजूद भिलाई निगम अपना खुद का भवन नहीं बना पाया है। इस बीच चार साल में आठ बार शासन से प्रशासनिक स्वीकृति और राशि आवंटन के लिए लिखे जा चुके हैं। इसके बाद भी निगम को अभी तक न राशि आवंटित हुई और न ही डीपीआर को प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।

दरअसल, निगम के नए भवन की कवायद करीब 6 साल पहले से शुरू हो गई थी। इसमें पहली बार वर्ष 2015 में सामान्य सभा ने चंदूलाल चंद्राकर बस स्टैंड को तोड़कर तीन मंजिला बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसके लिए 27.03 करोड़ रुपए का इस्टीमेट तैयार किया गया। वर्ष 2018 में इसे तकनीकी स्वीकृति भी दे दी गई। इस बीच निर्माणाधीन स्थल पर दावा-आपत्ति करते प्रकरण हाईकोर्ट में पहुंच गया। इसके चलते निगम प्रशासन को स्थल परिवर्तन करना पड़ा।

2019 में भवन निर्माण के लिए 6 करोड़ की कटौती
नवीन कार्यालय भवन के लिए सामान्य सभा तीन बार स्वीकृति दे चुका है। सामान्य सभा में यह भी प्रस्ताव पारित हुआ था कि भिलाई निगम नवीन कार्यालय भवन के लिए 10-10 व 5 करोड़ की राशि तीन किस्तों में देगा। 4 अक्टूबर 2019 को सामान्य सभा में प्रस्ताव पास कर 27 करोड़ से घटाकर 21 करोड़ रुपए कर दी गई।

2 महापौर व 6 आयुक्त के बदल चुके, नतीजा सिफर
27.03 करोड़ रुपए की राशि में चंदूलाल चंद्राकर बस स्टैंड को तोड़कर निगम की बिल्डिंग बनना तय हुआ। इसके चलते वर्ष 2015 में तत्कालीन महापौर निर्मला यादव ने भूमिपूजन तक कर दिया। लेकिन उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद राशि का आवंटन नहीं हुआ। अब तक नए भवन का मामला अटका हुआ है।

जानिए, अब तक नई बिल्डिंग को लेकर हुई प्रक्रिया

  • 2014 में भिलाई निगम के इंजीनियरों ने भिलाई निगम के नवीन कार्यालय का प्रस्ताव बनाया, जिसे एमआईसी ने फिर सामान्य सभा में मंजूरी दी।
  • 27.03 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली तीन मंजिला बिल्डिंग में सभागार, मेयर, आयुक्त, सभी विभाग प्रमुखों, एमआईसी सदस्यों, विपक्षी पार्षद दल के नेता के लिए चेंबर, पार्किंग, वेटिंग हॉल, केंटिन, गेस्ट रूम बनना था।
  • इसी बीच प्रस्तावित बिल्डिंग के कुछ हिस्सों पर न्यायालय में दावा आपत्ति कर दी गई। इसके चलते निगम प्रशासन को नवीन भवन का स्थल परिवर्तन करना पड़ा। इसके बाद राशि के आवंटन को लेकर शासन को पत्र लिखने का सिलसिला शुरू हुआ।
  • 11 मई 2018 से 21 नवंबर 2019 तक लगातार 8 बार राशि आवंटन और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए पत्र लिखे गए। जबकि इस बीच सामान्य सभा ने भी नवीन भवन के लिए तीन बार प्रस्ताव पास किया।
  • नए आयुक्त के आने के बाद एक बार पुन: फाइल खुल गई है। इसे लेकर सारे आवश्यक रास्तों को तलाशा जा रहा है, ताकि शासन से फंड मिल सके।

फाइल मंगाई है, जल्द ही शासन से मार्गदर्शन मांगेंगे
निगम की नई बिल्डिंग के प्रस्ताव की कार्य प्रगति को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों को तलब कर पूरी जानकारी ली जाएगी। तभी इसके संबंध में विस्तार से बता पाऊंगा।
-प्रकाश सर्वे, आयुक्त, नगर निगम भिलाई

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