• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bhilai
  • The Youth Congress Leader Decided To Travel To Delhi To Donate The Plasma, The Message Of The National President Of The Youth Congress Arrived As Soon As Possible,

भिलाई के हीरो:प्लाज्मा डोनेट करने के लिए दिल्ली तक का सफर किया तय, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मैसेज आते ही पहुंचे

भिलाई7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

छत्तीसगढ़ के भिलाई युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाहिद ने दिल्ली जाकर प्लाज्मा डोनेट किया है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास के बुलावे पर शाहिद अपने साथी संदीप वोरा के साथ भिलाई से दिल्ली पहुंचे। संदीप वोरा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महासचिव हैं। प्लाज्मा डोनेट करने के दौरान बीवी श्रीनिवास भी अस्पताल में मौजूद रहे। भिलाई के युवा नेताओं को इसके लिए वेरी गुड भी कहा।

जान बचाने के लिए यह सफर जरूरी

भिलाई के युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाहिद ने बताया कि यूथ कांग्रेस की ओर से SOSIYC कैंपेन दिल्ली में चलाया जा रहा है। इसके जरिए लोगों को दवाईयां, बेड के साथ साथ प्लाज्मा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कैंपेन के तहत दिल्ली में एक जान बचाने के लिए उन्हें प्लाज्मा डोनेशन के लिए फोन आया था। जिसके बाद वे तत्काल दिल्ली पहुंचे और वेदांता अस्पताल में प्लाज्मा डोनेट किया। शाहिद ने इस दौरान देशवासियों से एक-दूसरे से मदद की अपील की है। एक व्यक्ति तीन बार प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।

प्लाज्मा डोनेट करने की अपील

भिलाई के युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाहिद ने बताया कि एंटीबॉडी छह महीने तक एक व्यक्ति में रहती है। और वह तीन बार प्लाज्मा डोनेट कर सकता है। हमने अपने सभी कार्यकर्ताओ और युवा लोगो से यहीं अपील करते है, कि इसमें ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करनी चाहिए। अगर मैं दिल्ली जाकर प्लाज्मा डोनेट कर सकता हूं, तो लोगो को अपने आस-पड़ोस व अन्य जगहों पर बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए। शाहिद ने यह भी बताया कि अगर किसी ओर को जरूरत पड़ेगी तो प्लाज्मा डोनेट करेंगे। हमने अपने सभी युवा कार्यकर्ताओं से यही अपील की है कि प्लाज्मा डोनेट करने से किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है। इसलिए अपनी जिंदगी के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी बचाने की पहल करें।

3 पॉइंट : क्या है प्लाज्मा डोनेशन और कौन कर सकता है

  • ICMR के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर तरुन भटनागर के मुताबिक, प्लाज्मा खून का एक हिस्सा होता है। इसे डोनेट करने से कोई कमजोरी नहीं आती है। यह बिल्कुल ब्लड डोनेशन जैसा है।
  • 18 से 60 साल के ऐसे लोग जो कोरोना से उबर चुके हैं। रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 14 दिन तक कोविड-19 के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं, वो डोनेट कर सकता है।
  • जिनका वजन 50 किलो से कम है वे प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते। गर्भधारण कर चुकी महिलाएं, कैंसर, गुर्दे, डायबिटीज, हृदय रोग फेफड़े और लिवर रोग से पीड़ित लोग प्लाज्मा दान नहीं कर सकते।

कोरोना मरीजों में कैसे काम करती है प्लाज्मा थैरेपी

ऐसे मरीज जो हाल ही में बीमारी से उबरे हैं उनके शरीर में मौजूद इम्यून सिस्टम ऐसे एंटीबॉडीज बनाता है जो ताउम्र रहते हैं और इस वायरस से लड़ने में समर्थ हैं। ये एंटीबॉडीज ब्लड प्लाज्मा में मौजूद रहते हैं। इनके ब्लड से प्लाज्मा लेकर संक्रमित मरीजों में चढ़ाया जाता है। इसे प्लाज्मा थैरेपी कहते हैं। ऐसा होने के बाद संक्रमित मरीज का शरीर तब तब तक रोगों से लड़ने की क्षमता यानी एंटीबॉडी बढ़ाता है जब तक उसका शरीर खुद ये तैयार करने के लायक न बन जाए।

खबरें और भी हैं...