लूट की वारदात:पिस्टल की नोंक पर तीन बदमाश बैंक के कैशियर से मोपेड समेत 15 लाख लूटकर ले गए, शोर तक नहीं मचा

भिलाईएक महीने पहले
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सीसीटीवी में बाइक पर आरोपी दिख रहे। - Dainik Bhaskar
सीसीटीवी में बाइक पर आरोपी दिख रहे।
  • पोलसाय पारा की घटना, इंडियन बैंक से रकम लेकर जा रहा था कर्मी

दुर्ग में सिंधी कॉलोनी जाने वाली सड़क पर बुधवार सुबह इंडियन बैंक कसारीडीह शाखा के कैशियर राहुल चौहान लूट का शिकार हो गया। वह स्टेशन रोड स्थित मेन ब्रांच से 15 लाख रुपए कैश गाड़ी की डिग्गी में लेकर अपने कसारीडीह शाखा जा रहा था। पोलसाय पारा के पास पहुंचते ही पीछा करते आ रहे नकाबपोश बाइक सवार 3 बदमाशों ने उसे रोका और पिस्टल दिखाकर धमकी दी। वह दूर खड़ा हो गया। इसके बाद बाइक सवार एक बदमाश उसकी गाड़ी लेकर अपने साथियों के साथ फरार हो गया।

बड़ी बात यह रही कि आसपास कई दुकानें खुली थीं, लेकिन किसी को घटना की भनक तक नहीं लगी। न ही कैशियर ने शोर मचाया। बदमाशों के भागने के 10 मिनट बाद उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस ने कैशियर के पूछताछ के आधार पर सीसीटीवी फुटेज जुटाए। आरोपियों टाउनशिप या फिर राजनांदगांव की ओर भागने की आशंका है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 394 के तहत केस दर्ज किया।

मिनट पर मोहन नगर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।

  • 9:30 बजे कैशियर अपने घर गायत्री मंदिर वार्ड से मोपेड लेकर निकला।
  • 9:38 मिनट पर कैशियर स्टेशन रोड स्थित मेन ब्रांच पहुंचा।
  • 10: 03 मिनट पर कैशियर गाड़ी की डिग्गी में 15 लाख कैश लेकर निकला।
  • 10:13 मिनट पर पोलसाय पारा में बदमाशों ने कैशियर को रोक लिया।
  • 10:16 मिनट पर नकाबपोश बदमाश पैसे व गाड़ी लूटकर फरार भी हो गए।
  • 10:35 मिनट पर कैशियर ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
  • 10:42 मिनट पर मोहन नगर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।

बिना सुरक्षा के कैश ले जाना गलत: लीड बैंक
इधर कैशियर की भी गलती सामने आई है। वह बिना सुरक्षा के इतनी बड़ी रकम गाड़ी डिग्गी में ले जा रहा था। लीड बैंक मैनेजर दीपक नायक के अनुसार बैंक कर्मी 50 हजार से 1 लाख रुपए तक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैसा लेकर आना-जाना किसी भी माध्यम से सकते हैं। लेकिन रकम उससे ज्यादा हाेने पर चार पहिया वाहन और बंदूकधारी गार्ड होना चाहिए। आपातकाल स्थिति में यदि बैंककर्मी इतनी बड़ी राशि लेकर जाता है तो उसे पहले कारण बताना पड़ेगा। बिना कारण बैंक कर्मी पैसा लेकर एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच जाता है तो कार्रवाई का नियम है।

सिर्फ पैसे ले जाने कैशियर गाड़ी का करता था उपयोग
एएसपी सिटी संजय ध्रुव के मुताबिक पूछताछ में कैशियर ने बताया कि वह कसारीडीह शाखा में पदस्थ है। वह हर 10वें दिन स्टेशन रोड की ब्रांच से पैसा लेकर अपने शाखा जाता था। आम दिनों में वह घर से अपनी ब्रांच जाने साइकिल का उपयोग करता था। हर बार वह मेन ब्रांच से पैसे ले जाने के लिए सिर्फ अपनी मोपेड का उपयोग करता था।

रेकी के बाद वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक घटना पूरी प्लानिंग के तहत की गई है। लुटेरों ने रेकी करने के बाद पूरी वारदात की होगी। वे स्टेशन रोड स्थित इंडियन बैंक से कैशियर का पीछा कर रहे थे। बदमाशों को पता था कि कैशियर की गाड़ी की डिग्गी में पैसा रखा हुआ है। इस वजह से लूट के बाद बदमाश कैशियर की गाड़ी लेकर फरार हो गए। इससे शंका है कि लुटेरों को बैंक के किसी कर्मचारी ने सूचना दी है। पुलिस इन पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

टाउनशिप व राजनांदगांव की दिशा में तलाश शुरू
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार पहले बदमाश ग्रीन चौक पहुंचे। इसके बाद रेलवे स्टेशन के सामने से मालवीय नगर चौक, वायशेप ब्रिज की तरफ आ गए। पुलिस को शंका है कि बदमाश लूट की वारदात करके सेक्टर एरिया या हाईवे से राजनांदगांव की ओर भागे।

एक घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस टीम
घटना जिस सड़क पर हुई, उसका एक तरफ का हिस्सा मोहन नगर थाने की सीमा पर है, जबकि दूसरा हिस्सा दुर्ग कोतवाली थाना अंतर्गत आता है। घटना सड़क के बीचो बीच हुई है। जिसके कारण दोनों थानों की पुलिस एक घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। घटना के बाद आरोपी मोहन नगर थाने के सामने से निकलकर फरार हो गए। पुलिस खाली हाथ रही।

सीसीटीवी में तस्वीर कैद बाइक का डिटेल ले रहे
एएसपी, सीएसपी और तीन थानेदारों को सिविल टीम के साथ जांच में लगाया गया है। कई स्थानों पर बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे मेें कैद हुई है। बदमाशों की बाइक की डिटेल भी खंगाली जा रही है।
-बद्रीनारायाण मीणा,एसएसपी दुर्ग

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