अंजरेल में माइनिंग प्वाइंट पर बैरक तैयार:जवानों की तैनाती के बाद काटे जाएंगे पेड़, ​​पहाड़ियों से हर साल 3.5 मिलियन टन आयरन ओर की होगी सप्लाई

भिलाई2 महीने पहले
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पहाड़ियों के बीच बैरक का हुआ निर्माण, नक्सली प्रभावित है इलाका। - Dainik Bhaskar
पहाड़ियों के बीच बैरक का हुआ निर्माण, नक्सली प्रभावित है इलाका।

अंजरेल (रावघाट) के माइनिंग प्वाइंट में जवानों के लिए बैरक स्थापित किए जा चुके हैं। अब फोर्स के आने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद माइनिंग स्थल के आसपास के पेड़ों की कटाई शुरू की जाएगी। उसके बाद ही आयरन ओर की माइनिंग शुरू हो पाएगी। स्थिति को देखते हुए अगले वित्त वर्ष से ही माइनिंग शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

रावघाट में माइनिंग शुरू करने से जुड़ी गतिविधियों में बार-बार आ रही बाधा को देखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने प्लांट में आयरन ओर की डिमांड को पूरा करने के लिए रावघाट से लगी पहाड़ी अंजरेल में अंतरिम माइनिंग करने जा रहा है। यहां से बीएसपी को हर साल साढ़े तीन मिलियन टन आयरन ओर की सप्लाई होगी। माइनिंग प्वाइंट से भानुप्रतापपुर-नारायणपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क मार्ग का भी निर्माण हो चुका है। जहां माइनिंग की जानी है, वहां सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए जाएंगे।

पेड़ों के एवज में प्लांटेशन का काम शुरू
अंजरेल में माइनिंग प्वाइंट तक पहुंच मार्ग तैयार करने के लिए पेड़ों की कटाई पहले ही की जा चुकी है। अब माइनिंग प्वाइंट में पेड़ों की कटाई की जानी है। इसके लिए बीएसपी प्रबंधन ने वन विभाग की डिमांड मुताबिक राशि का भुगतान भी कर दिया है। इसके अलावा काटे जाने वाले पेड़ों की एवज में प्लांटेशन का काम भी शुरू हो चुका है। ताकि यहां की ग्रीनरी प्रभावित न हो। बहरहाल जवानों की तैनाती के बाद पेड़ों की कटाई की जाएगी। उसके बाद ही पेड़ों की कटाई की जाएगी।

सुरक्षा बल मुहैया होने पर की जाएगी सघन पेड़ों की कटाई
माइनिंग एरिया नक्सल प्रभावित है। पूर्व में पेड़ कटाई को लेकर नक्सलियों की ओर से धमकी भी मिल चुकी है, जिसकी वजह से करीब तीन महीने तक क्षेत्र में कामकाज लगभग ठप रहा। माहौल सामान्य होने के बाद एक बार फिर ए ब्लॉक और अंजरेल में माइनिंग से पूर्व किए जाने वाले निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। लेकिन माइनिंग एरिया में पेड़ों की कटाई के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती का इंतजार किया जा रहा है। बीएसएफ की तैनाती के बाद नक्सलियों से भी सुरक्षा की जाएगी।

इस साल फरवरी में अंजरेल में की गई टोकन माइनिंग
फरवरी के पहले सप्ताह अंजरेल में टोकन माइनिंग की गई। करीब 300 टन आयरन ओर का खनन किया गया, जिसे सड़क मार्ग से अंतागढ़ तक पहुंचाया गया। यहां लोडिंग यार्ड तैयार किया जा रहा है। यहीं से रेल मार्ग से आयरन ओर की सप्लाई दल्ली राजहरा और फिर क्रशिंग और वाशिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएसपी प्लांट तक की जाएगी। बता दें कि भानुप्रताप से नारायणपुर मुख्य मार्ग को जोड़ने के लिए एक नई सड़क का भी निर्माण किया गया है।

नक्सली समस्या, ग्रामीणों के विरोध से प्रोजेक्ट पीछे
बीएसपी में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जब प्लांट में एक्सपांशन परियोजना पर काम शुरू किया गया, उसी समय से आयरन ओर की बढ़ती डिमांड को ध्यान में रखते हुए रावघाट में भी माइनिंग के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 2008 में लीज नवीनीकरण होने के बाद 2012 तक माइनिंग शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन ग्रामीणों का विरोध, नक्सली घटनाएं और पर्यावरण क्लियरेंस में देरी की वजह से प्रोजेक्ट करीब 9 साल पीछे चल रहा है।

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