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  • When Bhaskar Asked, He Got This Answer From Neeraj Pal; Even After The Separation Of Risali, The Cleaning Cost Is 16 To 58 Crores.. Even Then The Complaints?

नए मेयर के सामने चुनौतियां:रिसाली के अलग होने पर भी सफाई खर्च 16 से 58 करोड़..शिकायतें तब भी? नया ठेका होगा, नीरज पाल ने कहा तीन सेग्रीगेशन प्लांट जल्द

भिलाई10 दिन पहले
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भिलाई निगम के पांचवें मेयर के रूप में नीरज पाल निर्वाचित हुए। वहीं सभापति गिरवट बंटी साहू बनें, इसके बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल रहा। - Dainik Bhaskar
भिलाई निगम के पांचवें मेयर के रूप में नीरज पाल निर्वाचित हुए। वहीं सभापति गिरवट बंटी साहू बनें, इसके बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल रहा।

70 वार्डों वाले भिलाई निगम में गुरुवार को नई शहर सरकार के मुखिया का चुनाव हो गया। भिलाई निगम के पांचवें मेयर के रूप में नीरज पाल चुने गए। सभापति पद पर अचानक गिरवर साहू बंटी को आसीन किया गया। दोनों को 44-44 वोट मिले। इसे लेकर सुबह से गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। बीजेपी को क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ा। वहीं निर्दलीयों ने भी अपना प्रत्याशी खड़ा किया। उन्हें 4-4 वोट मिले। सुभद्रा सिंह बागी होकर नामांकन भरने पहुंच गई। उन्हें किसी तरह मनाया गया। इस पूरे एपीसोड के बाद भास्कर ने नव निर्वाचित मेयर से शहर की चुनौतियों को लेकर बात की। मेयर से समझा कि उनके दिमाग में शहर के विकास का क्या खाका है...

मेयर सभापति चुनाव को तस्वीरों से समझिए: कांग्रेस की सुभद्रा बागी हुई पर प्रस्तावक नहीं मिले

कांग्रेस: मेयर पर सत्ता-संगठन दोनों का हाथ
भिलाई निगम के पांचवें मेयर के रूप में नीरज पाल निर्वाचित हुए। वहीं सभापति गिरवट बंटी साहू बनें, इसके बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल रहा।

बीजेपी: 2 ने की क्रॉस वोटिंग
बीजेपी में क्रॉस वोटिंग के बाद जैसे ही मेयर और सभापति का निर्वाचन हुआ, बीजेपी नेता स्थल से लौट गए। इस दौरान सांसद विजय बघेल, राकेश पांडेय, सांवलाराम मौजूद थे।

निर्दलीय: लड़े और मुद्दे गिनाए
इधर निर्दलीय पार्षदों ने बिजली बिल, संपत्तिकर हाफ, साफ पानी सहित अन्य मुद्दे गिनारे। इस अवसर पर पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा सहित अन्य प्रमुख रूप से मौजूद थे।

मुद्दे की बात; सभी 70 वार्डों के विकास पर जोर, आउटर वार्डों पर पहले काम करेंगे

Q. पिछले पांच साल में शहर की सफाई पर खर्च 16 से 58 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन सफाई व्यवस्था लचर है। रिसाली निगम बनने के बाद भी इतना अधिक खर्च सफाई पर हो रहा, यह कहां तक सही हैं? A. सफाई व्यवस्था के सुधार की दिशा में काफी काम हुआ है। अब शहर के अंदर कहीं भी कचरे का ढेर नहीं दिखाई देता। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, मानव चलित रिक्शों की जगह ई-रिक्शे चलन में लाए जा रहे हैं। तीन नए एसएलआरएम सेंटर खोले जाने की तैयारी चल रही है। एक एसएलआरएम सेंटर बनकर भी तैयार हो गया है। रही बात ठेके की तो उसके लिए भी नए सिरे से निविदा जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा वर्तमान में भी सफाई एजेंसी नहीं होने पर शहर में रोजाना डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। Q. निगम और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इसके बाद भी निगम अपना बिजली बिल तक नहीं चुका पा रही। इसके चलते बिजली बिल का बकाया करोड़ों रुपए का है? और हाफ बिजली योजना की बात करते हैं? A. बिजली बिल का भुगतान शासन से मिलने वाले मद के आधार पर किया जाता है। समय-समय पर राज्य सरकार का ध्यान इस ओर किया जाता रहा है। इसके अलावा निगम हर माह धीरे-धीरे बिल का भुगतान कर ही रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो निगम की बिजली नहीं कट जाती। इसके अलावा निगम कार्यालय के नए भवन निर्माण को लेकर पहले से कोई जगह का इश्यू चला आ रहा था। इस विषय पर पिछली शहर सरकार में चर्चा हो चुकी है। Q. भिलाई निगम में काफी समय से शहर सरकार कांग्रेस की रही है, फिर भी बीएसपी प्रबंधन से तमाम मुद्दों को लेकर समन्वय नहीं बना सके हैं? A. ऐसा नहीं है कि शहर सरकार का बीएसपी मैनेजमेंट से समन्वय नहीं रहा। हालांकि कुछ मुद्दों को लेकर कभी-कभार सहमति नहीं बनी होगी। यदि ऐसा होता तो टाउनशिप में सेक्टर-2 से लेकर सेक्टर-5 तक सौदर्यीकरण से लेकर विकास तमाम कार्यों नहीं होते। एनओसी को लेकर बातचीत की जाएगी। Q. निगम क्षेत्र के कई वार्डों में कुरुद और खम्हरिया जैसे ऐसे हैं, जो ग्रामीण परिवेश के हैं, उन जगहों पर जितना विकास होना चाहिए था? A. यह तो मेरी प्राथमिकता में शामिल है। जिस तरह पिछले कार्यकाल में सेक्टर-5 का विकास किया गया। भिलाई के प्रत्येक वार्ड का विकास कराना है। अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण को लेकर शासन से समय-समय पर चर्चा की जाती रही है।

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