डैमेज कंट्रोल प्लान:कांग्रेस और भाजपा बागियों को लेकर नरम, नफा-नुकसान देख लेंगे निर्णय

भिलाईएक महीने पहले
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जिले के 4 निकाय में 111 बागी प्रत्याशी बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। चारों निकायों में 301 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से ये 111 बागी भी शामिल हैं। इस प्रकार सभी निर्दलीय कांग्रेस और भाजपा का गणित बिगाड़ रहे हैं। इसे देखते हुए पिछले दिनों बीजेपी ने चारों निकायों से करीब 48 बागियों को चिन्हित किया। उनके नाम तय किए गए। जबकि 54 बागी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस में 57 बागी चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उनमें से अब तक किसी को भी चिन्हित नहीं किया गया है।

जिला स्तर पर अनुशासन समिति का गठन किया गया, जिसे वार्डों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देनी है। इन सबके बीच बागियों पर कार्रवाई को लेकर दैनिक भास्कर ने ट्विनसिटी सहित प्रदेश के बड़े नेताओं से बात की। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक पार्टियों में बागियों के लिए अब भी सॉफ्ट कॉर्नर दिख रहा है। साथ ही वार्ड चुनाव में जीत के प्रति घबराहट नजर आई। इससे माना जा रहा है कि अब मतगणना तक बागियों पर कार्रवाई टाले जाने की तैयारी है। बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

जानिए वो तीन कारण, जिसकी वजह से नरम पड़े राजनीतिक दल

जीतकर आने पर बागियों को अपनाने की परंपरा
भिलाई, चरोदा सहित अन्य निकायों में हुए वार्ड चुनाव में बगावत कर चुनाव लड़कर जीतने वालों को पार्टी में शामिल किया गया है। पिछले दिनों दुर्ग में वार्ड चुनाव हुए, जीतकर आने वाले निर्दलीयों को कांग्रेस व भाजपा में पुन: शामिल कर लिया गया।

जातीय समीकरण बिगड़ने का डर
चुनावों में जातिगत समीकरण न बिगड़े। वर्ग विशेष निष्कासन से नाराज न हो, इसे देखते हुए पार्टी ने अब तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इससे कैडर वोट को भी प्रभावित होने से बचाए जाने की तैयारी है। समीकरण बिगड़ने का डर बना हुआ है।

कमजोर प्रत्याशी होने पर वार्ड जीतने का मौका
टिकट वितरण में निर्णय गलत होने की स्थिति में यदि बागी चुनाव जीतता है, तो पार्टी के पास यह मौका रहेगा। पार्टी का कार्यकर्ता ही वार्ड से पार्षद होगा। इससे संख्या बल में बढ़ोत्तरी होगी। शहर सरकार बनाने में आसानी होगी। इस वजह से निष्कासन की कार्रवाई से बच रहे हैं।

  • 111 प्रत्याशी ऐसे जो कांग्रेस-भाजपा से बागी बन चुनाव लड़ रहे
  • 54 बागियों में भाजपा ने 48 पर कार्रवाई की तैयारी की
  • 57 बागी कांग्रेस में, जिन्हें लेकर अनुशासन कमेटी बनाई गई
  • 301 निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वार्ड चुनाव में मैदान में डटे हुए

भाजपा और कांग्रेस में बागियों पर कार्रवाई को लेकर की गई तैयारी

कांग्रेस में अनुशासन समिति बनी
कांग्रेस ने अब तक बागियों की सूची तैयार नहीं की है। हालांकि अघोषित तौर पर 57 बागी मैदान में नजर आ रहे हैं। तीन दिन पहले अनुशासन समिति का गठन किया गया। इसमें गिरी राव, विजय साहू, किशन यादव को शामिल किया गया। 10 दिसंबर को यह कमेटी गठित की गई।

भाजपा ने 48 बागियों को चिन्हित किया
भाजपा ने मंडल स्तर पर बागियों की सूची तैयार कराई। रिसाली, भिलाई, चरोदा और जामुल में करीब 48 बागियों को चिन्हित किया गया। इसमें भिलाई से 15, रिसाली व जामुल से 10-10, चरोदा से 13 बागियों को चिन्हित किया गया। उन पर निलंबन की कार्रवाई लंबित है।

6 दिसं. से सिर्फ जांच व निष्कासन की चेतावनी

प्रदेश इकाई से कार्रवाई की घोषणा की जाएगी
पार्टी के प्रत्याशी के सामने निर्दलीय लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। कार्रवाई की घोषणा वहीं से होगी। -वीरेंद्र साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष, भिलाई

अनुशासनात्मक कमेटी की जांच फिलहाल जारी
बागियों पर कार्रवाई के लिए अनुशासनात्मक कमेटी गठित की गई है। जो बागियों के चिन्हांकन का काम कर रही है। जांच फिलहाल जारी है।-मुकेश चंद्राकर, अध्यक्ष कांग्रेस