अच्छी खबर:एक ही परिवार के 12 लाेगोंं ने सजगता, सकारात्मक सोच व दवा से कोरोना को हराया

निकुम6 महीने पहले
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निकुम. काेराेना की जंग जीतने वाले खुरसुनी का शिक्षक परिवार। - Dainik Bhaskar
निकुम. काेराेना की जंग जीतने वाले खुरसुनी का शिक्षक परिवार।
  • समय पर कोरोना जांच व डाॅक्टर के परामर्श से घर पर ही रहकर सभी 14 दिन में हुए स्वस्थ, ग्राम खुरसनी के गुरुजी ने कोरोना से लड़ने का जो पाठ पढ़ाया वह हम सबको बीमारी से बचाएगा

कोरोना संक्रमण ने लोगों के मन में खौफ पैदा कर दिया है, लेकिन इसी बीच बहुत से ऐसे लोग हैं जो सकारात्मक सोच और दवा के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए बताए गए उपाय का पालन कर जंग जीत गए हैं। अब वे स्वस्थ हैं। गुंडरदेही ब्लाॅक के ग्राम खुरस़नी के शिक्षक शत्रुहन बारले के परिवार के 12 लाेगाें ने कोरोना को मात दी और अब सभी स्वस्थ हो गए हैं।

कोरोना पॉजिटिव होने के बाद परिवार के लाेगाें ने अपना आत्मबल कमजोर नहीं होने दिया। हौसले के साथ उन्होंने संकट की घड़ी का सामना किया। होम आइसोलेशन में रहकर वह इलाज कराते रहे। जिसके चलते अब वह स्वस्थ हो चुके हैं। अब दूसरे मरीजों का भी हौसला बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की गाइडलाइन का पालना कर और बेहतर खान पान से इस बीमारी को जीता जा सकता है।

शादी से लौटकर हुए बीमार, जांच कराने पर पाॅजिटिव निकले

प्राथमिक शाला खाड़ा में कार्यरत शिक्षक शत्रुहन बारले 58 वर्ष बताते हैं कि 4 अप्रैल को अपने रिस्तेदार के घर भिलाई शादी कार्यक्रम से लौटने के बाद बीमार पड़ गए। हल्का बुखार, जीभ में स्वाद नहीं आने पर पत्नी किरण बारले सहित परिवार के लाेगाें ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निकुम में जांच कराई। तब परिवार के सभी 12 सदस्य कोरोना पाॅजिटिव आ गए। इस मुसीबत की घड़ी में शिक्षक बारले ने अपने परिवार के सभी लाेगाें का हौसले बढ़ाया और मिलकर काेराेना काे हराने की ठान ली। संकट का सामना पूरे आत्मविश्वास से कर काेराेना की जंग जीत ली।

उत्तम बारले की मां 56 वर्षीय किरण बारले निजी अस्पताल में 10 दिनों तक कोरोनो से लड़ती रही। वहीं चचेरे भाई नेमीचंद गुंडरदेही के कोविड सेंटर में भर्ती रहे। इस दौरान बड़े बेटे मेहुल बारले 11 वर्ष ने सभी के खाने व अन्य जरूरताें काे पूरा किया।

नियमित मास्क लगाएं

कोरोना संक्रमित शत्रुहन बारले, किरण, उत्तम, नीता, दुश्यंत, नेमीचंद, प्रेमचंद, गीता, नम्रता, केशरबाला और बच्चों ने एक साथ काेराेना की लड़ाई लड़ी। समय पर कोरेोना जांच व चिकित्सक परामर्श से सभी जल्द स्वस्थ हुए। मितानिन कुलेश्वरी ढीमर ने कोरोना प्रोफालिगं किट दी। समय- समय पर दवाई, ताजा भोजन, नियमित मास्क का उपयाेग, घर में स्वच्छता का ध्यान रखा। इसके कारण होम क्वारेंटाइन होकर 14 दिन में ठीक हाे गए।

संक्रमण से बचने अब दूसरों काे कर रहे हैं प्रेरित

काेराेना से स्वस्थ्य होने के बाद 25 वर्षीय नेमीचंद बारले ने कहा कि मरीज काे हमेशा सकारात्म साेच रखनी चाहिए। तभी वह जल्द स्वस्थ हाे सकेगा। हमारी साेच ही बीमारी काे बढ़ा या घटा सकती है। स्वास्थ्य विभाग पूरी सुविधा दे रहा है। लक्षण दिखने पर कोरोना जांच कराएं। पाॅजिटिव आने पर दवाई नियम से व डॉक्टर की सलाह से लें। मास्क जरूर पहनें। मानसिक रूप से स्वस्थ होकर कोरोना को हरा सकते हैं। उत्तम बारले ने कहा कि बुखार आने पर तुरंत इलाज कराएं। काेई और संक्रमित ना हाे इसके लिए लाेगाें काे कोविड वैक्सीन व मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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