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उठाव में सुस्ती:1.25 लाख क्विंटल धान खुले में पड़ा, बारदाने फटे, जमीन पर बिखरा है धान, ऑपरेटर खाद वितरण में व्यस्त, इसलिए मिलान पर ब्रेक

राजनांदगांव7 दिन पहले
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सोसाइटियों में धान इस तरह खुले में पड़ा हुआ है। - Dainik Bhaskar
सोसाइटियों में धान इस तरह खुले में पड़ा हुआ है।

जिले में एक दिसंबर से धान की खरीदी शुरू हुई। 7 माह बीत जाने के बाद भी सोसाइटियों से धान का उठाव पूरा नहीं हुआ है। अब भी सोसाइटियों में 1 लाख 25 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है। बारिश में धान भीग कर खराब हो रहा। सरकारी धान मौसम की मार झेलते हुए बर्बाद हो रहा है। कुछ सोसाइटियों में तो धान इस कदर खराब हुए हैं कि मिलर्स किसी भी कीमत पर उठाव करने तैयार नहीं हैं।

हालांकि मिलर्स पर लगातार दबाव डाला जा रहा है कि धान का जल्द उठाव करें पर बारिश होने पर उठाव का काम प्रभावित हो रहा है। इधर जिले में धान का मिलान कार्य भी बंद हो गया है। सोसाइटियों के ऑपरेटर ऋण, खाद, बीज वितरण और फसल बीमा योजना के पंजीयन कार्य में व्यस्त हो गए हैं। डीएमओ सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अब ज्यादा धान शेष नहीं रह गया है। 30 जुलाई तक उठाव पूरा हो जाएगा। मिलान का कार्य ऑपरेटरों के व्यस्त होने की वजह से नहीं हो पा रहा है। जल्द मिलान पूरा कराएंगे।

शॉर्टेज बता रहे प्रबंधक

मार्कफेड की ओर से तीन से चार सोसाइटियों में ही मिलान कार्य कराया गया। यहां पर बड़ी मात्रा में धान की कमी सामने आई है। दूसरी ओर से सोसाइटी प्रबंधक लगातार सूखत की जानकारी दे रहे हैं। प्रबंधकों का कहना है कि लंबे समय तक धान डंप रहने की वजह से वजन में कमी आ रही है। इधर अफसरों का कहना है कि मिलान कार्य शुरू होने पर पता चलेगा कि किस सोसाइटी में कितना धान कम हो गया है।

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