मोहारा एनीकट का जलस्तर गिरा:मोंगरा से छोड़ा 800 क्यूसेक पानी, कल पहुंचेगा शहर

राजनांदगांव6 महीने पहले
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  • भीषण गर्मी में एनीकट में कम पानी होने के कारण सप्लाई में हो रही दिक्कत

शिवनाथ नदी पर बने मोहारा एनीकट में जलस्तर तेजी से गिर रहा है। एनीकट से ही पूरे शहर को पानी की सप्लाई की जाती है। लेकिन एनीकट में वर्तमान में पानी समिति मात्रा में ही मौजूद है। इसके चलते सप्लाई में दिक्कत हो रही है।

इधर निगम प्रशासन ने बताया कि मोंगरा बैराज से शहर के लिए 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जो शुक्रवार तक शहर पहुंच जाएगा। इसके बाद शहर के लिए पानी की समस्या नहीं होगी। हालांकि शुक्रवार को पहुंचाने वाला पानी अधिकतम 15 मई तक ही चलेगा।

इसके बाद दोबारा पानी के खेप की जरूरत पड़ेगी। जिसके लिए पूर्व में पानी आरक्षित तो करा दिया गया है, लेकिन तत्कालीन हालात को देखते हुए ही डिमांड के मुताबिक शहर को मिल सकेगा। मोहारा में जल स्तर गिरने के बाद शहर में सप्लाई भी प्रभावित होने लगी थी, लेकिन तय समय में पानी आने से अब अफसरों के सामने भी राहत की स्थिति बनेगी। पानी की दूसरी खेप मोंगरा बैराज से 15 मई के बाद आने की संभावना हैं।

बारिश नहीं होने के कारण मेंटेन नहीं हुआ वाटर लेवल

हर साल बारिश के बाद ठंड के मौसम में भी बारिश होती रही है। इसके चलते मोहारा एनीकट का लेवल मेंटेन रहता था। लेकिन इस साल ठंड में बारिश दर्ज नहीं हो सकी। यही वजह है कि मोहारा का जलस्तर तेजी से गिरता चला गया। इसके चलते निर्धारित समय से पहले ही पानी की खेप मंगानी पड़ रही है।

लॉकडाउन के चलते वार्डों में नहीं बढ़ी डिमांड, राहत

इधर लॉकडाउन से भी निगम प्रशासन को जलापूर्ति को लेकर काफी राहत मिली है। लॉकडाउन में दुकानों से लेकर होटल भी बंद हैं। वहीं लोग भी घरों पर ही हैं। इसके चलते पानी की खपत कम हो गई है। यही वजह है कि इस बार गर्मी में बीते सालों की तुलना में पानी की डिमांड कम ही रही है। इस बार सप्लाई व डिमांड सामान्य है।

छोटे तालाब व स्टापडेम भी तेजी से सूख रहे: शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी पानी का संकट गहराता जा रहा है। ज्यादातर छोटे तालाब और स्टापडेम सूख चुके हैं। इन्हें भी भरने के लिए कुछ जलाशयों से पानी छोड़ने की तैयारी है। ग्रामीणों के सामने निस्तारी का संकट है।

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