36 घंटे बाद खोला गया नेशनल हाईवे:क्षेत्रीय विधायक और एसडीएम की समझाइश के बाद माने लोग, सड़क से हटे लेकिन किनारे पर डटे

मानपुर मोहला5 महीने पहले
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हाईवे पर बैठे लोग अब सड़क से तो हट गए लेकिन किनारे बैठ गए हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी होने के बाद ही वे आंदोलन खत्म करेंगे। - Dainik Bhaskar
हाईवे पर बैठे लोग अब सड़क से तो हट गए लेकिन किनारे बैठ गए हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी होने के बाद ही वे आंदोलन खत्म करेंगे।

राजनांदगांव जिले के मानपुर ब्लाक में कोहका चौक पर नेशनल हाईवे पर लगा जाम आखिर 36 घंटे बाद मंगलवार रात 11 बजे खोल दिया गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। दोनों तरफ कई किलोमीटर तक खड़ी गाड़ियों को निकलने में कई घंटे का समय लगा। मानपुर मोहला के क्षेत्रीय विधायक और संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी और एसडीएम राहुल रजक की समझाइश के बाद लोगों ने हाईवे को छोड़कर उसके किनारे एक टेंट लगाकर धऱना देना शुरू किया है। ये लोग सीतागांव को तहसील घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

विधायक और एसडीएम ने लोगों को आश्वासन दिया है कि वह उनकी मांग को शासन के समक्ष रखेंगे। लोगों का कहना है कि वह जाम तो नहीं लगाएंगे, लेकिन जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती है वह धरना अनवरत जारी रखेंगे। मानपुर मोहला को नया जिला बनाने की घोषणा के बाद सीतागांव को अलग तहसील बनाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार सुबह 11 बजे से हजारों की संख्या में लोग कोहका चौक में नेशनल हाईवे पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। एक दिन तक लगातार जाम लगा रहने से यहां का अंतरराज्यीय परिवहन पूरी तरह से ठप हो चुका था। शासन प्रशासन लोगों को मनाने में लगा था। कई दौर की वार्ता के बाद 36 घंटे बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और वह हाईवे की जगह किनारे धरना देने पर राजी हुए। लोगों को मनाने के लिए मंगलवार सुबह यहां के संसदीय सचिव इंद्रसाव मंडावी ने लोगों से फोन पर बात की लेकिन जब वह राजी नहीं हुए तो देर रात वह खुद मौके पर पहुंचे और लोगों को मनाने में सफल रहे।

शासन प्रशासन और पुलिस विभाग ने ली राहत की सांस

मानपुर ब्लाक में लोगों द्वारा किया गया यह जाम सबसे अधिक समय तक चलने वाला जाम हो गया है। यहां के लोगों ने दो दिन और एक रात ठंड में सड़क पर बैठकर गुजार दी है। ग्रामीणों की मांग है कि सीतागांव को मानपुर मोहला जिले में तहसील का दर्जा दिया जाए। उन्हें अन्य तहसील में नहीं जुड़ना है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह आंदोलन को और तेज करेंगे। हालांकि उनके हाईवे से जाम खत्म के बाद शासन प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

डरते हुए वार्ता पर गए एसडीएम

मानपुर मोहला के एसडीएम राहुल रजक मंगलवार रात डरते हुए पुलिस सुरक्षा के बीच लोगों से वार्ता करने पहुंचे। इससे पहले ही वह सोमवार को लोगों से बात करने पहुंचे थे। वह लोगों को समझा ही रहे थे कि कुछ अराजक तत्वों के भड़काने पर लोग उग्र हो गए और एसडीएम को दौड़ाना शुरू कर दिया था। एसडीएम रजक और उनका चालक किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागे थे। इसके बाद उन्होंने कोहका थाने पहुंचकर इसकी शिकायत भी की थी। इसीलिए जब उन्हें फिर से वहां जाने के निर्देश दिए गए तो वह काफी डरे हुए पहुंचे।

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