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प्रक्रिया:सीजी बारहवीं बोर्ड की घर बैठे परीक्षा कल से शुरू

राजनांदगांव18 दिन पहले
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  • दसवीं के बाद अब बारहवीं की भी परीक्षा सिर्फ औपचारिकता, स्टूडेंट्स को चिंता प्रतिस्पर्धा खत्म होगी

दसवीं के बाद अब बारहवीं की परीक्षा भी घर बैठे हो रही है। 1 जून से बारहवीं की परीक्षा शुरू हो रही है, जो पांच जून तक चलेगी। परीक्षार्थियों को 10 जून तक सभी पेपर हल कर उत्तरपुस्तिका केंद्रों में जमा करना होगा।कोरेाना संक्रमण को देखते हुए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस तरह से परीक्षा के आयोजन का आदेश जारी किया था।

जिले के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 1 जून से प्रश्नपत्र का वितरण किया जाएगा। सभी केंद्रों में प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका दोनों ही पहुंच गई है। विद्यार्थी जिस स्कूलों में पढ़े हैं, उन्हें प्रश्नपत्र उन्हीं स्कूलों में मिलेगा। स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए भी केंद्र निर्धारित किए जा चुके हैं। 1 जून को सभी केंद्रों में प्रश्नपत्र का वितरण किया जाएगा। इसके बाद हर प्रश्नपत्र को हल करने के लिए पांच दिन का समय मिलेगा।

परीक्षा 1 से 5 जून तक चलेगी। इस तरह 10 जून तक सभी परीक्षार्थियों को उत्तरपुस्तिका केंद्रों में जमा करना होगा। डीईओ एचआर सोम ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी न हो, इसके लिए भी व्यवस्था बनाई गई है। विद्यार्थियों को मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेसिंग का पालन अनिवार्य रुप से करने कहा गया है।

प्रश्नपत्र के साथ मिलेगी आंसरशीट, सप्लीमेंट्री भी
स्टूडेंट्स को परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र के साथ हर विषय के लिए उत्तरपुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा। जो परीक्षार्थी प्रश्नपत्र को देखते हुए सप्लीमेंट्री शीट की मांग करेगा, उसे पहले ही सप्लीमेंट्री शीट उपलब्ध करा दी जाएगी। अगर इसका इस्तेमाल परीक्षार्थी नहीं कर पाता है तो उसे यह शीट मूल उत्तरपुस्तिका के साथ जमा करना होगा। सभी केंद्रों में प्रश्नपत्र और आंसरशीट संख्या के मुताबिक पहुंचा दी गई है।

20 हजार से भी अधिक परीक्षार्थी हो रहे शामिल
बारहवीं के अलग-अलग विषय के साथ 20 हजार परीक्षार्थी इस बार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। ऑफलाइन परीक्षा की संभावना को देखते हुए इनके लिए केंद्र भी निर्धारित किए जा चुके थे। परीक्षा की लगभग सभी तैयारी हो चुकी थी। लेकिन माशिमं के आदेश के बाद परीक्षा की पद्धति बदल गई है। प्रश्नपत्र के लिए परीक्षार्थियों को दूसरे स्कूलों में नहीं जाना पड़ेगा। स्कूलों में प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका मिलेगी।

पालकों को राहत, टॉपर्स ऐसे एग्जाम से नाखुश
कोरोना संक्रमण काल के बीच इस तरह के परीक्षा के आयोजन से पालकों को राहत मिली है। ज्यादातर पालक बच्चों को परीक्षा केंद्र तक भेजने का जोखिम नहीं उठाना चाह रहे थे लेकिन परीक्षा की इस पद्धति से टॉप करने की उम्मीद के साथ तैयारी करने वाले छात्रों को निराशा हाथ लगी है। ऐसे छात्रों का पक्ष है कि परीक्षा की इस पद्धति से प्रतिस्पर्धा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। फिर दसवीं की तरह सभी के परिणाम एक से ही होंगे।

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