वर्ल्ड चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया:पिता ने उधार लेकर बेटी की ट्रेनिंग करवाई,ग्रीस में आयोजित वेटलिफ्टिंग में जीता देश के लिए सिल्वर मेडल

राजनांदगांव7 महीने पहले

छतीसगढ़ के राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी ने ग्रीस में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल हासिल किया है। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 156 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। ज्ञानेश्वरी प्रदेश की पहली महिला वेटलिफ्टर हैं जिसने विदेश में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल लेकर प्रदेश का नाम ऊंचा किया। खिताब हासिल करने के बाद ज्ञानेश्वरी को बधाई देने के लिए लोग लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।

दरअसल, ज्ञानेश्वरी यादव राजनांदगांव के शासकीय दिग्विजय कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। पिता दीपक यादव पेशे से बिजली मैकेनिक हैं। और प्राइवेट संस्था में काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी पिता ने कभी बेटी को खेलने से रोका नहीं। बल्कि बेटी की रूचि को देखते हुए वेटलिफ्टिंग जैसे हैवी प्रैक्टिस वाले गेम के लिए प्रोत्साहित किया और बच्ची के लिए हजारों रुपए खर्च किए।

जरूरत पड़ी तो ज्ञानेश्वरी के पिता ने अपने दोस्तों से भी आर्थिक मदद ली और बेटी के सपने को साकार किया। आर्थिक तंगी के बाद भी ज्ञानेश्वरी का खेल लगातार निखरता गया। ज्ञानेश्वरी के पिता ने बताया कि परिवार को अभी तक किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिली है। आर्थिक दिक्कतों के बाद भी ज्ञानेश्वरी का खेल जारी है। पिता ने कहा कि अगर सरकारी प्रोत्साहन और सही प्रशिक्षण मिले तो आने वाले समय में ज्ञानेश्वरी और भी मैडल देश के लिए बटोर सकती है।

ऐसे हुई थी चयनित
ज्ञानेश्वरी ने साल 2022 में भुवनेश्वर में आयोजित ओपन जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त कर वर्ल्ड स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई थी। ज्ञानेश्वरी के खाते में और भी पदक हैं। राष्ट्रीय गेम्स 2018 गुवाहाटी में कांस्य पदक, खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019 में रजत पदक, 2020 में ओपन यूथ एवं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत। लगातार पदकों का सिलसिला जारी है। वहीं ग्रीस में आयोजित प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी ने सिल्वर मेडल प्राप्त कर नाम रोशन किया।