पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लॉकडाउन में ऐसा हाल:दावा- बॉर्डर सील, सच- महाराष्ट्र से रोजाना पहुंच रही शराब, पुष्टि-7 दिन में 20 से अधिक तस्कर गिरफ्तार

राजनांदगांवएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • राज्य के बाॅर्डर पर आबकारी ने भी बना रखी है जांच चौकी, फिर भी नहीं थम रही शराब की तस्करी
  • कार्रवाई: ग्रामीण इलाकों में कोचियों को दबोच रही पुलिस

जिला प्रशासन ने जिले के सभी बाॅर्डर सील होने का दावा किया है। दावा यह भी है कि हर आने-जाने वाले की जांच हो रही है। कोरोना टेस्ट भी किया जा रहा है, लेकिन इन्हीं हिस्सों से जिले में बड़ी मात्रा में शराब की खेप भी पहुंच रही है। लॉकडाउन के दौरान तस्करी कई गुना तक बढ़ गई है। इसकी पुष्टि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रोज पकड़ी जा रही शराब से हो रही है।

बीते सात दिनों के आंकड़ें पर ही नजर डालें तो पुलिस ने 20 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया है। जो बाइक और कार के माध्यम से शराब लेकर जिले में दाखिल हुए हैं। इससे बड़ा सवाल बाॅर्डर पर निगरानी के दावों को लेकर खड़ा हो रहा है। इन्हीं हिस्सों में आबकारी की भी जांच चौकी मौजूद है। लेकिन ज्यादातर तस्कर शराब की खेप लेकर जिले के गांव तक दाखिल हो जा रहे हैं। जहां ग्राहक तलाशने या शराब बेचने के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रही है। लॉकडाउन में बनी तस्करी की ऐसी स्थिति ने जिला प्रशासन, आबकारी व पुलिस प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है। सामान्य दिनों में भी महाराष्ट्र से बड़ी मात्रा में शराब की खेप जिले में पहुंचती रही है, लेकिन लॉकडाउन में तस्करी और भी बढ़ गई है। जिले सहित प्रदेशभर में शराब की दुकानें बंद हैं। ऐसे में अवैध बिक्री के लिए महाराष्ट्र से शराब लेकर तस्कर जिले व प्रदेश के दूसरे हिस्सों में घुस रहे हैं। लॉकडाउन में भी शराब कोचिए सक्रिय हो गए हैं।

आसानी से एंट्री, जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल
शराब तस्कर आसानी से राज्य की सीमा पार कर रहे हैं। बागनदी, बोरतलाव, गढ़चिरौली, जंगल गातापार और साल्हेवारा के हिस्से से तस्करों की एंट्री जिले में हो रही है। इन्हीं हिस्सों में लॉकडाउन के बाद सख्ती बढ़ाने का भी दावा किया गया है। ऐसे में शराब तस्कर जिले के भीतर कैसे दाखिल हो रहे हैं, इसे लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। इन हिस्सों में माॅनिटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे अफसरों की कार्यप्रणाली व भूमिका सवाल उठ रहे हैं। जिले से होकर दुर्ग व भिलाई में भी शराब की अवैध खेप पहुंच रही है।

जिले में जब्त की गई सभी शराब महाराष्ट्र निर्मित ही
पुलिस की टीम ने अब तक जितनी भी शराब की खेप तस्करों से जब्त की है, वह सभी महाराष्ट्र निर्मित ही है। इन दिनों बड़ी मात्रा में महाराष्ट्र से शराब लेकर तस्कर पहुंच रहे हैं, जिन्हें छोटे-छोटे कोचियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में खपाया जा रहा है। तस्करी की शराब की बिक्री शुरू होने पर पुलिस को इसकी सूचना मिलती है, जिसके बाद आरोपी कोचियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सबसे से अधिक कार्रवाई छुरिया इलाके में सामने आई हैं। जहां तस्करों से लेकर कोचियों को गिरफ्तार किया गया है।

गांव-गांव में बिक रही शराब, कीमत तीन गुना ज्यादा
पुलिस व आबकारी की तमाम कार्रवाई के बाद भी गांव-गांव में शराब की अवैध बिक्री जारी है। महाराष्ट्र की संतरी शराब शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में तीन से चार गुना दाम में बिक रहे हैं। महाराष्ट्र में बिकने वाली 55 रुपए की शराब को कोचिए जिले के गांवों व शहर के कुछ हिस्सों में 200 से 300 रुपए तक में बेच रहे हैं। ज्यादातर कोचिए और तस्कर इन दिनों शराब की तस्करी के लिए जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां देर रात पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती।

महीनेभर में 70 से अधिक तस्कर व कोचिए पकड़े
शराब तस्करी और बिक्री पर हुई कार्रवाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस की टीम ने महीनेभर में 70 से अधिक शराब कोचियों और तस्करों को पकड़ा है। इसमें 20 कोचिए अंतिम सात के दिन के भीतर पकड़े गए हैं। तस्करी बढ़ने के बाद पुलिस की टीम ने धरकपड़ भी तेज की है। भिलाई के तस्कर भी हाल ही में गिरफ्तार हुए हैं।

निगरानी जारी, कोचियों पर की जा रही है कार्रवाई
जांच चौकियों के साथ-साथ आबकारी की टीम तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में तस्कर गिरफ्तार हुए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। बॉर्डर में निगरानी के लिए विशेष टीम काम कर रही है।
-नवीन प्रताप सिंह तोमर, सहायक आयुक्त आबकारी

खबरें और भी हैं...