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केंद्र की गलत आर्थिक नीति से बढ़ी महंगाई:कांग्रेस पदाधिकारियों ने मोदी सरकार की खिंचाई की, कहा- पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रहे

राजनांदगांव6 दिन पहले
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शहर कांग्रेस कमेटी ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस लेकर महंगाई के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। इस दौरान विधायक दलेश्वर साहू, महापौर हेमा देशमुख, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा, प्रदेश महामंत्री शाहिद भाई, रुपेश दुबे ने कहा कि केंद्र में बैठी नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की मूल्य नियंत्रण में असफलता, गलत आर्थिक नीति है। मोदी सरकार की पूंजीपतियों को बढ़ावा देने वाली नीति के कारण अपने चंद पूंजीपतियों मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में बेचने और ऐसी नीति, कानून बनाकर जनता पर थोपने के कार्य करने से केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बन गई है। इसलिए वस्तुओं के मूल्य नियंत्रण करने में बेबस है। इसके कारण जनता कोरोना काल में भी महंगाई की मार झेल रही है।

पेट्रोल-डीजल, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है उसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ा है। कोरोना संक्रमण काल में आम जनता अपने रोजगार धंधे से हाथ धो बैठी है। बहुतों की नौकरियां चली गई है, पारिवारिक बजट बिगड़ गया है। नोट बंदी और जीएसटी से व्यापार व्यवसाय परेशानियों से जूझ रहे है। केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन से जनता कोरोना की चपेट में आ गई लोगों की जमा पूंजी भी खत्म हो गई है। गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के घर मिट्टी तेल को ईधन के रूप में उपयोग किया जाता है।

वस्तुओं के दाम दुगुने से अधिक हुए: पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग दोगुने हो गए, रसोई गैस के दाम दोगुने हो गए, दवाईयों, खाद्य तेलों, खाद्य पदार्थों, सड़क परिवहन, रेल यात्रा, सब्जियों के दाम दोगुने हो गए। उर्वरकों के दाम बढ़ गए। एक तरफ खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े, किसानों की आमदनी घटी, खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने का फायदा बिचौलियों को मिला।

सरकार जुमलेबाजी में मस्त
सड़क परिवहन, रेल यात्रा, खाद, खाद्य तेल, खाद्य पदार्थ, सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं आज महंगाई की भेंट चढ़ गई है। इसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सर्वहारा वर्ग इस महंगाई से त्रस्त हैं उसके बाद भी केंद्र में बैठी नरेन्द्र मोदी की सरकार जुमले बाजी में मस्त है। देश में बढ़ती महंगाई का एक मात्र कारण नरेन्द्र मोदी की सरकार की कुप्रबंधन व गलत आर्थिक नीति है।

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