नए वैरिएंट की दस्तक का डर:डोंगरगांव में तीन दिन पहले छुट्टी से लौटे डॉक्टर को कोरोना, सीएससी में हड़कंप

राजनांदगांव/ डोंगरगांव2 महीने पहले
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बाजार में बेखौफ लोग, यह तस्वीर सिनेमा लाइन की है, जहां पर ज्यादातर लोग बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। - Dainik Bhaskar
बाजार में बेखौफ लोग, यह तस्वीर सिनेमा लाइन की है, जहां पर ज्यादातर लोग बिना मास्क के नजर आ रहे हैं।

कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को लेकर लोग अब गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। प्रोटोकॉल का कहीं पर भी पालन नहीं हो रहा है। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल से लेकर बाजार में भीड़ नजर आ रही है। लापरवाही ऐसी है कि लोग अब मास्क लगाना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना भूल गए हैं। यही वजह है कि मार्केट में मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री महज 15 फीसदी रह गई है। जबकि संक्रमण का खतरा टला नहीं है।

डोंगरगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। डॉक्टर तीन दिन पहले छुट्टी से लौटे थे। ओपीडी में मरीजों के संपर्क में भी आए थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे अस्पताल परिसर को सैनिटाइज करना पड़ा है। वहीं शहर के 27 लोग जो कि विदेश से लौटे थे, इनकी सैंपलिंग की जा रही है। चिंताजनक स्थिति यह है कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में ओंमिक्रॉन के केस मिले हैं। इसलिए राजनांदगांव के रहवासियों को भी अलर्ट रहना होगा, क्योंकि महाराष्ट्र से रोज सैकड़ों लोगों की राजनांदगांव में आवाजाही होती है।

विदेश से लौटे लोगों की 7 दिन बाद सैंपलिंग
कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंटरनेशनल फ्लाइट की जानकारी मंगाई जा रही है। विभाग के पास 27 नवंबर से रिपोर्ट आ रही है। इसमें 27 लोगों के विदेश से लौटने की रिपोर्ट आई है। इनमें से सात दिन पूरा कर चुके 9 यात्रियों की सैंपलिंग ली गई। इनमें से 6 की रिपोर्ट निगेटिव आई और तीन की रिपोर्ट आनी बाकी है। अन्य यात्रियों का सात दिन का होम क्वॉरेंटाइन पूरा होने के बाद सैंपल लिया जाएगा। बताया गया है कि कुछ यात्री अपनी जानकारी छुपाने में लगे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस करने के लिए हेल्थ विभाग की टीम सक्रियता से जुटी हुई है।

मास्क व सैनिटाजर का स्टॉक जाम हो गया है
कोविड काल के दौरान मेडिकल व्यवसायियों ने डिमांड को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर सहित कोरोना मरीजों को लगने वाले उपकरणों का स्टॉक मंगवाया था। बड़ी मात्रा में स्टॉक रखे गए पर अब कोविड से संबंधित सामानों की बिक्री 15 फीसदी तक सिमट गई है। दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष देवव्रत गौतम ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने के बाद लोग मास्क खरीद रहे हैं पर पहले की तरह डिमांड नहीं है। सैनिटाइजर की डिमांड बेहद कम है। इधर निजी से लेकर शासकीय संस्थाओं तक सैनिटाइजर के उपयोग को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। जो भारी पड़ सकती है।

लोग अलर्ट रहें और खुद को संक्रमण से बचाएं
डोगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ एक डॉक्टर 3 दिसंबर को छुट्टी से लौटे हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे थे। इस बीच स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर निजी लैब में सैंपल जांच के लिए भिजवाया था। 5 दिसंबर को रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया। सोमवार को पूरे स्टॉफ की सैंपलिंग ली गई। बीएमओ डॉ अशोक बंसोड़ ने बताया कि अस्पताल के अन्य डॉक्टर व स्टॉफ की आरटी-पीसीआर सैंपलिंग ली गई है। इधर सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी का कहना है कि लोग अलर्ट रहें और खुद को संक्रमण से बचाएं। वैक्सीन की दोनों डोज लगानी जरूरी है, तभी संक्रमण से बच सकेंगे।

शर्तों के साथ दी छूट
प्रशासन की ओर से शर्तों के साथ ही बाजार को खोला है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, सिनेमा हॉल, मॉल सहित अन्य संस्थान जहां पर भीड़ लगती है, वहां प्रोटोकाल का सख्ती के साथ पालन करना है पर संक्रमण दर कम होते ही संस्थानों में लापरवाही शुरू हो गई। खतरा फिर बढ़ गया है।

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