जारी है अवैध क्रॉसिंग से आवाजाही:दो बार चक्काजाम के बाद भी पार्रीनाला के पास दुर्घटना रोकने कोई भी ठोस उपाय नहीं

राजनांदगांव2 महीने पहले
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किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर फोरलेन में जाम की स्थिति बन जाती है। - Dainik Bhaskar
किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर फोरलेन में जाम की स्थिति बन जाती है।
  • पर्याप्त रोशनी नहीं, अवैध मिडिल कट को क्रॉस करने वाले नजर नहीं आते
  • आए दिन दुर्घटना होने की वजह से डरकर रास्ता क्रॉस करते हैं ग्रामीण, सोमवार को मोपेड सवार 4 लोग घायल
  • फोरलेन निर्माण कंपनी की ओर से बीच-बीच में सर्वे का दिखावा किया जा रहा, क्या होगा... नहीं बता रहे

हाइवे पर पार्रीनाला चौक डेंजर जोन बन गया है। अति दुर्घटना जन्य क्षेत्र बन गया है। यहां आए दिन दुर्घटना हो रही है पर फोरलेन निर्माण कंपनी की ओर से यहां पर ब्रेकर बनाने के अलावा और कुछ नहीं किया गया है। तीन लेयर में ऊंचा ब्रेकर बनाया गया है, जिसमें हिचकोले खाने के बाद बाइक सवार दूसरे वाहन से टकरा जा रहे हैं। ग्रामीणों को अवैध मिडिल कट से क्रॉसिंग करनी पड़ रही है।

सोमवार शाम को भी यहां पर मोपेड सवार के बीच भिड़ंत हुई। घटना में चार लोग घायल हुए। इस घटना के बाद से एक बार फिर ग्रामीणों का रोष सामने आ रहा है। इसके पहले भी ग्रामीणों की ओर से चौक डवलप करने की मांग को लेकर दो बार चक्काजाम किया जा चुका है। सबसे पहले चक्काजाम किए थे तब प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीण मान गए थे और रास्ता छोड़ दिए थे।

स्कूली बच्चों की आवाजाही: इस रास्ते से रोज स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं की भी आवाजाही होती है। समीप में ही निजी कॉलेज संचालित हैं। गांव के भाजपा के पदाधिकारी पप्पू चंद्राकर ने बताया कि फोरलेन कंपनी के अफसर केवल सर्वे कर रहे हैं।

बैठक में हुआ यह निर्णय

दूसरी बार फिर यहां एक्सीडेंट में मौत होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाइवे जाम कर दिया था तब सुबह से शाम तक यहां से आवाजाही नहीं हो पा रही थी। ग्रामीणों ने चक्काजाम कर अपनी परेशानियों को रखा था तब बैठक में सर्विस लेन और चौक डवलप कराने की मांग उठी थी। फोरलेन निर्माण कंपनी के अफसरों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में यहां पर सर्वे किया था पर किया कुछ नहीं।

स्टॉपर भी गायब हो गए

कंपनी की ओर से अवैध क्रॉसिंग के पास ही तीन लेयर में ऊंचे ब्रेकर बनवा दिए गए और कुछ दिन तक यहां पर ट्रैफिक शाखा के स्टॉपर रखे जा रहे थे पर अब फिर से पहले जैसी स्थिति बन गई है। रात को फिर से यहां पर से हैवी वाहन रफ्तार से गुजरने लगे हैं। रात को इस चौक पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं होती। इसलिए अवैध मिडिल कट को क्रॉस करने वाले नजर नहीं आते।

पूछने पर अफसर कहते हैं- सेंट्रल का मामला है

यहां फोरलेन निर्माण कंपनी के अफसरों से जब ग्रामीण पूछताछ करते हैं तो यह कहकर टाल दिया जा रहा है कि यह केन्द्रीय स्तर का मामला है। कंपनी के अफसर अब तक यही बताते आ रहे हैं कि सर्विस लेन के लिए प्रपोजल भेजा गया है जबकि पूर्व में यह बात सामने आई थी कि इसके लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है पर अब स्वीकृति का ही मामला पेंडिंग में बताया जा रहा।

पहले ग्रामीणों की मांग से अवगत करा चुके

एसडीएम मुकेश रावटे ने बताया कि एनएचएआई की ओर से पूर्व में यह जानकारी दी गई थी कि यहां पर सर्विसलेन बनाने की प्लानिंग है पर स्वीकृति की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। एनएच के अफसरों को ग्रामीणों की मांग से पहले ही अवगत करा दिया गया है।

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