राजनांदगांव में अनमोल इंडिया के डायरेक्टरों को पकड़ा गया:हैदराबाद और दिल्ली में छापे, चिटफंड कंपनियों के पांच डायरेक्टर गिरफ्तार

राजनांदगांव2 महीने पहले
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गिरफ्तार डायरेक्टरों को पुलिस ने बुधवार की शाम मीडिया के सामने पेश किया। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार डायरेक्टरों को पुलिस ने बुधवार की शाम मीडिया के सामने पेश किया।

चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भूपेश सरकार के सख्त रवैए की वजह से पुलिस ने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई और फरार डायरेक्टरों की तलाश तेज कर दी है। राजनांदगांव पुलिस ने हैदराबाद में छापे मारकर 4 साल से फरार अनमोल इंडिया एग्रो हर्बल फार्मिंग के चार डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं हैं। आरोपियों के खाते में मिले 3 करोड़ 26 लाख रुपए पुलिस ने फ्रीज कर लिए हैं।

इसी तरह, बलौदाबाजार पुलिस ने दिल्ली में छापा मारकर सनशाइन इंफ्राबिल्ड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। वह भी लंबे समय से फरार था। उसकी दो राज्यों में प्रापर्टी मिली है और पहली बार पुलिस मुख्यालय ने बाहरी राज्यों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कानूनी संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं।

राजनांदगांव और बलौदाबाजार पुलिस दोनों चिटफंड कंपनियों के आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर आ गई है। अब आरोपियों के नाम की प्रापर्टी और बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। चिटफंड कंपनियों के नाम पर भी देश में कहां-कहां इन्वेस्ट किया गया है, इसका पता लगाया जा रहा है। राजनांदगांव के एसपी डी. श्रवण ने बुधवार को बताया कि अनमोल इंडिया कंपनी के संचालकों के खिलाफ 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। कंपनी में 9 डायरेक्टर थे। कंपनी के संचालक पूरी तरह से धोखाधड़ी का कारोबार चला रहे थे।

उनके खिलाफ 2016 में केस दर्ज किया गया। उस समय दो डायरेक्टर खालिद मेमन और जुनैद मेमन को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद बाकी डायरेक्टर फरार हो गए। एसपी प्रज्ञा मेश्राम के साथ विशेष टीम बनाकर डायरेक्टरों की नए सिरे से तलाश शुरू की गई। इनपुट मिलने के बाद हैदराबाद व नारायणपुर से जावेद मेमन (45), रोजीना उर्फ सुप्रा बानो(32), नादिया बानो (34) और निलोफर बानो (33) को गिरफ्तार किया है। दूसरे जिलों की पुलिस टीम भी उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस को आरोपियों का एक बैंक खाता राजनांदगांव में ही मिल गया, जिसमें 2 करोड़ रुपए जमा हैं।

पुलिस ने बताया कि अनमोल इंडिया के खिलाफ राज्य के अलग-अलग जिलों में 21 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें 9 राजनांदगांव की हैं। जिले में कंपनी ने 5934 निवेशकों से 15 करोड़ 34 लाख रुपए ठगे, फिर डायरेक्टर फरार हो गए। अब पुलिस इनकी संपत्ति कुर्क कर नीलामी के बाद निवेशकों को राशि लौटायी जाएगी।

दो अग्रिम जमानत पर, एक मृत

अनमोल इंडिया के 9 में से दो डायरेक्टर पहले गिरफ्तार हो चुके हैं, चार की गिरफ्तारी बुधवार को की गई। एसपी ने बताया कि एक डायरेक्टर उमर मेमन की मौत हो चुकी है, वहीं शेष दो डायरेक्टर फातिमा बानो और हामिद मेमन अग्रिम जमानत पर हैं। सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं। कंपनी ने जमीन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर धंधा शुरू किया था।

13 करोड़ की ठगी कर दिल्ली में छिपा था, पकड़ा गया

अनमोल इंडिया के 9 में से दो डायरेक्टर पहले गिरफ्तार हो चुके हैं, चार की गिरफ्तारी बुधवार को की गई।
अनमोल इंडिया के 9 में से दो डायरेक्टर पहले गिरफ्तार हो चुके हैं, चार की गिरफ्तारी बुधवार को की गई।

बलौदाबाजार पुलिस ने 3 हफ्ते तक नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली में कैंप कर चिटफंड कंपनी सनशाइन इंफ्राबिल्ड के डायरेक्टर वकील सिंह बघेल को दबोचा है। आरोपी बेहद शातिर है और उसने कई राज्यों में ठगी की है। फिलहाल दिल्ली, राजस्थान, यूपी व एमपी में वह वांटेड है। एसपी आईके एलेसेला ने बताया कि सनशाइन इंफ्राबिल्ड कार्पोरेशन का डायरेक्टर वकील सिंह बघेल भिंड (मप्र) का रहने वाला है।

करोड़ों की ठगी करने के बाद वह दिल्ली के प्रीतविहार में छिपा था, वहीं से पकड़ा गया। उसने चिटफंड कंपनी खोलकर निश्चित समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया था। केवल भाटापारा ग्रामीण में ही उसके खिलाफ 22 लाख की ठगी की शिकायत है। बलौदाबाजार जिले में उसने 6 हजार लोगों ने 13 करोड़ ठगे हैं।

आरोपियों की प्रापर्टी दूसरे राज्यों में मिलने लगी इसे नीलाम करने डीजीपी- कानूनविदों में मंथन

पुलिस ने बलौदाबाजार में धोखाधड़ी करनेवाले जिस डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है, उसकी रायपुर, राजनांदगांव और धमतरी के अलावा बनारस, अलीगढ़, दिल्ली और भोपाल में काफी अचल संपत्ति का पता चला है। दूसरे राज्यों में फैली संपत्ति की कीमत करोड़ों में है। डीजीपी अशोक जुनेजा तथा राज्य के कानूनविदों ने दूसरे राज्यों की संपत्ति को यहां हुई धोखाधड़ी के मामले में नीलाम कर यहां के निवेशकों को रकम लौटाने के तरीकों पर मंथन शुरू कर दिया है।

फिलहाल यह प्रापर्टी चिह्नांकित कर कुर्क की जा रही है, लेकिन दूसरे राज्यों की संपत्ति को वहां नीलाम करवाकर उसकी रकम यहां लाने में कई तरह की पेचीदगियां हैं। पुलिस मुख्यालय के अफसरों के मुताबिक इस मुद्दे का हल जल्द निकाल लिया जाएगा और फरार डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के बाद दूसरे राज्यों में फैली इनकी संपत्ति की नीलामी से प्रदेश के ठगे गए निवेशकों को लाभ होगा।

फरार जीएन गोल्ड चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर हरियाणा से गिरफ्तार

बिलासपुर पुलिस जीएन गोल्ड चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर नरेंद्र सिंह पिता जशवंत सिंह (57 साल) को हरियाणा से गिरफ्तार कर लाई है। वह निवेशकों के करोड़ों रुपए ठगी करने के बाद हरियाणा में कबाड़ का धंधा कर रहा था। पुलिस इस कंपनी के अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा रही है। जीएन गोल्ड चिटफंड कंपनी के खिलाफ प्रदेश भर में 16 प्रकरण दर्ज है। इसी कड़ी में जीएन गोल्ड चिटफंड कंपनी के फरार आरोपी को पकड़ने के लिए दिल्ली एवं हरियाणा भेजा गया था।